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Jind News: जिला कारागार से सात हवालातियों को बरी करने का आदेश

Thu, 06 Feb 2025 11:45 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 06 Feb 2025 11:45 PM IST
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Order to acquit seven prisoners from the district jail
06जेएनडी25: जेल लोक अदालत में बंदियों व कैदियों से बातचीत करती सीजेएम मोनिका। स्रोत प्रशासन - फोटो : स्रोत: परिजन
जींद। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जिला कारागार में जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस अदालत का संचालन मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मोनिका ने किया। लोक अदालत में कुल सात विचाराधीन मामलों की सुनवाई की गई। इनमें से छह मामलों में अंडरगॉन का निर्णय लिया गया। यदि इन विचाराधीन बंदियों पर कोई अन्य मामला लंबित नहीं है तो सात कैदियों को रिहा करने का आदेश पारित किया गया।
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सीजेएम मोनिका ने बताया कि जेल लोक अदालत महीने में दो बार आयोजित की जाती है, ताकि अधिक से अधिक विचाराधीन कैदियों को त्वरित न्याय मिल सके। लोक अदालत के आयोजन के बाद सीजेएम ने जिला जेल का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कैदियों और हवालातियों से उनके मुकदमों से जुड़ी समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने जेल में बंद कैदियों को जानकारी दी कि यदि किसी भी कैदी को अपने केस की पैरवी के लिए वकील की आवश्यकता हो तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधीन निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है। इसके लिए कैदियों को लिखित आवेदन जेल प्रशासन या न्याय रक्षक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में भेजना होता है।
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साथ ही, किसी भी प्रकार की कानूनी जानकारी के लिए नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि आठ मार्च को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह लोक अदालत जिला न्यायालय जींद सहित उपमंडल न्यायालय नरवाना और सफीदों में भी आयोजित की जाएगी। इसके अलावा हर कार्यदिवस को प्रत्येक न्यायालय में विशेष लोक अदालत लगाई जा रही है। जिला कारागार में तीन नए कानूनों पर विशेष कानूनी जागरूकता शिविर का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्राधिकरण सचिव व पैनल अधिवक्ता देवराज मलिक ने इन नए कानूनों की विस्तृत जानकारी दी और कैदियों को उनके संवैधानिक अधिकारों व कानूनी सहायता के विकल्पों के बारे में जागरूक किया।
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