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Jind News: वर्षा ऋतु बनी वरदान, आर्य समाज कालवन की पर्यावरण सरंक्षण मुहिम जोरों पर
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12जेएनडी26: पर्यावरण सरंक्षण मुहिम के तहत पौधारोपण करते हुए युवा। संवाद
नरवाना। वर्षा ऋतु जहां खेतों, पेड़ों और जलस्रोतों के लिए जीवनदायिनी बनी हुई है। आर्य समाज कालवन ने इसे पर्यावरण सरंक्षण की अनूठी मुहिम में बदल दिया है। विश्व पर्यावरण दिवस से लेकर अब तक आर्य समाज कालवन के युवाओं ने न केवल सैंकड़ों पौधे लगाए हैं, बल्कि उनका नियमित संरक्षण भी सुनिश्चित कर रहे हैं।
इस बार आर्य समाज की यह पहल सिर्फ कालवन गांव तक सीमित नहीं रही, बल्कि आस-पास के गांवों सुलहेड़ा (55 पौधे), जुलहेड़ा (45 पौधे), फुले कलां (45 पौधे) और कमालवाला (70 पौधे) तक भी पहुंची। संगठन के युवा हर दिन सुबह पांच बजे उठकर पौधारोपण व संरक्षण कार्य में जुट जाते हैं। प्रधान सोनू आर्य ने जानकारी दी कि यह पूरा अभियान नि:शुल्क चलाया जा रहा है, ताकि समाज में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक सकारात्मक संदेश जाए और यह कार्य एक जन आंदोलन का रूप ले।
बताया जा रहा है कि यह संस्था अब तक हजारों पौधे रोपित कर चुकी है और नियमित देखभाल से इनमें से अधिकांश पनप भी रहे हैं। इस अभियान का असर गांव की हरियाली और वातावरण में साफ देखा जा सकता है। यह कार्य आगामी शिवरात्रि तक जारी रहेगा। संगठन का उद्देश्य है कि आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण मिले। संगठन का मानना है कि यदि हर गांव, हर नागरिक इस दिशा में ईमानदारी से कदम उठाए, तो मौसम के असंतुलन को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
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फोटो कैप्शन
12जेएनडी26: पर्यावरण सरंक्षण मुहिम के तहत पौधारोपण करते हुए युवा। संवाद
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इस बार आर्य समाज की यह पहल सिर्फ कालवन गांव तक सीमित नहीं रही, बल्कि आस-पास के गांवों सुलहेड़ा (55 पौधे), जुलहेड़ा (45 पौधे), फुले कलां (45 पौधे) और कमालवाला (70 पौधे) तक भी पहुंची। संगठन के युवा हर दिन सुबह पांच बजे उठकर पौधारोपण व संरक्षण कार्य में जुट जाते हैं। प्रधान सोनू आर्य ने जानकारी दी कि यह पूरा अभियान नि:शुल्क चलाया जा रहा है, ताकि समाज में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक सकारात्मक संदेश जाए और यह कार्य एक जन आंदोलन का रूप ले।
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बताया जा रहा है कि यह संस्था अब तक हजारों पौधे रोपित कर चुकी है और नियमित देखभाल से इनमें से अधिकांश पनप भी रहे हैं। इस अभियान का असर गांव की हरियाली और वातावरण में साफ देखा जा सकता है। यह कार्य आगामी शिवरात्रि तक जारी रहेगा। संगठन का उद्देश्य है कि आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण मिले। संगठन का मानना है कि यदि हर गांव, हर नागरिक इस दिशा में ईमानदारी से कदम उठाए, तो मौसम के असंतुलन को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
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12जेएनडी26: पर्यावरण सरंक्षण मुहिम के तहत पौधारोपण करते हुए युवा। संवाद