अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जहां सत्ता से जुड़े सांसद, मंत्री और विधायक योग दिवस पर शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए योग का संदेश दे रहे थे। वहीं जींद के लघुसचिवालय के बाहर पिछले सात दिनों से क्रमिक अनशन कर रहे बैठे शारीरिक शिक्षक ों ने काला दिवस करार देकर सरकार के प्रति रोष प्रकट किया। हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के बैनर तले चले सातवें दिन क्रमिक अनशन की अध्यक्षता रोहतास रंगा ने की। इस मौके पर सर्वकर्मचारी संघ हरियाणा के वरिष्ठ नेता डॉ. राजबीर बेरवाल ने धरने पर आकर अनशनकारियों को माला पहनाकर हक की लड़ाई में पूर साथ देने का ऐलान किया। बेरवाल ने कहा कि हरियाणा सरकार निजीकरण और छंटनीकरण की सोच पर काम कर रही है। सरकार की ऐसी कार्यप्रणाली का जमकर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार बर्खास्त शारीरिक शिक्षकों को बहाल करें, अन्यथा कर्मचारी वर्ग व्यापक सतर पर आंदोलन छेड़ने का काम करेगा। हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के राज्य उपप्रधान वजीर सिंह गांगोली ने कहा कि सरकार उनकी आवाज को डंडों से दबाने का प्रयास कर रही है, किंतु रोजगार छीने जाने से दर्द में आए 1983 शिक्षक तब तक आंदोलन चलाएंगे, जब तक उनकी सांस में सांस है। इसलिए सरकार या तो उनका रोजगार वापस कर दें अन्यथा आंदोलन झेलने के लिए तैयार रहे। योग शिक्षक संघ के प्रधान नवनीत ने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही कर्मचारी विरोधी नीतियों का डटकर मुकाबला होगा। इसलिए उन्होंने शारीरिक शिक्षकों के साथ योग दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया है। इस अवसर पर विद्यालय संघ के अध्यक्ष महेंद्र गौतम, सतेंद्र, रोहताश आसन, पूर्व मंत्री सत्यनायारण लाठर के बेटे मोहित लाठर, सुरेंद्र डीपी, आजाद, सुरेंद्र दबलैन मौजूद रहे।