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Jind News: पोल वाल्ट की ट्रायल में नहीं लिए खिलाड़ी
Wed, 22 Nov 2023 12:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 22 Nov 2023 12:05 AM IST
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सफीदों। हरियाणा में प्रदेश स्तरीय खेलो महाकुंभ के लिए जिला जींद की टीमें तैयार करने को सोमवार को नरवाना के खेल स्टेडियम में खिलाड़ियों के चयन को ट्रायल प्रक्रिया हुई।
इस प्रक्रिया में एथलीट कोच संजय पर आरोप है कि उन्होंने सफीदों के बहादुरगढ़ की शहीद भगतसिंह अकादमी के तीन खिलाड़ियों हर्ष (15), दीपांशु (14) व हर्षिता (14) को ट्रायल में शामिल नहीं किया जो पोल वाल्ट मुकाबले में भाग लेने के इच्छुक थे। इस गांव से इसके लिए गए चार बच्चों में केवल एक गौरव (18) को ही ट्रायल मे लिया गया है। बच्चों ने नरवाना से लौटकर कोच पर उन्हें हतोत्साहित करने का आरोप भी लगाया। इस गांव के नरिंदर ने बताया कि उसके बेटे हर्ष ने जुलाई माह में आयोजित जिला स्तरीय खेलकूद में पोल वाल्ट में पहला पुरस्कार लिया था और उसकी बेटी दीपांशु ही दूसरे स्थान पर रही थी। इन्होंने पिछले दिनों आयोजित प्रदेश स्तरीय पोल वाल्ट में भी भाग लिया। उसने सवाल किया कि जिला मे पहला स्थान लेने वालों को प्रदेश में नहीं खिलाएंगे तो किस दरवाजे से कौन खिलाड़ी मैदान में जाएगा।
नरेंद्र ने कहा कि इन खिलाड़ियों को वंचित करने की साजिश यह है कि किन्हीं चहेतों को खिलाड़ी बनाकर राज्य स्तरीय मैदान में उतार दिया जाएगा और इसका नाजायज फायदा उन्हें यह होगा कि बिना जिला खेले जिला की टीम में प्रदेश स्तरीय मुकाबलों में भाग लेने का प्रमाणपत्र मिल जाएगा। उसने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री को भेजी है। इस मामले में कोच संजय ने कहा कि ये खेल सीनियर वर्ग के हैं जबकि ये बालक छोटे हैं। बड़ी उम्र वालों के साथ भिडेंंगे तो गंभीर चोट लग सकती है।
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इस प्रक्रिया में एथलीट कोच संजय पर आरोप है कि उन्होंने सफीदों के बहादुरगढ़ की शहीद भगतसिंह अकादमी के तीन खिलाड़ियों हर्ष (15), दीपांशु (14) व हर्षिता (14) को ट्रायल में शामिल नहीं किया जो पोल वाल्ट मुकाबले में भाग लेने के इच्छुक थे। इस गांव से इसके लिए गए चार बच्चों में केवल एक गौरव (18) को ही ट्रायल मे लिया गया है। बच्चों ने नरवाना से लौटकर कोच पर उन्हें हतोत्साहित करने का आरोप भी लगाया। इस गांव के नरिंदर ने बताया कि उसके बेटे हर्ष ने जुलाई माह में आयोजित जिला स्तरीय खेलकूद में पोल वाल्ट में पहला पुरस्कार लिया था और उसकी बेटी दीपांशु ही दूसरे स्थान पर रही थी। इन्होंने पिछले दिनों आयोजित प्रदेश स्तरीय पोल वाल्ट में भी भाग लिया। उसने सवाल किया कि जिला मे पहला स्थान लेने वालों को प्रदेश में नहीं खिलाएंगे तो किस दरवाजे से कौन खिलाड़ी मैदान में जाएगा।
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नरेंद्र ने कहा कि इन खिलाड़ियों को वंचित करने की साजिश यह है कि किन्हीं चहेतों को खिलाड़ी बनाकर राज्य स्तरीय मैदान में उतार दिया जाएगा और इसका नाजायज फायदा उन्हें यह होगा कि बिना जिला खेले जिला की टीम में प्रदेश स्तरीय मुकाबलों में भाग लेने का प्रमाणपत्र मिल जाएगा। उसने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री को भेजी है। इस मामले में कोच संजय ने कहा कि ये खेल सीनियर वर्ग के हैं जबकि ये बालक छोटे हैं। बड़ी उम्र वालों के साथ भिडेंंगे तो गंभीर चोट लग सकती है।
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