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Jind News: चावल मिल अलॉट नहीं होने से अटकी थी खरीद, डिप्टी स्पीकर ने शुरू करवाई पीआर धान की खरीद
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06जेएनडी17: जींद अनाजमंडी में डिप्टी स्पीकर पीआर धान की ढेरी में नमी की मात्रा की जांच करवाते ह
जींद। नई अनाज मंडी में खरीद आदेश जारी होने के एक सप्ताह बाद भी पीआर धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई थी। मंगलवार को डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा मंडी पहुंचे और किसानों व आढ़तियों से खरीद की समस्या जानी। अधिकारियों से बातचीत के बाद उन्होंने अपने सामने धान की नमी की जांच करवाकर निर्धारित मानकों पर खरी उतरने वाली 251 क्विंटल धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद शुरू करवाई।
दोपहर में मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे डॉ. मिड्ढा को आढ़तियों ने बताया कि हैफेड को पीआर धान की खरीद के आदेश मिले करीब एक सप्ताह बीत चुका है लेकिन अब तक चावल मिल अलॉट नहीं होने के कारण खरीद और उठान की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।
किसानों की परेशानी को देखते हुए डिप्टी स्पीकर ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मुख्यालय के उच्चाधिकारी से फोन पर बातचीत की। उन्होंने चावल मिल जल्द अलॉट करने के निर्देश दिए ताकि मंडी में धान की खरीद के साथ उसका उठान भी शुरू हो सके।
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बाजरे की ढेरी भी जांची
डॉ. मिड्ढा ने मंडी में बाजरे की ढेरी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से खरीद मानकों की जानकारी ली और कहा कि निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरने वाले बाजरे की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित की जाएगी। किसानों को किसी तरह की परेशानी न होने दें।
अधिकारी के देरी से पहुंचने पर जताई नाराजगी
मंडी दौरे के दौरान डिप्टी स्पीकर ने गेट नंबर-2 स्थित अटल कैंटीन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कैंटीन में बैठकर खाना खाया और भोजन की गुणवत्ता के साथ व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक राजेश आर्य के देरी से पहुंचने पर डॉ. मिड्ढा ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारी से पूछा कि जब समय पर पहुंचने की जानकारी दी गई थी तो देरी क्यों हुई। इस पर अधिकारी ने बताया कि डीएम के आने के कारण उन्हें कुछ काम में लगना पड़ा था। मौके पर डीसी डॉ. वैशाली शर्मा, एसडीएम सत्यवान मान, डीएफएससी राजेश आर्य, हैफेड के डीएम अनुराग गुप्ता, प्रबंधक रतनदीप, मार्केट कमेटी अध्यक्ष मनीष उर्फ बबलू गोयल, सचिव संजीव जांगड़ा, आढ़ती और किसान मौजूद रहे।
नमी जांची तो तीनों ढेर सरकारी मानकों पर खरे उतरे
डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा किसानों की पीआर धान के तीन ढेरों पर पहुंचे। उन्होंने अपने सामने डिजिटल नमी मापक मशीन से धान की जांच करवाई। एक ढेर में 15, दूसरे में 14 और तीसरे में 12 प्रतिशत नमी मिली। धान में निर्धारित अधिकतम 17 प्रतिशत नमी सीमा से कम नमी मिलने पर डॉ. मिड्ढा ने हैफेड अधिकारियों को नियमानुसार खरीद के निर्देश दिए। इसके बाद तीनों ढेरों से करीब 251 क्विंटल धान की एमएसपी पर खरीद हुई।
सीमावर्ती जिलों के किसानों को जींद मंडी में फसल लाने की अनुमति की मांग
आढ़ती वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान दलशेर रेढू, प्रवक्ता संदीप मेर, द न्यू फूडग्रेन डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान जगदीश भारद्वाज ने दूसरे जिलों के सीमावर्ती गांवों के किसानों की पीआर धान भी जींद मंडी में खरीदने की अनुमति देने की मांग डिप्टी स्पीकर के सामने रखी। उन्होंने बताया कि प्याऊ माजरा, कागसर, मिर्चपुर और राजथल समेत कई गांव प्रशासनिक रूप से दूसरे जिलों में आते हैं लेकिन जींद मंडी नजदीक होने के कारण इन गांवों के किसान वर्षों से अपनी फसल यहीं लेकर आते रहे हैं। इस बार उन्हें दूसरी मंडियों में फसल ले जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जा चुका है। वहीं, डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने भी किसानों की समस्या को सरकार के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।
खरीद शुरू हुई लेकिन बारदाने और उठान की चुनौती बरकरार
मंडी में पीआर धान की खरीद शुरू होने के बाद भी किसानों और आढ़तियों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई। मंगलवार को खरीदी गई करीब 251 क्विंटल धान के लिए बारदाना उपलब्ध नहीं हो सका। इसके चलते धान मंडी में ही पड़ा रहा। आढ़तियों ने जल्द बारदाना उपलब्ध करवाकर धान की पैकिंग और तौल कराने की मांग की। साथ ही उठान की व्यवस्था तत्काल करने की मांग उठाई, क्योंकि धूप में फसल पड़े रहने से वजन घटने की आशंका है।
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दोपहर में मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे डॉ. मिड्ढा को आढ़तियों ने बताया कि हैफेड को पीआर धान की खरीद के आदेश मिले करीब एक सप्ताह बीत चुका है लेकिन अब तक चावल मिल अलॉट नहीं होने के कारण खरीद और उठान की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।
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किसानों की परेशानी को देखते हुए डिप्टी स्पीकर ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मुख्यालय के उच्चाधिकारी से फोन पर बातचीत की। उन्होंने चावल मिल जल्द अलॉट करने के निर्देश दिए ताकि मंडी में धान की खरीद के साथ उसका उठान भी शुरू हो सके।
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बाजरे की ढेरी भी जांची
डॉ. मिड्ढा ने मंडी में बाजरे की ढेरी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से खरीद मानकों की जानकारी ली और कहा कि निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरने वाले बाजरे की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित की जाएगी। किसानों को किसी तरह की परेशानी न होने दें।
अधिकारी के देरी से पहुंचने पर जताई नाराजगी
मंडी दौरे के दौरान डिप्टी स्पीकर ने गेट नंबर-2 स्थित अटल कैंटीन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कैंटीन में बैठकर खाना खाया और भोजन की गुणवत्ता के साथ व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक राजेश आर्य के देरी से पहुंचने पर डॉ. मिड्ढा ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारी से पूछा कि जब समय पर पहुंचने की जानकारी दी गई थी तो देरी क्यों हुई। इस पर अधिकारी ने बताया कि डीएम के आने के कारण उन्हें कुछ काम में लगना पड़ा था। मौके पर डीसी डॉ. वैशाली शर्मा, एसडीएम सत्यवान मान, डीएफएससी राजेश आर्य, हैफेड के डीएम अनुराग गुप्ता, प्रबंधक रतनदीप, मार्केट कमेटी अध्यक्ष मनीष उर्फ बबलू गोयल, सचिव संजीव जांगड़ा, आढ़ती और किसान मौजूद रहे।
नमी जांची तो तीनों ढेर सरकारी मानकों पर खरे उतरे
डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा किसानों की पीआर धान के तीन ढेरों पर पहुंचे। उन्होंने अपने सामने डिजिटल नमी मापक मशीन से धान की जांच करवाई। एक ढेर में 15, दूसरे में 14 और तीसरे में 12 प्रतिशत नमी मिली। धान में निर्धारित अधिकतम 17 प्रतिशत नमी सीमा से कम नमी मिलने पर डॉ. मिड्ढा ने हैफेड अधिकारियों को नियमानुसार खरीद के निर्देश दिए। इसके बाद तीनों ढेरों से करीब 251 क्विंटल धान की एमएसपी पर खरीद हुई।
सीमावर्ती जिलों के किसानों को जींद मंडी में फसल लाने की अनुमति की मांग
आढ़ती वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान दलशेर रेढू, प्रवक्ता संदीप मेर, द न्यू फूडग्रेन डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान जगदीश भारद्वाज ने दूसरे जिलों के सीमावर्ती गांवों के किसानों की पीआर धान भी जींद मंडी में खरीदने की अनुमति देने की मांग डिप्टी स्पीकर के सामने रखी। उन्होंने बताया कि प्याऊ माजरा, कागसर, मिर्चपुर और राजथल समेत कई गांव प्रशासनिक रूप से दूसरे जिलों में आते हैं लेकिन जींद मंडी नजदीक होने के कारण इन गांवों के किसान वर्षों से अपनी फसल यहीं लेकर आते रहे हैं। इस बार उन्हें दूसरी मंडियों में फसल ले जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जा चुका है। वहीं, डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने भी किसानों की समस्या को सरकार के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।
खरीद शुरू हुई लेकिन बारदाने और उठान की चुनौती बरकरार
मंडी में पीआर धान की खरीद शुरू होने के बाद भी किसानों और आढ़तियों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई। मंगलवार को खरीदी गई करीब 251 क्विंटल धान के लिए बारदाना उपलब्ध नहीं हो सका। इसके चलते धान मंडी में ही पड़ा रहा। आढ़तियों ने जल्द बारदाना उपलब्ध करवाकर धान की पैकिंग और तौल कराने की मांग की। साथ ही उठान की व्यवस्था तत्काल करने की मांग उठाई, क्योंकि धूप में फसल पड़े रहने से वजन घटने की आशंका है।