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Jind News: इस वर्ष डेंगू का केस नहीं, स्वास्थ्य विभाग की 200 टीमें जागरूकता में जुटीं
Fri, 16 May 2025 12:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 16 May 2025 12:07 AM IST
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जींद। जिले में डेंगू को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की 200 टीमें लोगों को जागरूक करने के लिए फील्ड में उतरी हुई हैं। इनकी बदौलत इस वर्ष में अब तक एक भी केस डेंगू का नहीं आया। हालांकि जिले में डेंगू के वर्ष 2021 में 622 मामले आए थे, लेकिन इसके बाद इनकी संख्या को लगातार घटाया गया, बीते वर्ष इन मरीजों की संख्या 141 पर आ गई।
जिले में मौसमी बीमारियों डेंगू, मलेरिया से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग हर वर्ष स्वास्थ्य कर्मियों को घर-घर जाकर जागरूक करने के निर्देश देता है। इसके कारण लोगों में भी जागरूकता आई और घरों में पानी के होद, टंकी, गली की नालियों, तालाबों व छतों पर पड़े टायरों की सफाई करने व उनके दवाई डालने के लिए जागरूक कर रहे हैं। इसके अलावा ग्राम पंचायतों को फोगिंग मशीन भी दी हुई हैं। जिले में 201 फोगिंग मशीन हैं। इनमें से 139 मशीन काम कर रही हैं।
इन मशीनों के माध्यम से गांवों में फोगिंग करवाई जाती है। जहां पर लारवा मिलता है। उन मकान मालिकों को नोटिस भी दिए जाते हैं। अब तक जिले में इस बार लगभग 55 लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस दिए हैं, ताकि वह अपने आसपास सफाई रखें और गंदे पानी में बनने वाले लारवा को नष्ट कर सके। इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मी बुखार से पीड़ित लोगों की रक्त पट्टिका बना रहे हैं। जिन लोगों को मलेरिया व डेंगू के लक्षण के संदेह नजर आते हैं। उनके रक्त के सैंपलों की जांच भी करवाई जाती है।
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डेंगू को रोकने के लिए लोगों की जागरूकता भी काम आ रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत भी परिणाम ला रही है। जिले में जहां चार वर्ष पहले 622 डेंगू के मामले आए थे। अब इनकी संख्या घटकर बीते वर्ष 141 हुई। डेंगू के कारण जिले में किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई। इस बार अब तक डेंगू का कोई मरीज नहीं आया।
-- डॉ. बिजेंद्र ढांडा, नोडल अधिकारी डेंगू।
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जिले में मौसमी बीमारियों डेंगू, मलेरिया से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग हर वर्ष स्वास्थ्य कर्मियों को घर-घर जाकर जागरूक करने के निर्देश देता है। इसके कारण लोगों में भी जागरूकता आई और घरों में पानी के होद, टंकी, गली की नालियों, तालाबों व छतों पर पड़े टायरों की सफाई करने व उनके दवाई डालने के लिए जागरूक कर रहे हैं। इसके अलावा ग्राम पंचायतों को फोगिंग मशीन भी दी हुई हैं। जिले में 201 फोगिंग मशीन हैं। इनमें से 139 मशीन काम कर रही हैं।
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इन मशीनों के माध्यम से गांवों में फोगिंग करवाई जाती है। जहां पर लारवा मिलता है। उन मकान मालिकों को नोटिस भी दिए जाते हैं। अब तक जिले में इस बार लगभग 55 लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस दिए हैं, ताकि वह अपने आसपास सफाई रखें और गंदे पानी में बनने वाले लारवा को नष्ट कर सके। इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मी बुखार से पीड़ित लोगों की रक्त पट्टिका बना रहे हैं। जिन लोगों को मलेरिया व डेंगू के लक्षण के संदेह नजर आते हैं। उनके रक्त के सैंपलों की जांच भी करवाई जाती है।
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डेंगू को रोकने के लिए लोगों की जागरूकता भी काम आ रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत भी परिणाम ला रही है। जिले में जहां चार वर्ष पहले 622 डेंगू के मामले आए थे। अब इनकी संख्या घटकर बीते वर्ष 141 हुई। डेंगू के कारण जिले में किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई। इस बार अब तक डेंगू का कोई मरीज नहीं आया।