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Jind News: महाशिवरात्रि पर्व को श्रद्धा से मनाने के लिए मंदिरों में तैयारी हुई शुरू
Mon, 24 Feb 2025 12:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 24 Feb 2025 12:22 AM IST
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23जेएनडी07: महाशिवरात्रि पर्व को लेकर जयंती देवी मंदिर में शिवलिंग का किया गया श्रृंगार। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
जींद। महाशिवरात्रि पर्व को श्रद्धा के साथ मनाने के लिए मंदिरों में तैयारी शुरू हो गई। इस बार महाशिवरात्रि का पर्व 26 फरवरी को मनाया जाएगा। भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का महाशिवरात्रि सबसे बड़ा पर्व है। इस बार महाशिवरात्रि पर श्रवण नक्षत्र का संयोग बन रहा है। जयंती देवी मंदिर में रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा मंदिर में विशेष सजावट की जाएगी। मंदिर में चार पहर की पूजा रहेगी और पूरा दिन यज्ञ व संकीर्तन होंगे। शिवलिंग को विशेष रूप से सजाया जाएगा। हर प्रहर में बेलपत्र शिवलिंग पर चढ़ाए जाएंगे। फलाहार का प्रसाद प्रभु को भोग लगेगा। श्रवण नक्षत्र इस दिन सुबह से लेकर शाम 5:08 बजे तक प्रभावी रहेगा। इसी दिन बुध, शनि और सूर्य तीनों कुंभ राशि में विराजमान होंगे। ऐसे में बुधादित्य योग, त्रिग्रही योग का निर्माण हो रहा है। यह दिन खासतौर पर भगवान शिव की पूजा के लिए होता है और इस दिन शिवलिंग की पूजा करने का बहुत महत्व माना जाता है।
मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव-माता पार्वती का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। महाशिवरात्रि को परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए श्रद्धालु निर्जला व्रत रखते हैं। महाशिवरात्रि के व्रत को अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है। महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करना बहुत ही शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही सभी दुखों का भी विनाश होता है। माना जाता है कि शिवरात्रि के विशेष अवसर पर शिवलिंग पर घी अर्पित करने से वंश में वृद्धि हो सकती है। बेलपत्र को शिव की पूजा में जरूरी माना गया है। ऐसे में यदि महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाते हैं, तो इससे व्यक्ति के भाग्य में वृद्धि होती है।
जलाभिषेक के लिए शुभ समय
प्रात:कालीन मुहूर्त: 6:47 बजे से 9:42 बजे तक।
मध्यान्ह मुहूर्त : 11:06 बजे से 12:35 बजे तक।
संध्याकालीन मुहूर्त : 3:25 बजे से 6:08 बजे तक।
रात्रिकालीन मुहूर्त : 8:54 बजे से 12:01 बजे तक।
शहर के प्रमुख मंदिरों में महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियां शुरू
शहर के मुख्य मंदिरों में 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ऐतिहासिक जयंती देवी मंदिर, प्राचीन भुतेश्वर मंदिर सफीदों गेट, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी रामा कृष्णा मंदिर, पटियाला चौक स्थित शिव मंदिर, सैनी धर्मशाला स्थित शिव मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, रघुनाथ मंदिर में जलाभिषेक को लेकर विशेष आयोजन किए जाएंगे।
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मंदिर में हर वर्ष की तरह इस बार भी रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा। मंदिर में विशेष सजावट की जाएगी। मंदिर पूरा दिन जलाभिषेक के लिए खुला रहेगा। मंदिर में हजारों शिवभक्त चल चढ़ाने के आते हैं। इसके अलावा मंदिर में चार पहर की पूजा रहेगी और पूरा दिन यज्ञ व संकीर्तन होंगे। शिवलिंग को विशेष रूप से सजाया जाएगा। हर प्रहर में बेलपत्र शिवलिंग पर चढ़ाए जाएंगे। फलाहार का प्रसाद प्रभु को भोग लगेगा।
-- नवीन शास्त्री, पुजारी जयंती देवी मंदिर।
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मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव-माता पार्वती का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। महाशिवरात्रि को परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए श्रद्धालु निर्जला व्रत रखते हैं। महाशिवरात्रि के व्रत को अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है। महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करना बहुत ही शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही सभी दुखों का भी विनाश होता है। माना जाता है कि शिवरात्रि के विशेष अवसर पर शिवलिंग पर घी अर्पित करने से वंश में वृद्धि हो सकती है। बेलपत्र को शिव की पूजा में जरूरी माना गया है। ऐसे में यदि महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाते हैं, तो इससे व्यक्ति के भाग्य में वृद्धि होती है।
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जलाभिषेक के लिए शुभ समय
प्रात:कालीन मुहूर्त: 6:47 बजे से 9:42 बजे तक।
मध्यान्ह मुहूर्त : 11:06 बजे से 12:35 बजे तक।
संध्याकालीन मुहूर्त : 3:25 बजे से 6:08 बजे तक।
रात्रिकालीन मुहूर्त : 8:54 बजे से 12:01 बजे तक।
शहर के प्रमुख मंदिरों में महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियां शुरू
शहर के मुख्य मंदिरों में 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ऐतिहासिक जयंती देवी मंदिर, प्राचीन भुतेश्वर मंदिर सफीदों गेट, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी रामा कृष्णा मंदिर, पटियाला चौक स्थित शिव मंदिर, सैनी धर्मशाला स्थित शिव मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, रघुनाथ मंदिर में जलाभिषेक को लेकर विशेष आयोजन किए जाएंगे।
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मंदिर में हर वर्ष की तरह इस बार भी रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा। मंदिर में विशेष सजावट की जाएगी। मंदिर पूरा दिन जलाभिषेक के लिए खुला रहेगा। मंदिर में हजारों शिवभक्त चल चढ़ाने के आते हैं। इसके अलावा मंदिर में चार पहर की पूजा रहेगी और पूरा दिन यज्ञ व संकीर्तन होंगे। शिवलिंग को विशेष रूप से सजाया जाएगा। हर प्रहर में बेलपत्र शिवलिंग पर चढ़ाए जाएंगे। फलाहार का प्रसाद प्रभु को भोग लगेगा।

23जेएनडी07: महाशिवरात्रि पर्व को लेकर जयंती देवी मंदिर में शिवलिंग का किया गया श्रृंगार। संवाद- फोटो : सांकेतिक