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Jind News: अनाजमंडी में खरीद बंद, धान लाए किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़े रहे बाहर
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13जेएनडी21: मंडी के गेट पर लगाया गया ताला। संवाद
जींद। शहर की अनाजमंडी में धान की आवक ज्यादा व उठान कम होने के कारण किसानों व आढ़तियों को पिछले एक सप्ताह से ज्यादा परेशानी बनी हुई थी। इसके कारण आढ़तियों की फड़ पर धान उतारने के लिए स्थान नहीं बचा था। इसको देखते हुए बुधवार को मंडी में खरीद बंद करके उठान का निर्णय लिया गया। इसके तहत देर रात तक 1.25 लाख क्विंटल धान का उठान करवाया गया।
कुछ किसान सुबह ही मंडी में धान बेचने के लिए ट्रैक्टर ट्रालियां लेकर पहुंच गए थे। इससे पहले मंडी प्रशासन ने सभी गेट पर ताले लगाकर सुरक्षा कर्मी खड़े किए थे। किसानों ने आढ़तियों व गेट पर खड़े सुरक्षा कर्मियों से मंडी में प्रवेश के लिए गुहार भी लगाई, लेकिन काम नहीं आई। इसके चलते अधिकतर किसान धान को वापस लेकर जाने के लिए मजबूर हुए। धान के उठान के लिए मंडी के अंदर ट्रक, ट्रालों व ट्रैक्टर ट्रालियों की भीड़ दिनभर लगी रही। उठान शुरू होने से पहले मंडी में ट्रैक्टर ट्राॅलियों का निकलना तो दूर पैदल चलने के लिए भी रास्ता कम पड़ रहा था। मंडी से धान लोड कर बाहर निकल रहे ट्रक देखते हुए कुछ किसानों ने जबरदस्ती मंडी में धान डालने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा कर्मियों व आढ़ती यूनियन ने समझाकर वापस भेज दिया। कुछ किसानों ने इसको लेकर बहस भी की। इसके बावजूद भी मंडी में प्रवेश नहीं हो सका। शहर की अनाज मंडी में प्रतिदिन 80 हजार क्विंटल धान की आवक होती थी। इसके विपरित उठान 30 से 35 हजार क्विंटल तक होता था। इस कारण मंडी में लगातार धान बढ़ती जा रही थी और अब किसानों को धान डालने के लिए जगह नहीं बची थी।
बाक्स
मंडी में दिनभर हुआ उठान, नहीं हुई खरीद
मंडी में बुधवार को धान की खरीद बंद कर उठान का काम शुरू करवाया था। दिनभर मंडी से धान का उठान हुआ। किसानों की ट्रालियों का मंडी में प्रवेश बंद करवाया गया था। इसके लिए तीनों गेट बंद कर सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया था। दिनभर में लगभग सवा लाख क्विंटल धान का उठान हुआ।
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-संजीव जांगड़ा मार्केट कमेटी सचिव जींद।
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कुछ किसान सुबह ही मंडी में धान बेचने के लिए ट्रैक्टर ट्रालियां लेकर पहुंच गए थे। इससे पहले मंडी प्रशासन ने सभी गेट पर ताले लगाकर सुरक्षा कर्मी खड़े किए थे। किसानों ने आढ़तियों व गेट पर खड़े सुरक्षा कर्मियों से मंडी में प्रवेश के लिए गुहार भी लगाई, लेकिन काम नहीं आई। इसके चलते अधिकतर किसान धान को वापस लेकर जाने के लिए मजबूर हुए। धान के उठान के लिए मंडी के अंदर ट्रक, ट्रालों व ट्रैक्टर ट्रालियों की भीड़ दिनभर लगी रही। उठान शुरू होने से पहले मंडी में ट्रैक्टर ट्राॅलियों का निकलना तो दूर पैदल चलने के लिए भी रास्ता कम पड़ रहा था। मंडी से धान लोड कर बाहर निकल रहे ट्रक देखते हुए कुछ किसानों ने जबरदस्ती मंडी में धान डालने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा कर्मियों व आढ़ती यूनियन ने समझाकर वापस भेज दिया। कुछ किसानों ने इसको लेकर बहस भी की। इसके बावजूद भी मंडी में प्रवेश नहीं हो सका। शहर की अनाज मंडी में प्रतिदिन 80 हजार क्विंटल धान की आवक होती थी। इसके विपरित उठान 30 से 35 हजार क्विंटल तक होता था। इस कारण मंडी में लगातार धान बढ़ती जा रही थी और अब किसानों को धान डालने के लिए जगह नहीं बची थी।
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मंडी में दिनभर हुआ उठान, नहीं हुई खरीद
मंडी में बुधवार को धान की खरीद बंद कर उठान का काम शुरू करवाया था। दिनभर मंडी से धान का उठान हुआ। किसानों की ट्रालियों का मंडी में प्रवेश बंद करवाया गया था। इसके लिए तीनों गेट बंद कर सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया था। दिनभर में लगभग सवा लाख क्विंटल धान का उठान हुआ।
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-संजीव जांगड़ा मार्केट कमेटी सचिव जींद।

13जेएनडी21: मंडी के गेट पर लगाया गया ताला। संवाद