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Jind News: लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम पर दिया जोर

Fri, 13 Mar 2026 11:54 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Fri, 13 Mar 2026 11:54 PM IST
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Organizing workshops to promote sensitivity
13जेएनडी07: सीआरएसयू में पॉश अ​​​धिनियम के तरह कार्यशाला में मौजूद स्टाफ सदस्य। स्रोत विवि
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम और संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के लिए कार्यशाला का आयोजन हुआ। आंतरिक शिकायत समिति सेल ने कार्यशाला का मुख्य विषय पॉश अधिनियम 2013 रखा।आईसीसी की चेयरपर्सन प्रोफेसर अनुपमा ने महिलाओं से कहा कि बेहिचक अपनी आवाज को उठाएं।
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कार्यक्रम में विशेषज्ञ के रूप में माइंड पावर कोच अंकुर अग्रवाल ने बताया कि पॉश अधिनियम का प्राथमिक उद्देश्य महिलाओं के लिए सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई भी टिप्पणी, इशारा या शारीरिक संपर्क जो सामने वाले को असहज करे, वह उत्पीड़न की श्रेणी में आता है।
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उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से पेशेवर और अनुचित व्यवहार के बीच के सूक्ष्म अंतर को समझाया और प्रतिभागियों को अपने आचरण के प्रति सजग रहने की सलाह दी। कुलपति प्रो. रामपाल सैनी ने ऑनलाइन माध्यम से कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में विद्यार्थियों के लिए भी ऐसे जागरूकता सत्र आयोजित करेगा ताकि समाज में एक व्यापक सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके। कुलसचिव डॉ. राजेश बंसल ने सुरक्षित कार्य वातावरण के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई।
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आईसीसी की चेयरपर्सन प्रोफेसर अनुपमा ने महिलाओं को बिना झिझक अपनी आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर डॉ. अलका सेठ, डॉ. रितु, डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. विशाल वर्मा, डॉ. सुमिता आसरी, डॉ. अनुराधा सैनी मौजूद रही।
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