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Jind News: सांसों पर लगातार बढ़ती जा रही आफ्त, एक्यूआई पहुंचा 428

Sun, 05 Nov 2023 12:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Sun, 05 Nov 2023 12:18 AM IST
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Problems on breathing are increasing continuously, AQI reached 428
जींद। जिले में लगातार खतरनाक स्तर पर चल रहे वायु प्रदूषण के कारण अब लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी है। शनिवार को नागरिक अस्पताल 100 सांस के रोगी पहुंचे तथा 200 लोग आंखों में जलन की शिकायत लेकर आए। इन लोगों की आंखें लाल हो गई हैं तथा संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। शनिवार को जिले में औसतन एक्यूआई 428 दर्ज किया गया। दिनभर में यह अधिकतम 500 तथा न्यूनतम 337 तक रहा। लोगों को अब आशंका होने लगी है कि यदि इस समय यह हाल है तो फिर दिवाली पर सांस लेना भी मुश्किल हो जाएगा। वहीं प्रशासन इस पर कोई कदम नहीं उठा रहा है। शहर में अब न तो पानी का छिड़काव किया जा रहा है और न ही निर्माण कार्यों पर रोक लगाई जा रही है।
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नवंबर माह से जींद का एक्यूआई 400 से ऊपर ही चल रहा है और शनिवार को यह एक्यूआई बढ़ कर 428 तक पहुंच गया जोकि डार्क रेड जोन की श्रेणी में आता है। यह सेहत के लिए बहुत हानिकारक हैं। इससे सांस के रोगियों को परेशानी लगातार बढ़ रही है साथ ही आखों में भी जलन के मामले में लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में चिकित्सकों ने सलाह दी है कि सांस के रोगी सुबह व शाम के समय सैर न करें और छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखें। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 401 से 500 तक यदि वायु प्रदूषण का स्तर पहुंच जाए तो यह काफी घातक साबित हो सकता है। इस स्तर के वायु प्रदूषण के कारण पहले से बीमार व्यक्ति की मौत भी हो सकती है या फिर उसके फेफड़ों पर विपरीत असर पर पड़ता है। इस वायु प्रदूषण के स्तर से स्वस्थ लोग भी बीमार पड़ सकते हैं। अस्थमा रोगियों के लिए तो यह जहर के समान है।
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बॉक्स
तिथि
एक्यूआई (पीएम 2.5)
चार नवंबर
428
तीन नवंबर
447
दो नवंबर

412
एक नवंबर
407
नागरिक अस्पताल में बढ़ने लगे सांस व आंखों की जलन के रोगी
शनिवार को नागरिक अस्पताल में अन्य दिनों के मुकाबले कम ओपीडी होती है। सोमवार से बुधवार तक अस्पताल में 1700 से 1800 तक ओपीडी पहुंच जाती है। शनिवार तक यह घटकर 1200 तक आ जाती है। शनिवार को नागरिक अस्पताल में 100 सांस से संबंधित बीमारियों के रोगी पहुंचे, वहीं आंखों की जलन के 200 मामले पहुंचे। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गीतांशु ने कहा कि लोगों को दिन में कम से कम पांच-छह बार अपनी आंखों में पानी के छींटे मारने चाहिएं।
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घर से बाहर निकलते मास्क का अवश्य प्रयोग करें : डाॅ. भोला
डिप्टी एमएस डाॅ. राजेश भोला ने कहा कि वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक स्थिति में है। जो लोग सांस की बीमारी से ग्रस्त हैं, वह घर से बाहर नहीं निकले। इसके अलावा जो लोग घर से बाहर निकलते हैं, उनको मास्क का प्रयोग करना चाहिए। अस्पताल में सांस के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। सुबह व शाम की सैर भी लोगों को नहीं करनी चाहिए।
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