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Jind News: सीआईए स्टाफ गली में अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम को लोगों ने रोका, बिना कार्रवाई लौटा अमला
Thu, 22 May 2025 01:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 22 May 2025 01:21 AM IST
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नरवाना। बुधवार को नगर परिषद का अमला सीआईए स्टाफ गली में अवैध चबूतरे और रैंप हटाने पहुंचा। वहां पर लोगों के विरोध और रिकॉर्ड दिखाने की मांग पर कार्रवाई अधूरी रह गई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट हरिओम नरवाल के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम जेसीबी व भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची थी, लेकिन भारी विरोध के चलते टीम को वापस लौटना पड़ा।
गैबी साहब के सामने से शुरू हुई कार्रवाई में सबसे पहले एक मकान की पैमाइश करवाई गई, जो सही मिली। इसके बाद जब अमला गली के कोने की ओर बढ़ा तो वहां लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने अधिकारियों से पूछा कि किस आधार पर चबूतरों और रैंप को अवैध माना गया है। रिकॉर्ड दिखाने की मांग पर नप के अधिकारी कोई ठोस जवाब नहीं दे सके। स्थानीय निवासियों ने बताया कि उनके मकान रजिस्ट्री हुए हैं और निर्माण वैध है। गली की चौड़ाई को लेकर भी भ्रम की स्थिति सामने आई।
लोगों के अनुसार गली 16 फुट की है, जबकि रिकॉर्ड में यह 11 फुट दर्ज है। ऐसे में मौके पर जमकर बहसबाजी हुई और पुलिस के साथ हल्की झड़प जैसी स्थिति बन गई। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासनिक अमला बिना कोई कार्रवाई किए मौके से लौट गया। मामले में नगर परिषद के सचिव संदीप कुमार ने कहा कि सीएम विंडो पर मिली शिकायत के बाद अमला भेजा गया था, लेकिन पटवारी की रिपोर्ट में कोई स्पष्ट अतिक्रमण नहीं पाया गया। इसी कारण टीम को लौटना पड़ा।
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सीएम विंडो पर हुई थी शिकायत
सीआई स्टाफ गली में रहने वाले एडवोकेट सुरेंद्र चहल, मनीष शर्मा व अन्य लोगों ने सीएम विंडो पर शिकायत दी थी कि गली में बिना अनुमति रैंप और सीढ़ियां बनाई गईं हैं। इस शिकायत पर नगर परिषद ने 30 जनवरी को 45 नोटिस जारी किए थे। शांतिपूर्ण कार्रवाई के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट व पुलिस बल की मांग की गई थी।
वर्जनटीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी। कुछ लोगों ने कहा कि उनके मकान रजिस्ट्री पर बने हैं। गली की चौड़ाई को लेकर भी भ्रम रहा। जब अतिक्रमण स्पष्ट नहीं हुआ तो कार्रवाई रोक दी गई।
हरिओम नरवाल, एसडीओ व ड्यूटी मजिस्ट्रेट, नरवाना
सीएम विंडो से शिकायत मिली थी। पटवारी से रिपोर्ट करवाई गई, जिसमें अतिक्रमण की पुष्टि नहीं हुई। इसी कारण अमला लौट आया।
संदीप कुमार, सचिव, नगर परिषद, नरवाना
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गैबी साहब के सामने से शुरू हुई कार्रवाई में सबसे पहले एक मकान की पैमाइश करवाई गई, जो सही मिली। इसके बाद जब अमला गली के कोने की ओर बढ़ा तो वहां लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने अधिकारियों से पूछा कि किस आधार पर चबूतरों और रैंप को अवैध माना गया है। रिकॉर्ड दिखाने की मांग पर नप के अधिकारी कोई ठोस जवाब नहीं दे सके। स्थानीय निवासियों ने बताया कि उनके मकान रजिस्ट्री हुए हैं और निर्माण वैध है। गली की चौड़ाई को लेकर भी भ्रम की स्थिति सामने आई।
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लोगों के अनुसार गली 16 फुट की है, जबकि रिकॉर्ड में यह 11 फुट दर्ज है। ऐसे में मौके पर जमकर बहसबाजी हुई और पुलिस के साथ हल्की झड़प जैसी स्थिति बन गई। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासनिक अमला बिना कोई कार्रवाई किए मौके से लौट गया। मामले में नगर परिषद के सचिव संदीप कुमार ने कहा कि सीएम विंडो पर मिली शिकायत के बाद अमला भेजा गया था, लेकिन पटवारी की रिपोर्ट में कोई स्पष्ट अतिक्रमण नहीं पाया गया। इसी कारण टीम को लौटना पड़ा।
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सीएम विंडो पर हुई थी शिकायत
सीआई स्टाफ गली में रहने वाले एडवोकेट सुरेंद्र चहल, मनीष शर्मा व अन्य लोगों ने सीएम विंडो पर शिकायत दी थी कि गली में बिना अनुमति रैंप और सीढ़ियां बनाई गईं हैं। इस शिकायत पर नगर परिषद ने 30 जनवरी को 45 नोटिस जारी किए थे। शांतिपूर्ण कार्रवाई के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट व पुलिस बल की मांग की गई थी।
वर्जनटीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी। कुछ लोगों ने कहा कि उनके मकान रजिस्ट्री पर बने हैं। गली की चौड़ाई को लेकर भी भ्रम रहा। जब अतिक्रमण स्पष्ट नहीं हुआ तो कार्रवाई रोक दी गई।
हरिओम नरवाल, एसडीओ व ड्यूटी मजिस्ट्रेट, नरवाना
सीएम विंडो से शिकायत मिली थी। पटवारी से रिपोर्ट करवाई गई, जिसमें अतिक्रमण की पुष्टि नहीं हुई। इसी कारण अमला लौट आया।
संदीप कुमार, सचिव, नगर परिषद, नरवाना