सीटू, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, अखिल भारतीय किसान सभा, रिटायर्ड कर्मचारी संघ, दलित अधिकार मंच जींद, सद्भावना मंच जींद के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से शनिवार को शहर में केंद्र और राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इससे पहले सभी संगठनों के सदस्यों ने नेहरू पार्क में रिटायर्ड अध्यापक नेता मास्टर सत्यपाल सिवाच की अध्यक्षता में बैठक की।
नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा तीन कृषि कानूनों के माध्यम से किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाने की साजिश की गई है। इस देश का किसान सरकार की इस साजिश को समझ चुके हैं और इसके खिलाफ देशभर में किसान सड़कों पर आ चुका है। इन कानूनों के विरोध में किसान प्रधानमंत्री मोदी के दरवाजे पर पहुंच गया है, ताकि किसानों की मांगों को पूरा किया जा सके। प्रधानमंत्री किसानों की मांगों को पूरा करने की बजाए उनके आंदोलन को बल प्रयोग द्वारा रोकने की साजिश कर रहे हैं। संगठनों के सदस्यों ने कहा कि सरकार द्वारा सड़कों को उखाड़कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। इसकी रिकवरी संबंधित अधिकारियों के माध्यम से की जाए। इस अवसर पर रमेश चंद्र, सीटू जिला सचिव कपूर सिंह, किसान सभा के राज्य अध्यक्ष फूल सिंह श्योकंद, जिला प्रधान रोहताश नगूरां, महिला समिति की नेता सविता, सुरेश राठी, रामफल दलाल, सोहनदास, छाजूराम नैन मौजूद रहे।