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Jind News: शिक्षा दीक्षा से मजबूत करेंगे संख्यात्मक ज्ञान
Mon, 12 Feb 2024 12:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 12 Feb 2024 12:56 AM IST
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11जेएनडी19: राजेश वशिष्ठ।
जींद। निपुण हरियाणा मिशन के तहत प्राइमरी स्कूलों में बुनियादी शिक्षा एवं संख्यात्मक ज्ञान को सही तरीके से व्यवस्थित करने के लिए शिक्षा दीक्षा पर्यवेक्षण होगा। इसकी तैयारियों को लेकर एफएलएन जिला को-ऑर्डिनेटर ने सभी खंड शिक्षा अधिकारी, एबीआरसी व बीआरपी को निर्देश दिए हैं। इसके तहत स्कूलों में व्यक्तिगत रूप से बैठक का आयोजन कर कक्षाओं में बुनियादी शिक्षा एवं संख्यात्मक ज्ञान को सही तरीके से व्यवस्थित करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इसमें निर्देश दिए गए हैं कि विद्यार्थियों की बैठने की व्यवस्था गतिविधि आधारित होनी चाहिए, ताकि शिक्षकों की पहुंच सभी विद्यार्थियों तक हो सके। विद्यार्थियों को अपनी बात रखने का प्रर्याप्त अवसर दिया जाए। निपुण लक्ष्यों की जानकारी पीटीएम व पंचायत की आम सभा के माध्यम से अभिभावकों तक पहुंचाने का प्रयास करें। प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को दोपहर बाद अभिभावकों के साथ पीटीएम आयोजित की जाए। इसमें अभिभावकों को उनके बच्चों के शैक्षणिक स्तर के बारे में जानकारी दी जाए। सभी बच्चों का साप्ताहिक आकलन किया जाए। पिछड़ रहे विद्यार्थियों को प्रतिदिन 15 से 20 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाए। धाराप्रवाह पठन के लिए विद्यार्थियों को अभ्यास करवाया जाए। इसके अलावा कक्षाकक्ष प्रिंट रिच और आकर्षित होना चाहिए। इससे सीखे व सीखने की प्रक्रिया के लिए सहज वातावरण तैयार किया जा सके।
निपुण हरियाणा मिशन के तहत स्कूलों का शिक्षा दीक्षा पर्यवेक्षण होगा। बुनियादी शिक्षा एवं संख्यात्मक ज्ञान को सही तरीके से लागू करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को बैठक करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें कमियों को दूर करने के लिए विचार-विमर्श किया जाएगा, ताकि विद्यार्थी छोटी उम्र में ही विषयों पर बेहतर पकड़ बना सकें। इससे विद्यार्थियों की शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। -राजेश वशिष्ठ, एफएलएन, जिला को-ऑर्डिनेटर।
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इसमें निर्देश दिए गए हैं कि विद्यार्थियों की बैठने की व्यवस्था गतिविधि आधारित होनी चाहिए, ताकि शिक्षकों की पहुंच सभी विद्यार्थियों तक हो सके। विद्यार्थियों को अपनी बात रखने का प्रर्याप्त अवसर दिया जाए। निपुण लक्ष्यों की जानकारी पीटीएम व पंचायत की आम सभा के माध्यम से अभिभावकों तक पहुंचाने का प्रयास करें। प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को दोपहर बाद अभिभावकों के साथ पीटीएम आयोजित की जाए। इसमें अभिभावकों को उनके बच्चों के शैक्षणिक स्तर के बारे में जानकारी दी जाए। सभी बच्चों का साप्ताहिक आकलन किया जाए। पिछड़ रहे विद्यार्थियों को प्रतिदिन 15 से 20 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाए। धाराप्रवाह पठन के लिए विद्यार्थियों को अभ्यास करवाया जाए। इसके अलावा कक्षाकक्ष प्रिंट रिच और आकर्षित होना चाहिए। इससे सीखे व सीखने की प्रक्रिया के लिए सहज वातावरण तैयार किया जा सके।
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निपुण हरियाणा मिशन के तहत स्कूलों का शिक्षा दीक्षा पर्यवेक्षण होगा। बुनियादी शिक्षा एवं संख्यात्मक ज्ञान को सही तरीके से लागू करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को बैठक करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें कमियों को दूर करने के लिए विचार-विमर्श किया जाएगा, ताकि विद्यार्थी छोटी उम्र में ही विषयों पर बेहतर पकड़ बना सकें। इससे विद्यार्थियों की शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। -राजेश वशिष्ठ, एफएलएन, जिला को-ऑर्डिनेटर।

11जेएनडी19: राजेश वशिष्ठ।
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