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Jind News: गेहूं खरीद बंद होने के 25 दिन बाद भी भुगतान नहीं हुआ
Mon, 17 Jun 2024 01:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 17 Jun 2024 01:34 AM IST
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16जेएनडी10: जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग कार्यालय का फोटो। संवाद
जींद। जिले की अनाज मंडी में गेहूं की खरीद प्रक्रिया बंद होने के 25 दिन बाद भी काफी किसानों को पेमेंट नहीं मिल पाई है। इसके लिए वह मार्केट कमेटी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
इन किसानोें के लगभग नौ करोड़ रुपये अटके हुए हैं। हालांकि इसका कारण उनका खाता नंबर गलत, बंद होना या वेरिफाई नहीं होना बताया जा रहा है। जिले की सभी मंडियों में लगभग 30 हजार जे फार्म कटे हैं। इनमें से 500 जे फार्म की पेमेंट बकाया है।
जिले में 22 मई को खरीद बंद होने के बाद एक सप्ताह बाद तक मंडियों से गेहूं का उठान कार्य चलता रहा। इसके कारण किसानों को 72 घंटे में मिलने वाली राशि आढ़ती और उठान ठेकेदार की लापरवाही की वजह से दस दिन में अदा हो सकी।
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अब भी 500 जे फार्म की राशि खातों में नहीं डाली गई है। इस फार्म के माध्यम से बेचे गए गेहूं की कीमत लगभग नौ करोड़ रुपये बन रही है। इसके लिए किसान मार्केट कमेटी के कार्यालय का चक्कर काट कर थक चुके हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। किसानों को खाते ठीक करवाने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है।
अब मुख्यालय ने भी किसानों के गेहूं की अटकी हुई राशि को लेकर गंभीरता दिखाई है। इसके चलते सभी जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिस भी किसान का जे फार्म कटा है और उसको गेहूं बेचने का भुगतान नहीं हुआ है उसके खाते को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपडेट करवाएं, ताकि उसे राशि जल्द मिल सके।
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इन किसानोें के लगभग नौ करोड़ रुपये अटके हुए हैं। हालांकि इसका कारण उनका खाता नंबर गलत, बंद होना या वेरिफाई नहीं होना बताया जा रहा है। जिले की सभी मंडियों में लगभग 30 हजार जे फार्म कटे हैं। इनमें से 500 जे फार्म की पेमेंट बकाया है।
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जिले में 22 मई को खरीद बंद होने के बाद एक सप्ताह बाद तक मंडियों से गेहूं का उठान कार्य चलता रहा। इसके कारण किसानों को 72 घंटे में मिलने वाली राशि आढ़ती और उठान ठेकेदार की लापरवाही की वजह से दस दिन में अदा हो सकी।
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अब भी 500 जे फार्म की राशि खातों में नहीं डाली गई है। इस फार्म के माध्यम से बेचे गए गेहूं की कीमत लगभग नौ करोड़ रुपये बन रही है। इसके लिए किसान मार्केट कमेटी के कार्यालय का चक्कर काट कर थक चुके हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। किसानों को खाते ठीक करवाने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है।
अब मुख्यालय ने भी किसानों के गेहूं की अटकी हुई राशि को लेकर गंभीरता दिखाई है। इसके चलते सभी जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिस भी किसान का जे फार्म कटा है और उसको गेहूं बेचने का भुगतान नहीं हुआ है उसके खाते को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपडेट करवाएं, ताकि उसे राशि जल्द मिल सके।