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Jind News: प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे...कहीं प्रिंट कराए पेपर तो कहीं ढाई घंटे देरी से हुई परीक्षा
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25जेएनडी13: जिले के एक स्कूल के परीक्षा केंद्र में परीक्षा देते हुए विद्यार्थी। स्रोत: शिक्षक
- फोटो : 1
जींद। राजकीय स्कूलों में शुक्रवार से शुरू हुई अर्धवार्षिक परीक्षाओं के पहले ही दिन प्रश्नपत्र वितरण व्यवस्था की पोल खुल गई। जिले के कई स्कूलों में प्रश्नपत्र समय पर नहीं पहुंचने के कारण छठी से आठवीं कक्षा तक के प्रश्नपत्र शिक्षकों को खुद प्रिंट करवाने पड़े।
वहीं, नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रश्नपत्रों के इंतजार में बैठना पड़ा। इन कक्षाओं की परीक्षा निर्धारित समय के बजाय करीब ढाई घंटे की देरी से सुबह 11 बजे शुरू हो सकी। परीक्षा के पहले दिन हुई अव्यवस्था से विद्यार्थी और शिक्षक परेशान रहे।
शिक्षा विभाग की ओर से जिले के राजकीय स्कूलों में 25 सितंबर से 8 अक्तूबर तक अर्धवार्षिक परीक्षाएं आयोजित करवाई जा रही हैं। पहले दिन तीसरी कक्षा की अंग्रेजी, चौथी की ईवीएस, पांचवीं की अंग्रेजी की परीक्षा थी।
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वहीं छठी की सामाजिक विज्ञान, सातवीं की हिंदी, आठवीं की विज्ञान, नौवीं की सामाजिक विज्ञान, दसवीं की विज्ञान, 11वीं की फाइन आर्ट, संगीत व मनोविज्ञान तथा 12वीं की कंप्यूटर साइंस व भूगोल की परीक्षा थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्रों की व्यवस्था चरमराने से विभागीय तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए।
79,454 विद्यार्थी दे रहे परीक्षा, फिर भी समय पर नहीं पहुंचे प्रश्नपत्र
जिलेभर के राजकीय स्कूलों में तीसरी से 12वीं कक्षा तक के 79,454 विद्यार्थी अर्धवार्षिक परीक्षा दे रहे हैं। इनमें तीसरी कक्षा के 5,218, चौथी के 5,226, पांचवीं के 7,251, छठी के 7,938, सातवीं के 8,753, आठवीं के 9,106, नौवीं के 9,337, दसवीं के 9,147, 11वीं के 8,670 और 12वीं के 8,308 विद्यार्थी शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की परीक्षा के बावजूद पहले दिन प्रश्नपत्रों का समय पर स्कूलों तक नहीं पहुंचना व्यवस्था की गंभीर खामी के रूप में सामने आया।
पहले ही पता चल गई थी समस्या, फिर भी नहीं हुआ समाधान
उनके कार्यकाल में इस तरह की परेशानी पहली बार सामने आई है। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्रों के वितरण में जिला स्तर पर लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि समस्या की जानकारी एक दिन पहले ही हो गई थी लेकिन समय रहते समाधान नहीं किया गया। खंड कार्यालयों में प्रश्नपत्र वीरवार को पहुंच गए थे लेकिन वहां से अलग-अलग स्कूलों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने में देरी हुई। कई स्कूलों में ज्यादा संख्या में पेपर की पीडीएफ मंगवाकर प्रिंट करवाए गए। परिणाम यह रहा कि कुछ स्कूलों में परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी और शिक्षकों को तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी।
आज इन विषयों की होगी परीक्षा
आगामी कार्यक्रम के अनुसार 26 सितंबर को छठी कक्षा की चित्रकला व संगीत, सातवीं की गृह विज्ञान व कृषि, आठवीं की हिंदी, नौवीं की एनएसक्यूएफ, दसवीं की संस्कृत, पंजाबी व उर्दू, 11वीं की समाजशास्त्र, बिजनेस स्टडीज व रसायन विज्ञान तथा 12वीं की गणित, जीव विज्ञान, राजनीतिक विज्ञान व पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की परीक्षा होगी। तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षा की अगली परीक्षा 28 सितंबर को क्रमश: हिंदी, गणित और हिंदी विषय की होगी।
बॉक्स
प्रश्नपत्र वीरवार शाम तक ब्लॉक स्तर पर पहुंच गए थे लेकिन स्कूलों तक पहुंचाने में समय लगा। जहां पर्याप्त प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे वहां से रिपोर्ट ली जाएगी। प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों की परीक्षा बाद में निर्धारित मूल्यांकन शुरू होने से पहले या प्रतियोगिता के तुरंत बाद कराई जा सकती है। वरिष्ठ माध्यमिक कक्षाओं में विषय संयोजन के अनुसार आवश्यक बदलाव भी किया जा सकता है। -सरोज श्योकंद, खंड शिक्षा अधिकारी
जिला शिक्षा अधिकारी ने नहीं किया फोन रिसीव
परीक्षा को लेकर सामने आई अव्यवस्था और प्रश्नपत्र वितरण में देरी के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी मुन्नी देवी का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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वहीं, नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रश्नपत्रों के इंतजार में बैठना पड़ा। इन कक्षाओं की परीक्षा निर्धारित समय के बजाय करीब ढाई घंटे की देरी से सुबह 11 बजे शुरू हो सकी। परीक्षा के पहले दिन हुई अव्यवस्था से विद्यार्थी और शिक्षक परेशान रहे।
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शिक्षा विभाग की ओर से जिले के राजकीय स्कूलों में 25 सितंबर से 8 अक्तूबर तक अर्धवार्षिक परीक्षाएं आयोजित करवाई जा रही हैं। पहले दिन तीसरी कक्षा की अंग्रेजी, चौथी की ईवीएस, पांचवीं की अंग्रेजी की परीक्षा थी।
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वहीं छठी की सामाजिक विज्ञान, सातवीं की हिंदी, आठवीं की विज्ञान, नौवीं की सामाजिक विज्ञान, दसवीं की विज्ञान, 11वीं की फाइन आर्ट, संगीत व मनोविज्ञान तथा 12वीं की कंप्यूटर साइंस व भूगोल की परीक्षा थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्रों की व्यवस्था चरमराने से विभागीय तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए।
79,454 विद्यार्थी दे रहे परीक्षा, फिर भी समय पर नहीं पहुंचे प्रश्नपत्र
जिलेभर के राजकीय स्कूलों में तीसरी से 12वीं कक्षा तक के 79,454 विद्यार्थी अर्धवार्षिक परीक्षा दे रहे हैं। इनमें तीसरी कक्षा के 5,218, चौथी के 5,226, पांचवीं के 7,251, छठी के 7,938, सातवीं के 8,753, आठवीं के 9,106, नौवीं के 9,337, दसवीं के 9,147, 11वीं के 8,670 और 12वीं के 8,308 विद्यार्थी शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की परीक्षा के बावजूद पहले दिन प्रश्नपत्रों का समय पर स्कूलों तक नहीं पहुंचना व्यवस्था की गंभीर खामी के रूप में सामने आया।
पहले ही पता चल गई थी समस्या, फिर भी नहीं हुआ समाधान
उनके कार्यकाल में इस तरह की परेशानी पहली बार सामने आई है। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्रों के वितरण में जिला स्तर पर लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि समस्या की जानकारी एक दिन पहले ही हो गई थी लेकिन समय रहते समाधान नहीं किया गया। खंड कार्यालयों में प्रश्नपत्र वीरवार को पहुंच गए थे लेकिन वहां से अलग-अलग स्कूलों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने में देरी हुई। कई स्कूलों में ज्यादा संख्या में पेपर की पीडीएफ मंगवाकर प्रिंट करवाए गए। परिणाम यह रहा कि कुछ स्कूलों में परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी और शिक्षकों को तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी।
आज इन विषयों की होगी परीक्षा
आगामी कार्यक्रम के अनुसार 26 सितंबर को छठी कक्षा की चित्रकला व संगीत, सातवीं की गृह विज्ञान व कृषि, आठवीं की हिंदी, नौवीं की एनएसक्यूएफ, दसवीं की संस्कृत, पंजाबी व उर्दू, 11वीं की समाजशास्त्र, बिजनेस स्टडीज व रसायन विज्ञान तथा 12वीं की गणित, जीव विज्ञान, राजनीतिक विज्ञान व पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की परीक्षा होगी। तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षा की अगली परीक्षा 28 सितंबर को क्रमश: हिंदी, गणित और हिंदी विषय की होगी।
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प्रश्नपत्र वीरवार शाम तक ब्लॉक स्तर पर पहुंच गए थे लेकिन स्कूलों तक पहुंचाने में समय लगा। जहां पर्याप्त प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे वहां से रिपोर्ट ली जाएगी। प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों की परीक्षा बाद में निर्धारित मूल्यांकन शुरू होने से पहले या प्रतियोगिता के तुरंत बाद कराई जा सकती है। वरिष्ठ माध्यमिक कक्षाओं में विषय संयोजन के अनुसार आवश्यक बदलाव भी किया जा सकता है। -सरोज श्योकंद, खंड शिक्षा अधिकारी
जिला शिक्षा अधिकारी ने नहीं किया फोन रिसीव
परीक्षा को लेकर सामने आई अव्यवस्था और प्रश्नपत्र वितरण में देरी के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी मुन्नी देवी का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।