{"_id":"69e6851e4bc343177a059d12","slug":"power-went-out-twice-in-10-minutes-treatment-administered-by-the-light-of-a-mobile-phone-torch-jind-news-c-199-1-sroh1009-152007-2026-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: 10 मिनट में दो बार गुल हुई बिजली, मोबाइल टॉर्च की रोशनी में किया उपचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: 10 मिनट में दो बार गुल हुई बिजली, मोबाइल टॉर्च की रोशनी में किया उपचार
विज्ञापन
20जेएनडी22: नागरिक अस्पताल में लाइट जाने के बाद चिकित्सक के कमरे में छाया अंधेरा। संवाद
जींद। नागरिक अस्पताल में सोमवार को महज 10 मिनट के भीतर दो बार बिजली गुल होने से अस्पताल की उपचार व्यवस्था प्रभावित हो गई और चिकित्सकीय प्रक्रियाएं बीच में ही रोकनी पड़ीं। अंधेरे में मोबाइल की टॉर्च जलाकर चिकित्सकों को उपचार करना पड़ा। अव्यवस्थित बिजली आपूर्ति से मरीजों और चिकित्सकों को परेशानी झेलनी पड़ी।
अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे अजय, सुनील, मुकेश, महिला रोशनी, गीता ने बताया कि वह उपचार के लिए आए थे। वार्ड में अंधेरा होने के कारण उन्हें परेशानी हुई। खासकर डेंटल विभाग में चल रहे उपचार को भी चिकित्सकों ने बीच में ही रोकना पड़ा।
बिजली नहीं होने के कारण मशीन बंद हो गई और मरीजों के दांतों की फिलिंग व सफाई काम रुक गया। इसी तरह इमरजेंसी में चलने वाली मशीन भी बंद हो गई।
इसके अलावा एक्स-रे व अन्य काम भी बिजली गुल होने से बंद हो गए। अस्पताल कर्मियों के अनुसार बार-बार बिजली जाने से न केवल काम प्रभावित होता है, बल्कि गंभीर मरीजों के इलाज में भी जोखिम बढ़ जाता है। हालांकि अस्पताल में जनरेटर की व्यवस्था है लेकिन अचानक बिजली कटने के दौरान कुछ समय के लिए सेवाएं प्रभावित हो जाती हैं।
विज्ञापन
मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की है ताकि उपचार में किसी प्रकार की बाधा न आए। उनका कहना है कि अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण जगह पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बाक्स
कुछ समय के लिए बिजली गुल हो गई थी। बिजली जाने के बाद जनरेटर की सुविधा अस्पताल में है। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी गई। -डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।
विज्ञापन
अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे अजय, सुनील, मुकेश, महिला रोशनी, गीता ने बताया कि वह उपचार के लिए आए थे। वार्ड में अंधेरा होने के कारण उन्हें परेशानी हुई। खासकर डेंटल विभाग में चल रहे उपचार को भी चिकित्सकों ने बीच में ही रोकना पड़ा।
विज्ञापन
बिजली नहीं होने के कारण मशीन बंद हो गई और मरीजों के दांतों की फिलिंग व सफाई काम रुक गया। इसी तरह इमरजेंसी में चलने वाली मशीन भी बंद हो गई।
इसके अलावा एक्स-रे व अन्य काम भी बिजली गुल होने से बंद हो गए। अस्पताल कर्मियों के अनुसार बार-बार बिजली जाने से न केवल काम प्रभावित होता है, बल्कि गंभीर मरीजों के इलाज में भी जोखिम बढ़ जाता है। हालांकि अस्पताल में जनरेटर की व्यवस्था है लेकिन अचानक बिजली कटने के दौरान कुछ समय के लिए सेवाएं प्रभावित हो जाती हैं।
विज्ञापन
मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की है ताकि उपचार में किसी प्रकार की बाधा न आए। उनका कहना है कि अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण जगह पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बाक्स
कुछ समय के लिए बिजली गुल हो गई थी। बिजली जाने के बाद जनरेटर की सुविधा अस्पताल में है। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी गई। -डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।

20जेएनडी22: नागरिक अस्पताल में लाइट जाने के बाद चिकित्सक के कमरे में छाया अंधेरा। संवाद