फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Now Guruji will have to teach 12 periods in a week.

Jind News: अब प्राचार्य को प्रत्येक दिन कक्षाओं में जाकर करना होगा अध्यापक के कार्यों का निरीक्षण

Wed, 21 Dec 2022 07:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 21 Dec 2022 07:00 AM IST
विज्ञापन
Now Guruji will have to teach 12 periods in a week.
जींद। सरकारी स्कूलों में अब गुरूजी को सप्ताह में 12 पीरियड पढ़ाने अनिवार्य होंगे। प्रतिदिन कक्षा में जाकर शिक्षकों के शिक्षण कार्य का निरीक्षण भी करना होगा। छात्र उपस्थिति भी 90 प्रतिशत करनी होगी।
विज्ञापन

यह निर्देश शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, मौलिक जिला शिक्षा अधिकारियों, डाइट प्राचार्यों को जारी किए हैं। इसकी रिपोर्ट बनाकर भी मुख्यालय को भेजनी होगी। दरअसल शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव ने पिछले दिनों महेंद्रगढ़, गुरुग्राम व नूंह जिले के 700 से अधिक वरिष्ठ माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालयों का पर्यवेक्षण किया था। पर्यवेक्षकों द्वारा पाया गया कि विद्यालयों में प्रयोगशाला, पुस्तकालय के उपयोग, पठन-पाठन सामग्री, वर्कबुक के उपयोग, स्मार्ट कक्षा के स्मार्ट बोर्ड के उपयोग एवं अध्यापकों के पढ़ाने को लेकर विद्यालयों में अलग स्थितियां है। कुछ विद्यालय बहुत ही उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं जबकि कुछ विद्यालयों में अभी बहुत कुछ किए जाने की संभावना हैं। पर्यवेक्षण के दौरान पाया गया है कि 39 प्रतिशत प्राचार्य विद्यार्थियों को नहीं पढ़ा रहे हैं और यदि वह पढ़ा भी रहे हैं तो उस विषय को नहीं चुना गया है, जिसमें वह पीजीटी हैं। ज्यादातर प्राचार्य द्वारा वैकल्पिक विषयों को लिया गया है। प्राचार्यों को कहा गया कि स्कूल मुखिया एक नायक, सेनापति, कैप्टन तथा कुशल नेतृत्व के रूप में कार्य करें। तीनों जिले के पर्यवेक्षण में यह संज्ञान में आया है कि छात्र उपस्थिति 72 से 75 प्रतिशत के बीच है, जो चिंता का विषय है।
विज्ञापन

इसी के क्रम में प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, डाइट प्राचार्य, जिला परियोजना समन्वयक व खंड शिक्षा अधिकारी को विभाग ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया कि अपने क्षेत्राधिकार के विद्यालयों में ऐसी व्यवस्था बनाएं, जिससे पठन-पाठन, कार्यक्रम बाल मित्रवत, भयमुक्त, रुचिकर गतिविधि आधारित, स्वास्थ्य अनुकूल हों। बच्चों को रोचक तरीके से पढ़ाया जाए। स्कूलों में कार्यरत प्राचार्य को अपने मुख्य कार्यों के अलावा प्रत्येक दिन कक्षाओं में जाकर अध्यापक के पठन-पाठन का निरीक्षण करना अनिवार्य है। विद्यार्थियों के प्लान देखना, डायरी देखना, विद्यार्थियों की शिक्षण दक्षताओं की जांच करना शामिल है। इसके अलावा प्रत्येक प्राचार्य को प्रति सप्ताह 12 पीरियड भी पढ़ाना अनिवार्य किया गया है। इतनी कम छात्र उपस्थिति कभी भी उच्च परिणाम देने की गारंटी नहीं देता। इसके लिए स्कूल मुखिया प्रयास करें, अभिभावकों से चर्चा करें, हाजिरी सुनिश्चित करना, पढ़ाई का वातावरण बनाना स्कूल मुखिया का दायित्व है। 90 प्रतिशत से अधिक हाजिरी अनिवार्य की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

बॉक्स
शिक्षा विभाग द्वारा पत्र जारी कर दिशा निर्देश दिए गए हैं। स्कूल मुखिया का कक्षा पर्यवेक्षण, छात्र उपस्थिति बढ़ाने, स्मार्ट कक्षा रूम का उपयोग, सहित जो भी निर्देश दिए गए हैं। उनका पालन कर स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
-पुष्पा मोर, खंड शिक्षा अधिकारी जींद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed