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Jind News: अब स्कूल मुखिया को दर्शानी होगी निपुण बच्चों की संख्या
Sun, 18 Feb 2024 12:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 18 Feb 2024 12:34 AM IST
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17जेएनडी10-बच्चे से प्रश्र पूछते जिला नोडल अधिकारी राजेश वशिष्ठ। स्वयं
जींद। स्कूल मुखिया को हरियाणा मिशन के तहत अब प्राइमरी कक्षा के निपुण भारत मिशन आधारभूत साक्षरता तथा संख्यात्मक विद्यार्थियों की संख्या दर्शानी होगी। इससे जहां बच्चों की निपुणता के बारे में पता चलेगा, वहीं ऐसे बच्चों की संख्या भी निर्धारित हो जाएगी।
निपुण हरियाणा मिशन ने जिले के सभी प्राइमरी स्कूल मुखिया को पत्र जारी कर निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने स्कूलों में एफएलएन कंप्लायंस विद्यार्थियों की संख्या दर्शाएं, जिससे निपुण बच्चों की संख्या के बारे में जानकारी मिल सके। निदेशालय और जिलास्तरीय अधिकारी समय-समय पर विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर रहे हैं। अपने खंड के तहत आने वाले सभी प्राथमिक स्कूल मुखिया कक्षा पहली से तीसरी में तथा विद्यालय मुखिया के कक्ष में फॉर्मेट निपुण विद्यार्थियों की संख्या दर्शाना सुनिश्चित करें। इस कार्य में कोताही बरतने वाले स्कूल मुखियाओं के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
निपुण भारत मिशन का उद्देश्य यह है कि बच्चों को खेल, खोज और गतिविधि आधारित शिक्षा शास्त्र के बारे में बताना, इसके अलावा बच्चों को प्रेरित, स्वतंत्र, समझ के साथ पढ़ने-लिखने में संलग्न और लिखने तथा पढ़ने के स्थायी कौशल वाला बनाना, बच्चों को संख्या, माप और आकार के क्षेत्र को तर्क के साथ समझने तथा उन्हें गणना, समस्या के समाधान में स्वतंत्र बनाना, बच्चों की परिचित, घर और मातृभाषा में शिक्षण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना, शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और शिक्षा प्रशासकों का क्षमता निर्माण, आजीवन सीखने की एक मजबूत नींव बनाना, पोर्टफोलियो, समूह में किए कार्य, परियोजना कार्य प्रश्नोत्तरी, रोल प्ले, खेल, मौखिक प्रस्तुतिकरण, छोटे टेस्ट आदि के माध्यम से सीखना के अलावा विद्यार्थियों के सीखने के स्तर की ट्रैकिंग सुनिश्चित करना है।
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एफएलएन कंप्लायंस विद्यार्थियों को होना चाहिए इन बातों का ज्ञान
निपुण भारत मिशन आधारभूत साक्षरता तथा संख्यात्मक के बारे में विद्यार्थियों को इन बातों का ज्ञान होना जरूरी है। हिंदी में बच्चे को निपुण बनाने के लिए मूलभूत भाषा एवं साक्षरता, मौखिक भाषा का विकास, ध्वनियात्मक जागरूकता, डिपोडिंग, शब्दावली, रीडिंग कंप्रीहेंशन, पठन प्रवाह, प्रिंट के बारे में अवधारणा, लेखन और कल्चर ऑफ रीडिंग में विद्यार्थी परिपक्व होना होगा। इसके अलावा गणित विषय में मूलभूत संख्यात्मक और गणित कौशल में विद्यार्थी को पूर्व संख्या अवधारणाएं, नंबर एंड ऑप्रेशन ऑन नंबर, गणितीय तकनीकें, मापन, आकार एवं स्थानिक समाज और पैटर्न के ऊपर ध्यान देना होगा।
निपुणता के लिए बच्चों को इसकी जानकारी होना जरूरी
बालवाटिका से तीसरी कक्षा तक के बच्चों को हिंदी और गणित में इन बातों को ध्यान में रखना होगा। बालवाटिका के बच्चों को निर्धारित सूची में से दो अक्षर वाले पांच शब्दों को सही से पढ़ना होगा। कक्षा एक के बच्चों को पांच सरल शब्दों के दो अक्षर से बने वाक्य पढ़ लेते हैं। कक्षा दो के बच्चों को अनुच्छेद को 45 शब्द प्रति मिनट के प्रवाह से पढ़ना और अनुच्छेद को पढ़कर 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल करने होंगे। गणित विषय में बालवाटिका के बच्चों को दस तक संख्याएं पढ़नी आनी चाहिए। संख्याओं, वस्तुओं, आकृतियों एवं घटनाओं को क्रम में व्यवस्थित करना, एक अंकीय जोड़ एवं घटाव के 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल करना। कक्षा दो के बच्चों को 99 तक जोड़, दो अंकीय घटाव के 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल करना। कक्षा तीन के विद्यार्थियों को 999 तक जोड़, तीन अंकीय का घटाव के 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल करना जरूरी है।
जिले में विद्यार्थियों की संख्या
बालवाटिका
2925
पहली
4435
दूसरी
7346
तीसरी
8857
चौथी
9407
पांचवीं
9421
हरियाणा मिशन के तहत स्कूल मुखियाओं को अब प्राइमरी कक्षा के निपुण कंप्लायंस विद्यार्थियों की संख्या कक्षा तथा अपने कक्ष में दर्शानी होगी। यदि किसी भी प्राइमरी स्कूल के मुखिया ने लापरवाही बरती तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। -राजेश वशिष्ठ, जिला नोडल अधिकारी, निपुण मिशन हरियाणा
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निपुण हरियाणा मिशन ने जिले के सभी प्राइमरी स्कूल मुखिया को पत्र जारी कर निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने स्कूलों में एफएलएन कंप्लायंस विद्यार्थियों की संख्या दर्शाएं, जिससे निपुण बच्चों की संख्या के बारे में जानकारी मिल सके। निदेशालय और जिलास्तरीय अधिकारी समय-समय पर विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर रहे हैं। अपने खंड के तहत आने वाले सभी प्राथमिक स्कूल मुखिया कक्षा पहली से तीसरी में तथा विद्यालय मुखिया के कक्ष में फॉर्मेट निपुण विद्यार्थियों की संख्या दर्शाना सुनिश्चित करें। इस कार्य में कोताही बरतने वाले स्कूल मुखियाओं के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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निपुण भारत मिशन का उद्देश्य यह है कि बच्चों को खेल, खोज और गतिविधि आधारित शिक्षा शास्त्र के बारे में बताना, इसके अलावा बच्चों को प्रेरित, स्वतंत्र, समझ के साथ पढ़ने-लिखने में संलग्न और लिखने तथा पढ़ने के स्थायी कौशल वाला बनाना, बच्चों को संख्या, माप और आकार के क्षेत्र को तर्क के साथ समझने तथा उन्हें गणना, समस्या के समाधान में स्वतंत्र बनाना, बच्चों की परिचित, घर और मातृभाषा में शिक्षण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना, शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और शिक्षा प्रशासकों का क्षमता निर्माण, आजीवन सीखने की एक मजबूत नींव बनाना, पोर्टफोलियो, समूह में किए कार्य, परियोजना कार्य प्रश्नोत्तरी, रोल प्ले, खेल, मौखिक प्रस्तुतिकरण, छोटे टेस्ट आदि के माध्यम से सीखना के अलावा विद्यार्थियों के सीखने के स्तर की ट्रैकिंग सुनिश्चित करना है।
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एफएलएन कंप्लायंस विद्यार्थियों को होना चाहिए इन बातों का ज्ञान
निपुण भारत मिशन आधारभूत साक्षरता तथा संख्यात्मक के बारे में विद्यार्थियों को इन बातों का ज्ञान होना जरूरी है। हिंदी में बच्चे को निपुण बनाने के लिए मूलभूत भाषा एवं साक्षरता, मौखिक भाषा का विकास, ध्वनियात्मक जागरूकता, डिपोडिंग, शब्दावली, रीडिंग कंप्रीहेंशन, पठन प्रवाह, प्रिंट के बारे में अवधारणा, लेखन और कल्चर ऑफ रीडिंग में विद्यार्थी परिपक्व होना होगा। इसके अलावा गणित विषय में मूलभूत संख्यात्मक और गणित कौशल में विद्यार्थी को पूर्व संख्या अवधारणाएं, नंबर एंड ऑप्रेशन ऑन नंबर, गणितीय तकनीकें, मापन, आकार एवं स्थानिक समाज और पैटर्न के ऊपर ध्यान देना होगा।
निपुणता के लिए बच्चों को इसकी जानकारी होना जरूरी
बालवाटिका से तीसरी कक्षा तक के बच्चों को हिंदी और गणित में इन बातों को ध्यान में रखना होगा। बालवाटिका के बच्चों को निर्धारित सूची में से दो अक्षर वाले पांच शब्दों को सही से पढ़ना होगा। कक्षा एक के बच्चों को पांच सरल शब्दों के दो अक्षर से बने वाक्य पढ़ लेते हैं। कक्षा दो के बच्चों को अनुच्छेद को 45 शब्द प्रति मिनट के प्रवाह से पढ़ना और अनुच्छेद को पढ़कर 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल करने होंगे। गणित विषय में बालवाटिका के बच्चों को दस तक संख्याएं पढ़नी आनी चाहिए। संख्याओं, वस्तुओं, आकृतियों एवं घटनाओं को क्रम में व्यवस्थित करना, एक अंकीय जोड़ एवं घटाव के 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल करना। कक्षा दो के बच्चों को 99 तक जोड़, दो अंकीय घटाव के 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल करना। कक्षा तीन के विद्यार्थियों को 999 तक जोड़, तीन अंकीय का घटाव के 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल करना जरूरी है।
जिले में विद्यार्थियों की संख्या
बालवाटिका
2925
पहली
4435
दूसरी
7346
तीसरी
8857
चौथी
9407
पांचवीं
9421
हरियाणा मिशन के तहत स्कूल मुखियाओं को अब प्राइमरी कक्षा के निपुण कंप्लायंस विद्यार्थियों की संख्या कक्षा तथा अपने कक्ष में दर्शानी होगी। यदि किसी भी प्राइमरी स्कूल के मुखिया ने लापरवाही बरती तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। -राजेश वशिष्ठ, जिला नोडल अधिकारी, निपुण मिशन हरियाणा

17जेएनडी10-बच्चे से प्रश्र पूछते जिला नोडल अधिकारी राजेश वशिष्ठ। स्वयं