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Jind News: पेयजल व्यवस्था के संचालन व रखरखाव में अब ग्राम पंचायतों की बढ़ेगी जन भागीदारी
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14जेएनडी06: वीडियो कांफ्रेंस में मौजूद जनस्वास्थ्य विभाग जींद के अधिकारी व कर्मचारी। विभाग
जींद। जल जीवन मिशन के तहत पेयजल व्यवस्था के संचालन व रखरखाव संबंधित अब ग्राम पंचायतों की सरकारी जन भागीदारी बढाई जाएगी। इसके तहत ग्राम पंचायतों का दायित्व बढ़ेगा व पेयजल के प्रति जागरूकता व संवेदीकरण में बढ़ोतरी होगी। इसको लेकर प्रमुख अभियंता देवेंद्र दहिया की अध्यक्षता में वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से एकल ग्राम योजना के लिए सरकारी सामुदायिक भागीदारी के आधार पर चर्चा हुई।
इसको लेकर ग्रामीण जल आपूर्ति योजना के लिए ऑपरेशन व रखरखाव के प्रस्तावित कार्यान्वयन पर जागरूकता प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। मुख्य अभियंता एवं निदेशक जल और स्वच्छता सहायक संगठन राजीव बातिस ने पीपीटी के माध्यम से नई संचालन एवं रखरखाव नीति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह नीति एक अप्रैल 2025 से लागू होगी। सबसे पहले उन ग्राम पंचायतों में लागू किया जाएगा, जो सिंगल विलेज योजना के तहत आते हैं।
इसके अलावा मल्टी विलेज स्कीम की ग्राम पंचायतों में यह नीति एक अप्रैल 2026 से लागू की जाएगी। इस नीति के तहत ग्राम जल एवं सीवरेज समिति को और अधिक पावर प्रदान की गई हैं। इसमें 50 प्रतिशत महिलाओं की भूमिका हैं। ग्राम पंचायत सरपंच, ग्राम सचिव के नाम से एक बैंक खाता होगा। इसमें पेयजल संबंधित विभागीय अनुदान समेत, पीने के पानी के कनेक्शन फीस की राशि व मासिक बिल की राशि भी ऑटोमेटिक ग्राम पंचायत के खाते में आएगी। इस वीसी में अधीक्षक अभियंता, जिला सलाहकार, सभी कार्यकारी अभियंता, सभी उपमंडल व कनिष्ठ अभियंता व सभी खंड समन्वयक ने शामिल होकर जानकारी ली।
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जिला सलाहकार रणधीर मताना ने बताया कि नई संचालन और रखरखाव नीति को क्रियान्वयन करने का कार्य शुरू किया जाएगा। जिले में कुल 300 ग्राम पंचायत हैं। इसमें से सिंगल विलेज स्कीम के तहत आने वाली ग्राम पंचायतों में इस योजना की शुरूआत सबसे पहले की जाएगी।
बाक्स
स्वंय सहायता समूह की महिला की भूमिका रहेगी अहम
महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जल जीवन मिशन की मुहिम में साथ जोड़ा गया हैं। ग्राम पंचायत एवं ग्राम जल एवं सीवरेज समिति उस महिला का नाम चयन करेगी, जो पहले से ग्रामीण आजीविका मिशन में पंजीकृत है। वह महिला ग्राम पंचायत में कार्य करेगी।
बाक्स
यह होगा काम
नए कनेक्शन प्रदान करना, पानी के बिल भरवाना, पेयजल की जांच करना व पेयजल संबंधित किसी भी समस्या का समय पर दुरूस्त करवाने का कार्य भी स्वयं सहायता समूह की महिला ग्राम पंचायत व विभाग केे साथ तालमेल कर करेगी। इसके बदले महिला को प्रति कनेक्शन 50 रूपये, पानी के बिल की राशि का 10 प्रतिशत व पेयजल की जांच करने पर प्रति सैंपल 10 रुपये दिए जाएंगे। सरकार ने पेयजल के मासिक बिल की राशि 20 रुपये, अनुसूचित जाति के उपभोक्ताओं के लिए व अन्य के लिए 40 रुपये प्रति माह निर्धारित किए हैं।
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इसको लेकर ग्रामीण जल आपूर्ति योजना के लिए ऑपरेशन व रखरखाव के प्रस्तावित कार्यान्वयन पर जागरूकता प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। मुख्य अभियंता एवं निदेशक जल और स्वच्छता सहायक संगठन राजीव बातिस ने पीपीटी के माध्यम से नई संचालन एवं रखरखाव नीति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह नीति एक अप्रैल 2025 से लागू होगी। सबसे पहले उन ग्राम पंचायतों में लागू किया जाएगा, जो सिंगल विलेज योजना के तहत आते हैं।
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इसके अलावा मल्टी विलेज स्कीम की ग्राम पंचायतों में यह नीति एक अप्रैल 2026 से लागू की जाएगी। इस नीति के तहत ग्राम जल एवं सीवरेज समिति को और अधिक पावर प्रदान की गई हैं। इसमें 50 प्रतिशत महिलाओं की भूमिका हैं। ग्राम पंचायत सरपंच, ग्राम सचिव के नाम से एक बैंक खाता होगा। इसमें पेयजल संबंधित विभागीय अनुदान समेत, पीने के पानी के कनेक्शन फीस की राशि व मासिक बिल की राशि भी ऑटोमेटिक ग्राम पंचायत के खाते में आएगी। इस वीसी में अधीक्षक अभियंता, जिला सलाहकार, सभी कार्यकारी अभियंता, सभी उपमंडल व कनिष्ठ अभियंता व सभी खंड समन्वयक ने शामिल होकर जानकारी ली।
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जिला सलाहकार रणधीर मताना ने बताया कि नई संचालन और रखरखाव नीति को क्रियान्वयन करने का कार्य शुरू किया जाएगा। जिले में कुल 300 ग्राम पंचायत हैं। इसमें से सिंगल विलेज स्कीम के तहत आने वाली ग्राम पंचायतों में इस योजना की शुरूआत सबसे पहले की जाएगी।
बाक्स
स्वंय सहायता समूह की महिला की भूमिका रहेगी अहम
महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जल जीवन मिशन की मुहिम में साथ जोड़ा गया हैं। ग्राम पंचायत एवं ग्राम जल एवं सीवरेज समिति उस महिला का नाम चयन करेगी, जो पहले से ग्रामीण आजीविका मिशन में पंजीकृत है। वह महिला ग्राम पंचायत में कार्य करेगी।
बाक्स
यह होगा काम
नए कनेक्शन प्रदान करना, पानी के बिल भरवाना, पेयजल की जांच करना व पेयजल संबंधित किसी भी समस्या का समय पर दुरूस्त करवाने का कार्य भी स्वयं सहायता समूह की महिला ग्राम पंचायत व विभाग केे साथ तालमेल कर करेगी। इसके बदले महिला को प्रति कनेक्शन 50 रूपये, पानी के बिल की राशि का 10 प्रतिशत व पेयजल की जांच करने पर प्रति सैंपल 10 रुपये दिए जाएंगे। सरकार ने पेयजल के मासिक बिल की राशि 20 रुपये, अनुसूचित जाति के उपभोक्ताओं के लिए व अन्य के लिए 40 रुपये प्रति माह निर्धारित किए हैं।