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Jind News: एफएलएन से जुड़ेंगे प्राइमरी स्कूल के बच्चे
Sat, 17 Feb 2024 12:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 17 Feb 2024 12:55 AM IST
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16जेएनडी33: राजेश वशिष्ठ।
जींद। प्राइमरी स्तर पर ही विद्यार्थियों को अधिक क्रिएटिव बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने अच्छी पहल शुरू की है। जिसके तहत इन बच्चों को कम आयु में ही समूह में कार्य करवाना, प्रोजेक्ट कार्य, प्रश्नोत्तरी, रोल प्ले, खेल, मौखिक-लिखत प्रस्तुतिकरण जैसी गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। इससे इन विद्यार्थियों में बेहतर करने की क्षमता पैदा होगी। जिसके लिए इसी सत्र से चौथी और पांचवीं कक्षा में मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता से जोड़ा जाएगा। इसके तहत विद्यार्थियों को शारीरिक विकास, अभिव्यक्ति, क्रिएटीविटी, अपनी भावनाओं को समझना, अभिव्यक्त करना जैसी भावना पैदा की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने एफएलएन (मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता) के तहत प्री स्कूलिंग को बेहतर बनाने के लिए यह कवायद शुरू की है। पिछले साल पहली से तीसरी कक्षा को एफएलएन के तहत जोड़ा था। अब इस शिक्षा सत्र से चौथी से पांचवीं कक्षा को भी जोड़ा जाएगा। इस तरह तीन से नौ साल की उम्र तक के बच्चों की बुनियादी पढ़ाई पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। नई शिक्षा नीति के तहत एफएलएन कार्यक्रम में बच्चों में प्रवाह और सटीकता के साथ 45-60 शब्द प्रति मिनट पढ़ पाने की क्षमता विकसित की जाएगी। दैनिक जीवन से जुड़े प्रश्नों का उत्तर देना, 3-4 वाक्यों वाले पैराग्राफ पढ़कर प्रश्नों के उत्तर देने, सिखाए गए अक्षरों की पहचान, सरल वाक्य वाले शब्दों को सटीकता के साथ पढ़ पाने की समझ पैदा की जाएगी।
खेल-खेल में प्राथमिक शिक्षा दी जाएगी
प्राइमरी की चौथी व पांचवीं कक्षा को एफएलएन के तहत शामिल किया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों को खेल-खेल में प्राथमिक शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाना है। इसके बाद शिक्षक विद्यार्थियों को बेहतर तरीके से पढ़ा पाएंगे और विद्यार्थियों की विभिन्न विषयों पर बेहतर पकड़ होगी। -राजेश वशिष्ठ, एफएलएन जिला को ऑर्डिनेटर।
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शिक्षा विभाग ने एफएलएन (मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता) के तहत प्री स्कूलिंग को बेहतर बनाने के लिए यह कवायद शुरू की है। पिछले साल पहली से तीसरी कक्षा को एफएलएन के तहत जोड़ा था। अब इस शिक्षा सत्र से चौथी से पांचवीं कक्षा को भी जोड़ा जाएगा। इस तरह तीन से नौ साल की उम्र तक के बच्चों की बुनियादी पढ़ाई पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। नई शिक्षा नीति के तहत एफएलएन कार्यक्रम में बच्चों में प्रवाह और सटीकता के साथ 45-60 शब्द प्रति मिनट पढ़ पाने की क्षमता विकसित की जाएगी। दैनिक जीवन से जुड़े प्रश्नों का उत्तर देना, 3-4 वाक्यों वाले पैराग्राफ पढ़कर प्रश्नों के उत्तर देने, सिखाए गए अक्षरों की पहचान, सरल वाक्य वाले शब्दों को सटीकता के साथ पढ़ पाने की समझ पैदा की जाएगी।
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खेल-खेल में प्राथमिक शिक्षा दी जाएगी
प्राइमरी की चौथी व पांचवीं कक्षा को एफएलएन के तहत शामिल किया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों को खेल-खेल में प्राथमिक शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाना है। इसके बाद शिक्षक विद्यार्थियों को बेहतर तरीके से पढ़ा पाएंगे और विद्यार्थियों की विभिन्न विषयों पर बेहतर पकड़ होगी। -राजेश वशिष्ठ, एफएलएन जिला को ऑर्डिनेटर।

16जेएनडी33: राजेश वशिष्ठ।
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