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Jind News: नियम को ताक पर रखकर दौड़ रहीं निजी स्कूल बसें
Mon, 23 Dec 2024 11:41 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 23 Dec 2024 11:41 PM IST
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23जेएनडी03-शहर से गुजर रही एक निजी स्कूल की बस। संवाद
जींद। प्रदेश सरकार के सख्त निर्देश के बाद भी निजी स्कूल बसों को नियमों को ताक पर रखकर दौड़ाया जा रहा है। इससे बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है।
कई निजी स्कूल की बसें बिना फिटनेस के चल रही हैं। अधिकांश स्कूली बसों में बच्चों को ठूंस-ठूंसकर भर दिया जाता है। स्कूल बस के लिए निर्धारित गति सीमा 40 किलोमीटर प्रतिघंटा है,
लेकिन सड़कों पर इनको इससे ज्यादा गति से दौड़ाया जाता है। बसों की खिड़कियों में शीशे के साथ जाली नहीं लगी है। रफ्तार डिवाइस यंत्र नहीं लगा है। वाहनों में आग बुझाने के यंत्र नहीं लगे हैं। बस के दरवाजे में मजबूत लॉक का होना जरूरी है, जोकि नहीं है।
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जिले के कई निजी स्कूलों में भाड़े पर वाहन चलाए जा रहे हैं। इनका रंग भी पीला नहीं है। ऐसे वाहनों में कर्कश हॉर्न लगे होते हैं, जो रास्तों से गुजरने वाले यात्रियों के लिए भले ही परेशान करने वाला न हो, लेकिन बसों में सवार बच्चे अपने कान बंद करने पर जरूर मजबूर हो जाते हैं। अभिभावकों से बच्चों को घर से स्कूल लाने व भेजने के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती हो, लेकिन दो सीट पर चार-चार बच्चे तक बैठाए जाते हैं।
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कई निजी स्कूल की बसें बिना फिटनेस के चल रही हैं। अधिकांश स्कूली बसों में बच्चों को ठूंस-ठूंसकर भर दिया जाता है। स्कूल बस के लिए निर्धारित गति सीमा 40 किलोमीटर प्रतिघंटा है,
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लेकिन सड़कों पर इनको इससे ज्यादा गति से दौड़ाया जाता है। बसों की खिड़कियों में शीशे के साथ जाली नहीं लगी है। रफ्तार डिवाइस यंत्र नहीं लगा है। वाहनों में आग बुझाने के यंत्र नहीं लगे हैं। बस के दरवाजे में मजबूत लॉक का होना जरूरी है, जोकि नहीं है।
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जिले के कई निजी स्कूलों में भाड़े पर वाहन चलाए जा रहे हैं। इनका रंग भी पीला नहीं है। ऐसे वाहनों में कर्कश हॉर्न लगे होते हैं, जो रास्तों से गुजरने वाले यात्रियों के लिए भले ही परेशान करने वाला न हो, लेकिन बसों में सवार बच्चे अपने कान बंद करने पर जरूर मजबूर हो जाते हैं। अभिभावकों से बच्चों को घर से स्कूल लाने व भेजने के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती हो, लेकिन दो सीट पर चार-चार बच्चे तक बैठाए जाते हैं।

23जेएनडी03-शहर से गुजर रही एक निजी स्कूल की बस। संवाद