{"_id":"6ae3927ca7c79794760decfd","slug":"permits-for-private-buses-on-35-rural-routes-put-on-hold-application-process-suspended-jind-news-c-199-1-sroh1006-162921-2026-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: 35 ग्रामीण रूटों पर निजी बसों के परमिट पर ब्रेक, आवेदन प्रक्रिया स्थगित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: 35 ग्रामीण रूटों पर निजी बसों के परमिट पर ब्रेक, आवेदन प्रक्रिया स्थगित
विज्ञापन
फोटो 29जेएनडी07-बस अड्डा जींद, जहां से निजी बसों को विभिन्न रूटों पर चलाया जाना था। संवाद
जींद। संशोधित स्टेज कैरिज स्कीम के तहत 35 ग्रामीण रूटों पर निजी बसों के परमिट जारी करने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। राज्य परिवहन आयुक्त ने आवेदन आमंत्रित करने संबंधी 26 अगस्त और 30 सितंबर को जारी पत्र वापस लेने के आदेश दिए हैं। इससे परमिट के लिए आवेदन करने की तैयारी कर रहे लोगों को अब नए आदेशों का इंतजार करना पड़ेगा।
विभाग ने अभी आवेदन की नई तारीख या आगे की प्रक्रिया को लेकर कोई कार्यक्रम जारी नहीं किया है। संशोधित स्टेज कैरिज स्कीम के तहत ग्रामीण रूटों पर निजी बसों के संचालन के लिए आवेदन मांगे गए थे। पहले आवेदन की अंतिम तारीख 30 सितंबर निर्धारित की गई थी जिसे बाद में बढ़ाकर छह नवंबर कर दिया गया था। अब राज्य परिवहन आयुक्त के आदेश के बाद आवेदन प्रक्रिया पर आगामी आदेशों तक रोक लगा दी गई है।
नई योजना के तहत पिल्लूखेड़ा से रोहतक वाया धड़ौली, ललितखेड़ा, नंदगढ़, लिजवाना और जुलाना; जींद से हांसी वाया ईक्कस, रामराय, गुलकनी, राजथल और नारनौंद; नरवाना से नारनौंद वाया उचाना कलां, भौंगरा, बुडायन, कापड़ो, खेड़ी चौपटा और राखी तथा नरवाना से जींद वाया डूमरखां, सफाखेड़ी, उचाना कलां, खटकड़ और झांझ जैसे रूट शामिल थे।
विज्ञापन
जिले में 400 से अधिक आवेदन पहुंचे
एक सितंबर से अब तक जिले में 400 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके थे। परमिट के लिए प्रति आवेदन 25 हजार रुपये की गैर-वापसी योग्य फीस निर्धारित की गई थी। आवेदकों को जरूरी जानकारी प्रपत्र-1 में भरकर जमा करवानी थी। आवेदनों को प्राप्त करने, उनकी जांच और प्रक्रिया पूरी करने के लिए जिला परिवहन अधिकारी की ओर से विशेष टीम गठित की गई थी। इसमें एडीटीओ, एमवीओ, टीआई, टीएसआई और जरूरत के अनुसार अन्य कर्मचारी शामिल थे।
जिले में परिवहन समितियों की 162 बसें चल रहीं
वर्तमान में जिले में परिवहन समितियों की 162 बसें विभिन्न रूटों पर चल रही हैं। इनमें नरवाना रूट पर 31, असंध रूट पर 16, गोहाना-बरवाला रूट पर 19, हांसी रूट पर 26, पुंडरी रूट पर तीन, जींद-पानीपत रूट पर 26, पिल्लूखेड़ा-रोहतक रूट पर पांच, नरवाना-हांसी रूट पर पांच, नरवाना-कैथल रूट पर 24 और नरवाना-हिसार रूट पर 20 बसें शामिल हैं।
वर्जन
फिलहाल आवेदन प्रक्रिया पर आगामी आदेशों तक रोक है। नए निर्देश जारी होने पर आवेदकों को इसकी जानकारी दी जाएगी। अब परमिट के इच्छुक आवेदकों को विभाग के अगले आदेशों का इंतजार करना होगा। -बलजीत सिंह, निरीक्षक, आरटीए कार्यालय जींद
विज्ञापन
विभाग ने अभी आवेदन की नई तारीख या आगे की प्रक्रिया को लेकर कोई कार्यक्रम जारी नहीं किया है। संशोधित स्टेज कैरिज स्कीम के तहत ग्रामीण रूटों पर निजी बसों के संचालन के लिए आवेदन मांगे गए थे। पहले आवेदन की अंतिम तारीख 30 सितंबर निर्धारित की गई थी जिसे बाद में बढ़ाकर छह नवंबर कर दिया गया था। अब राज्य परिवहन आयुक्त के आदेश के बाद आवेदन प्रक्रिया पर आगामी आदेशों तक रोक लगा दी गई है।
विज्ञापन
नई योजना के तहत पिल्लूखेड़ा से रोहतक वाया धड़ौली, ललितखेड़ा, नंदगढ़, लिजवाना और जुलाना
विज्ञापन
जिले में 400 से अधिक आवेदन पहुंचे
एक सितंबर से अब तक जिले में 400 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके थे। परमिट के लिए प्रति आवेदन 25 हजार रुपये की गैर-वापसी योग्य फीस निर्धारित की गई थी। आवेदकों को जरूरी जानकारी प्रपत्र-1 में भरकर जमा करवानी थी। आवेदनों को प्राप्त करने, उनकी जांच और प्रक्रिया पूरी करने के लिए जिला परिवहन अधिकारी की ओर से विशेष टीम गठित की गई थी। इसमें एडीटीओ, एमवीओ, टीआई, टीएसआई और जरूरत के अनुसार अन्य कर्मचारी शामिल थे।
जिले में परिवहन समितियों की 162 बसें चल रहीं
वर्तमान में जिले में परिवहन समितियों की 162 बसें विभिन्न रूटों पर चल रही हैं। इनमें नरवाना रूट पर 31, असंध रूट पर 16, गोहाना-बरवाला रूट पर 19, हांसी रूट पर 26, पुंडरी रूट पर तीन, जींद-पानीपत रूट पर 26, पिल्लूखेड़ा-रोहतक रूट पर पांच, नरवाना-हांसी रूट पर पांच, नरवाना-कैथल रूट पर 24 और नरवाना-हिसार रूट पर 20 बसें शामिल हैं।
वर्जन
फिलहाल आवेदन प्रक्रिया पर आगामी आदेशों तक रोक है। नए निर्देश जारी होने पर आवेदकों को इसकी जानकारी दी जाएगी। अब परमिट के इच्छुक आवेदकों को विभाग के अगले आदेशों का इंतजार करना होगा। -बलजीत सिंह, निरीक्षक, आरटीए कार्यालय जींद