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Jind News: कई रूट पर बेरोकटोक दौड़ रहीं ओवरलोड निजी बसें
Wed, 10 Jul 2024 01:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 10 Jul 2024 01:38 AM IST
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09जेएनडी07-एसडी स्कूल पर सडक़ के बीच में खड़ी निजी बसें, जो कि जाम का कारण बनी हुई हैं। संवाद
जींद। जिले के कई रूटों पर बिना रोक-टोक के निजी बसें ओवरलोड होकर दौड़ रही हैं। इन बसों में सवारी भरने से लेकर ओवर स्पीड के नियम कोई मायने नहीं रखते हैं। यह बसें रोजाना शहर या भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में तेज रफ्तार से चलती हैं। हालांकि नियमों के खिलाफ चलने पर आरटीए इनके खिलाफ कार्रवाई करता है, लेकिन दोबारा निजी बस संचालक अपनी मनमानी करते हुए बसों को नियमों को ताक पर रखकर दौड़ाते हैं। इन निजी बसों की अपने रूट पर चलने वाली रोडवेज बसों के साथ सवारी भरने को लेकर होड़ रहती है।
वहीं शहर में भी सड़क के बीच में बस रोककर यात्री बैठाए जाते हैं, जिससे दोनों तरफ जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसा कभी-कभी नहीं बल्कि रोजाना होता है। शहर के एसडी स्कूल, पटियाला चौक, पुराना बस अड्डे पर निजी बसें जाम का कारण बनती हैं। ऐसी निजी बसों के खिलाफ अब आरटीए स्पेशल अभियान चलाएगा और नियमों के खिलाफ चलने वाली बसों के चालान किए जाएंगे या फिर उनको इंपाउंड किया जाएगा।
जींद जिले के अलग-अलग रूटों पर कुल 162 निजी बसें दौड़ रही हैं। इनमें नरवाना रूट पर 31, असंध रूट पर 16, गोहाना और बरवाला रूट पर 19, हांसी रूट पर 26, पुंडरी रूट पर तीन, जींद से पानीपत रूट पर 26, पिल्लूखेड़ा से रोहतक रूट पर 5, नरवाना से हांसी रूट पर 5, नरवाना से कैथल रूट पर 24 और नरवाना से हिसार रूट पर 20 निजी बसें दौड़ रही हैं।
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सुबह और दोपहर होती है ज्यादा भीड़
शिक्षण संस्थानों की छुट्टी होने के दोपहर बाद निजी बसों में ज्यादा भीड़ होती है। इस समय बसों में यात्रियों को घुसने की जगह नहीं होती, लेकिन फिर भी परिचालक यात्रियों को ठूंस-ठूंसकर बैठाते हैं, जिससे सफर के दौरान यात्री गर्मी से परेशान हो जाते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को होती है। सुबह और दोपहर के समय तो इन बसों में चढ़ने तक की जगह नहीं मिलती है। स्कूल, कॉलेज या कोचिंग सेंटरों में आने वाले बच्चों को निजी बसों की छतों के ऊपर चढ़कर सफर करना पड़ता है।
हांसी और सफीदों रोड पर हो चुके हैं निजी बसों के हादसे
निजी बसों की ओवरस्पीड कई बार सड़क हादसों का कारण बन चुकी है। हांसी और सफीदों रोड पर कई सड़क हादसे हो चुके हैं। हांसी रोड पर करीब पांच साल पहले तेज रफ्तार निजी बस ने एक बाइक को अपनी चपेट में ले लिया था, जिससे राजथल गांव निवासी दंपती और उनके दस वर्षीय बेटे की मौत हो गई थी। इसके अलावा सफीदों रोड पर भी करीब डेढ़ साल पहले पानीपत जा रही निजी बस की एक कार से टक्कर हो गई थी, जिसमें 15 यात्रियों को गंभीर चोटें आई थी। उन्हें उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाना पड़ा था।
तेज रफ्तार निजी बसों पर कार्रवाई के लिए आरटीए स्पेशल अभियान चलाएगा। सभी रूटों पर निजी बसों की चेकिंग की जाएगी। निजी बसों की रफ्तार तेज या बसें ओवरलोड मिली तो उनके चालान किए जाएंगे। -संजीव कौशिक, मोटर व्हीकल अधिकारी, आरटीए, जींद।
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वहीं शहर में भी सड़क के बीच में बस रोककर यात्री बैठाए जाते हैं, जिससे दोनों तरफ जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसा कभी-कभी नहीं बल्कि रोजाना होता है। शहर के एसडी स्कूल, पटियाला चौक, पुराना बस अड्डे पर निजी बसें जाम का कारण बनती हैं। ऐसी निजी बसों के खिलाफ अब आरटीए स्पेशल अभियान चलाएगा और नियमों के खिलाफ चलने वाली बसों के चालान किए जाएंगे या फिर उनको इंपाउंड किया जाएगा।
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जींद जिले के अलग-अलग रूटों पर कुल 162 निजी बसें दौड़ रही हैं। इनमें नरवाना रूट पर 31, असंध रूट पर 16, गोहाना और बरवाला रूट पर 19, हांसी रूट पर 26, पुंडरी रूट पर तीन, जींद से पानीपत रूट पर 26, पिल्लूखेड़ा से रोहतक रूट पर 5, नरवाना से हांसी रूट पर 5, नरवाना से कैथल रूट पर 24 और नरवाना से हिसार रूट पर 20 निजी बसें दौड़ रही हैं।
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सुबह और दोपहर होती है ज्यादा भीड़
शिक्षण संस्थानों की छुट्टी होने के दोपहर बाद निजी बसों में ज्यादा भीड़ होती है। इस समय बसों में यात्रियों को घुसने की जगह नहीं होती, लेकिन फिर भी परिचालक यात्रियों को ठूंस-ठूंसकर बैठाते हैं, जिससे सफर के दौरान यात्री गर्मी से परेशान हो जाते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को होती है। सुबह और दोपहर के समय तो इन बसों में चढ़ने तक की जगह नहीं मिलती है। स्कूल, कॉलेज या कोचिंग सेंटरों में आने वाले बच्चों को निजी बसों की छतों के ऊपर चढ़कर सफर करना पड़ता है।
हांसी और सफीदों रोड पर हो चुके हैं निजी बसों के हादसे
निजी बसों की ओवरस्पीड कई बार सड़क हादसों का कारण बन चुकी है। हांसी और सफीदों रोड पर कई सड़क हादसे हो चुके हैं। हांसी रोड पर करीब पांच साल पहले तेज रफ्तार निजी बस ने एक बाइक को अपनी चपेट में ले लिया था, जिससे राजथल गांव निवासी दंपती और उनके दस वर्षीय बेटे की मौत हो गई थी। इसके अलावा सफीदों रोड पर भी करीब डेढ़ साल पहले पानीपत जा रही निजी बस की एक कार से टक्कर हो गई थी, जिसमें 15 यात्रियों को गंभीर चोटें आई थी। उन्हें उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाना पड़ा था।
तेज रफ्तार निजी बसों पर कार्रवाई के लिए आरटीए स्पेशल अभियान चलाएगा। सभी रूटों पर निजी बसों की चेकिंग की जाएगी। निजी बसों की रफ्तार तेज या बसें ओवरलोड मिली तो उनके चालान किए जाएंगे। -संजीव कौशिक, मोटर व्हीकल अधिकारी, आरटीए, जींद।

09जेएनडी07-एसडी स्कूल पर सडक़ के बीच में खड़ी निजी बसें, जो कि जाम का कारण बनी हुई हैं। संवाद