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Jind News: पोषण ट्रैकर एप आसान करेगा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का काम
Thu, 01 Feb 2024 12:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 01 Feb 2024 12:24 AM IST
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आंगनबाड़ी वर्कर को वीसी के माध्यम से पोषण ट्रैकर ऐप के उपयोग को लेकर प्रशिक्षण दिया
जींद। आंगनबाड़ी केंद्रों से संबंधित सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार व इस कार्य को आसान बनाने के लिए पोषण ट्रैकर एप के उपयोग को लेकर लघु सचिवालय के सभागार में वीसी के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। पोषण ट्रैकर एप के बारे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण से यह काम अधिक आसान होगा। इससे वह इस कार्य को कम समय में कर सकेंगी। अब तक यह कार्य पहले दस्तावेजों में होता था। इसके बाद इसको एप पर अपलोड किया जाता था। अधिकतर वर्कर को इस कार्य की जानकारी नहीं थी।
महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकारी सुलोचना कुंडू ने बताया कि आईसीडीएस से संबंधित सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार व आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्य को प्रभावी बनाने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ट्रैकर नाम के इस एप के उपयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों का मूल्यांकन व निगरानी करना आसान हो गया है। वीसी में बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार विकसित, पोषण ट्रैकर एप आंगनबाड़ी केंद्र, कार्यकर्ता के वास्तविक समय की निगरानी को सक्षम बनाता है। यह सरकारी एप गर्भवती, स्तनपान कराने वाली माताओं, बच्चों, किशोर, लड़कियों और किशोर लड़कों के लिए, आंगनबाड़ी केंद्रों, आंगनबाड़ी कार्यकताओं और संपूर्ण लाभार्थी प्रबंधन की गतिविधियों का दृश्य प्रदान करता है। सेविकाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों पर चलाए जा रहे पोषण कार्यक्रम के लाभार्थियों से संबंधित जानकारी को पोषण ट्रैकर एप पर अपलोड करने का प्रशिक्षण दिया। इस दौरान आईसीडीएस के प्रशिक्षक ने आईसीडीएस ने सेविकाओं को मिले मोबाइल पर पोषण कार्यक्रम लॉगिन कर विस्तार से जानकारी, गर्भवती महिलाएं, छह माह से ऊपर के बच्चों, तीन से छह आयु वर्ष के बच्चों तथा किशोरियों आदि के लिए संचालित पोषण कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों के विवरण को एप पर ऑनलाइन करने के बारे में जानकारी दी।
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महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकारी सुलोचना कुंडू ने बताया कि आईसीडीएस से संबंधित सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार व आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्य को प्रभावी बनाने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ट्रैकर नाम के इस एप के उपयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों का मूल्यांकन व निगरानी करना आसान हो गया है। वीसी में बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार विकसित, पोषण ट्रैकर एप आंगनबाड़ी केंद्र, कार्यकर्ता के वास्तविक समय की निगरानी को सक्षम बनाता है। यह सरकारी एप गर्भवती, स्तनपान कराने वाली माताओं, बच्चों, किशोर, लड़कियों और किशोर लड़कों के लिए, आंगनबाड़ी केंद्रों, आंगनबाड़ी कार्यकताओं और संपूर्ण लाभार्थी प्रबंधन की गतिविधियों का दृश्य प्रदान करता है। सेविकाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों पर चलाए जा रहे पोषण कार्यक्रम के लाभार्थियों से संबंधित जानकारी को पोषण ट्रैकर एप पर अपलोड करने का प्रशिक्षण दिया। इस दौरान आईसीडीएस के प्रशिक्षक ने आईसीडीएस ने सेविकाओं को मिले मोबाइल पर पोषण कार्यक्रम लॉगिन कर विस्तार से जानकारी, गर्भवती महिलाएं, छह माह से ऊपर के बच्चों, तीन से छह आयु वर्ष के बच्चों तथा किशोरियों आदि के लिए संचालित पोषण कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों के विवरण को एप पर ऑनलाइन करने के बारे में जानकारी दी।
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