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Jind News: खेल जगत में पहचान की मोहताज नहीं हैं प्रियंका

Sun, 15 Mar 2026 01:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Sun, 15 Mar 2026 01:34 AM IST
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Priyanka is not in need of recognition in the sports world.
14जेएनडी02: ​प्रियंका ​खिलाड़ी। - फोटो : जनता ढाबा पर कोयले की भट्टी पर भोजन बनाता कारीगर।
जींद। जिले के गांव घिमाना की बेटी प्रियंका कालीरामन आज पहचान की मोहताज नहीं हैं। वर्ष 2014 में खेल की शुरुआत करने वाली प्रियंका ने मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास के दम पर राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन किया है।
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वर्तमान में वह इंडियन रेलवे (दिल्ली) की टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। कई बड़े टूर्नामेंट में भारत की ओर से खेल चुकी हैं। प्रियंका कालीरामन अब तक करीब दस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और 25 राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग ले चुकी हैं। उन्होंने देशभर में आयोजित कई ओपन हैंडबॉल टूर्नामेंट में भी हिस्सा लिया है।
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उनकी खेल यात्रा सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रही है। वर्ष 2022 में चीन के हांगझोऊ में आयोजित 19वें एशियन गेम्स में भारतीय टीम ने पांचवां स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा उन्होंने कजाकिस्तान में आयोजित 16वीं एशियन वूमेन जूनियर हैंडबॉल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। जीत के साथ टीम ने वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई किया था।
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प्रियंका 2022 में स्लोवेनिया में आयोजित 23वीं आईएचएफ वूमेन अंडर-20 हैंडबॉल वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इसके अलावा कोरिया में 19वीं एशियन वूमेन हैंडबॉल चैंपियनशिप, जापान में पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए एशियन क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट और जॉर्डन के अम्मान में आयोजित वेस्ट एशियन वूमेन चैंपियनशिप में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक जीता।
हाल ही में ओमान में आयोजित 10वीं एशियन बीच हैंडबॉल चैंपियनशिप 2025 में भारतीय टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं 2024 में कजाकिस्तान में आयोजित 7वीं एशियन वूमेन क्लब लीग चैंपियनशिप में भी प्रियंका ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। प्रियंका की इस सफलता के पीछे उनके परिवार और कोच का बड़ा योगदान है।

उन्होंने बताया कि उन्हें खेलों में आने की प्रेरणा बड़ी बहन पूजा से मिली। पिता शिक्षक हैं। परिवार ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। उनके कोच लेफ्टिनेंट सतबीर खटकर और चिराग ढांडा के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी प्रतिभा को निखारा। प्रियंका का सपना है कि वह भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करती रहें।
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