{"_id":"6615871687b77c89e3097383","slug":"preparation-to-run-roadways-buses-for-shimla-dharamshala-and-baijnath-jind-news-c-199-1-sroh1006-115495-2024-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: शिमला, धर्मशाला और बैजनाथ के लिए रोडवेज की बसें चलाने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: शिमला, धर्मशाला और बैजनाथ के लिए रोडवेज की बसें चलाने की तैयारी
Tue, 09 Apr 2024 11:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 09 Apr 2024 11:51 PM IST
विज्ञापन
09जेएनडी10-सामान्य बस अड्डा, जहां से हिमाचल प्रदेश के लिए बसें चलेंगी। संवाद
जींद। रोडवेज डिपो शिमला से जुड़ेगा। ऐसा होने से जींद के लोगों को शिमला के लिए सीधी रोडवेज बस सेवा मिलेगी। इतना ही नहीं जींद डिपो की बसें शिमला के अलावा धर्मशाला और बैजनाथ तक भी जाएंगी। ऐसे में जींद के लोग धार्मिक और पर्यटन स्थल पर आ-जा सकेंगे। इसको लेकर जींद डिपो प्रबंधन ने सरकार से शिमला, धर्मशाला और बैजनाथ रूट के लिए परमिट देने की मांग की है। अब हरियाणा और हिमाचल प्रदेश सरकार इन रूटों पर परमिट देने के लिए समझौता करेगी। समझौता होने के बाद इन रूटों पर रोडवेज बसें दौड़ने लगेंगी। हालांकि इस कार्य को पूरा होने में अभी दो महीने से अधिक का समय लगेगा, क्योंकि लोकसभा चुनाव की वजह से आचार संहिता लागू है। ऐसे में यह कार्य अब चुनाव होने और केंद्र की अगली सरकार बनने के बाद ही पूरा हो पाएगा।
यदि इन रूटों पर दोनों सरकारों के बीच समझौता हो गया तो जींद समेत कैथल, पेहवा (कुरुक्षेत्र), इस्माइलाबाद, अंबाला, चंडीगढ़ के यात्रियों को भी फायदा होगा। अभी जींद से रोडवेज बसें चंडीगढ़ तक जाती हैं। उससे आगे शिमला या धर्मशाला जाने के लिए लिए यात्रियों को बस बदलनी पड़ती है। संवाद
पंजाब, यूपी, दिल्ली, राजस्थान और उत्तराखंड जा रही बसें
जींद डिपो की बसें अन्य प्रदेशों तक अपनी सेवाएं दे रही हैं। डिपो की बसें पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड तक जाती हैं। रोडवेज बसें प्रतिदिन मथुरा, ऋषिकेश, श्रीगंगानगर, सालासर, लधियाना, पटियाला, दिल्ली जैसे लंबे रूटों पर आवागमन करती हैं। इससे जींद के लोग प्रतिदिन इन लंबे रूटों पर अप-डाउन करते हैं।
विज्ञापन
समझौता नहीं होने से अटका खाटू श्याम रूट
जींद-खाटूश्याम रूट एक साल से भी ज्यादा समय से बंद पड़ा है। उससे पहले जींद डिपो की बस प्रतिदिन बाबा खाटूश्याम जाती थी। काफी संख्या में श्रद्धालु बाबा खाटूश्याम के दर्शन करने के लिए जाते थे, लेकिन एक साल से बस का परिचालन बंद है। इससे श्रद्धालुओं को खाटूश्याम जाने में परेशानी हो रही है। जींद डिपो ने इस रूट को दोबारा बहाल करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन दोनों प्रदेशों के होने वाले समझौते के बीच यह रूट अटका हुआ है।
डिपो ने शिमला, धर्मशाला और बैजनाथ रूट पर बस चलाने के लिए परमिट मांगे हैं। दोनों प्रदेशों के बीच रूटों को लेकर समझौता होने के बाद बसों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। -राजकपूर लाठर, मुख्य निरीक्षक, रोडवेज डिपो जींद।
विज्ञापन
यदि इन रूटों पर दोनों सरकारों के बीच समझौता हो गया तो जींद समेत कैथल, पेहवा (कुरुक्षेत्र), इस्माइलाबाद, अंबाला, चंडीगढ़ के यात्रियों को भी फायदा होगा। अभी जींद से रोडवेज बसें चंडीगढ़ तक जाती हैं। उससे आगे शिमला या धर्मशाला जाने के लिए लिए यात्रियों को बस बदलनी पड़ती है। संवाद
विज्ञापन
पंजाब, यूपी, दिल्ली, राजस्थान और उत्तराखंड जा रही बसें
जींद डिपो की बसें अन्य प्रदेशों तक अपनी सेवाएं दे रही हैं। डिपो की बसें पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड तक जाती हैं। रोडवेज बसें प्रतिदिन मथुरा, ऋषिकेश, श्रीगंगानगर, सालासर, लधियाना, पटियाला, दिल्ली जैसे लंबे रूटों पर आवागमन करती हैं। इससे जींद के लोग प्रतिदिन इन लंबे रूटों पर अप-डाउन करते हैं।
विज्ञापन
समझौता नहीं होने से अटका खाटू श्याम रूट
जींद-खाटूश्याम रूट एक साल से भी ज्यादा समय से बंद पड़ा है। उससे पहले जींद डिपो की बस प्रतिदिन बाबा खाटूश्याम जाती थी। काफी संख्या में श्रद्धालु बाबा खाटूश्याम के दर्शन करने के लिए जाते थे, लेकिन एक साल से बस का परिचालन बंद है। इससे श्रद्धालुओं को खाटूश्याम जाने में परेशानी हो रही है। जींद डिपो ने इस रूट को दोबारा बहाल करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन दोनों प्रदेशों के होने वाले समझौते के बीच यह रूट अटका हुआ है।
डिपो ने शिमला, धर्मशाला और बैजनाथ रूट पर बस चलाने के लिए परमिट मांगे हैं। दोनों प्रदेशों के बीच रूटों को लेकर समझौता होने के बाद बसों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। -राजकपूर लाठर, मुख्य निरीक्षक, रोडवेज डिपो जींद।

09जेएनडी10-सामान्य बस अड्डा, जहां से हिमाचल प्रदेश के लिए बसें चलेंगी। संवाद