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जिला जेल में बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, जेल प्रशासन पर लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप

Tue, 01 Jun 2021 11:13 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 01 Jun 2021 11:13 PM IST
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Prisoner dies in suspicious circumstances in district jail, jail administration charged with negligence in treatment
आत्महत्या के लिए मजबूर करने और धोखाधड़ी के मामले में 22 माह से जिला जेल में बंदी बड़ौदा निवासी धर्मेंद्र की मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बंदी की तबीयत बिगड़ने के बाद जेल प्रशासन उसे नागरिक अस्पताल लेकर गया, जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेल में बंदी की मौत का कारण जेल प्रशासन ने हृदय गति रुकना बताया है तो परिजन ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
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सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में शशिपाल ने बताया कि उसका भाइ 22 माह से जिला जेल में बंद था। उसका मामला अदालत में चल रहा था। 22 दिन पहले उसके भाई की जेल में तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उसकी जांच करवाई गई तो वह नौ मई को कोरोना पॉजिटिव मिला था। इस दौरान उसे जेल में बेहतर इलाज नहीं दिया गया। 12 मई को जेल प्रशासन ने उसको कोरोना की वैक्सीन लगवा दी। इसके बाद उसकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ और वह लगातार बीमार रहने लगा। शशिपाल ने कहा कि नियमानुसार कोरोना संक्रमित को ठीक होने के तीन महीने बाद कोरोना की वैक्सीन लगानी चाहिए थी। वैक्सीन लगवाने से उसे भाई को शारीरिक नुकसान हुआ। उसने आरोप लगाया कि जेल में चिकित्सक नहीं होने पर एक बंदी से उसका इलाज करवाया गया। बंदी ने ही उसके भाई को टीका लगाया था। शशिपाल ने जेल प्रशासन पर भाई के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
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रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई
मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। परिजनों ने आरोप लगाए हैं। ऐसे में रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। हरिओम, सिविल लाइन थाना प्रभारी, जींद
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जेल प्रशासन पर आरोप निराधार : बुधवार
जेल में बंदी की मौत होने पर परिजनों ने जो आरोप लगाया है वह निराधार है। जेल में आठ मई को कोरोना संक्रमण की जांच करवाई गई थी। इसमें धर्मेेेंद्र की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इसके बाद 28 मई को उसे कोरोना की वैक्सीन लगी थी। जेल में इलाज के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चलेगा। -संजीव, जेल अधीक्षक, जींद।
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