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Jind News: सरपंचों को मानदेय भुगतान का अधिकार देने का विरोध
Mon, 06 May 2024 01:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 06 May 2024 01:32 AM IST
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05जेएनडी10-मजदूर भवन में बैठक करते ग्रामीण सफाई कर्मचारी। स्रोत यूनियन
जींद। मजदूर भवन में रविवार को ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की बैठक जिला प्रधान ईश्वर सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने अगले माह 23 जून को पंचायत मंत्री महिपाल ढांडा के आवास पर होने वाले प्रदर्शन की रणनीति बनाई।
सीटू नेता रमेशचंद्र, कपूर सिंह, पवन कुमार ने बताया कि पंचायत विभाग ने मोबाइल एप के माध्यम से हाजिरी लगाकर सरपंचों को मानदेय या वेतन भुगतान का बिल बनाने का अधिकार देकर ग्रामीण सफाईकर्मियों, चौकीदारों और ट्यूबवेल ऑपरेटरों को शोषण और बेगार की दलदल में धकेलने के खिलाफ भारी गुस्सा है। इसका मुंह तोड़ जवाब सफाई कर्मचारी लोकसभा चुनाव में देंगे। सरकार का यह निर्णय कर्मचारी विरोधी है। हरियाणा में किसी भी चुने हुए प्रतिनिधि को किसी कर्मचारी की हाजिरी लगाने का अधिकार नहीं है तो सफाईकर्मियों, चौकीदारों और जलकर्मियों के बिल बनाने का अधिकार सरपंच को क्यों दिया जा रहा है? रमेशचंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास दस साल सरकार चलाने के बाद भी कोई उपलब्धि बताने के लिए नहीं है। भाजपा की ईमानदारी की पोल भी चुनाव बॉन्ड में खुल गई। देशभर मे गोमाता कि आड़ मे दर्जनों निर्दोष लोगों के कत्ल तक किए गए और भाजपा ने बीफ कंपनियों से भी पैसा लेने मे कोई गुरेज नहीं किया। प्रधानमंत्री सफाई कर्मचारियों के पैर धोने का ढोंग तो करते हैं लेकिन उनके हालात को सुधारने के लिए कुछ भी नहीं करते हैं। इसलिए ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इस अवसर पर राजेंद्र, गुलाब बिरौली, कृष्ण लिजवाना, विनोद बिघाना, सुल्तान दुड़ाना, संजय बुआना, संजय अनूपगढ़, सुभाष, शंभू मौजूद रहे।
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सीटू नेता रमेशचंद्र, कपूर सिंह, पवन कुमार ने बताया कि पंचायत विभाग ने मोबाइल एप के माध्यम से हाजिरी लगाकर सरपंचों को मानदेय या वेतन भुगतान का बिल बनाने का अधिकार देकर ग्रामीण सफाईकर्मियों, चौकीदारों और ट्यूबवेल ऑपरेटरों को शोषण और बेगार की दलदल में धकेलने के खिलाफ भारी गुस्सा है। इसका मुंह तोड़ जवाब सफाई कर्मचारी लोकसभा चुनाव में देंगे। सरकार का यह निर्णय कर्मचारी विरोधी है। हरियाणा में किसी भी चुने हुए प्रतिनिधि को किसी कर्मचारी की हाजिरी लगाने का अधिकार नहीं है तो सफाईकर्मियों, चौकीदारों और जलकर्मियों के बिल बनाने का अधिकार सरपंच को क्यों दिया जा रहा है? रमेशचंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास दस साल सरकार चलाने के बाद भी कोई उपलब्धि बताने के लिए नहीं है। भाजपा की ईमानदारी की पोल भी चुनाव बॉन्ड में खुल गई। देशभर मे गोमाता कि आड़ मे दर्जनों निर्दोष लोगों के कत्ल तक किए गए और भाजपा ने बीफ कंपनियों से भी पैसा लेने मे कोई गुरेज नहीं किया। प्रधानमंत्री सफाई कर्मचारियों के पैर धोने का ढोंग तो करते हैं लेकिन उनके हालात को सुधारने के लिए कुछ भी नहीं करते हैं। इसलिए ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इस अवसर पर राजेंद्र, गुलाब बिरौली, कृष्ण लिजवाना, विनोद बिघाना, सुल्तान दुड़ाना, संजय बुआना, संजय अनूपगढ़, सुभाष, शंभू मौजूद रहे।

05जेएनडी10-मजदूर भवन में बैठक करते ग्रामीण सफाई कर्मचारी। स्रोत यूनियन
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