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राष्ट्र रक्षा प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य है : चंद्रकांत आर्य
Mon, 11 Aug 2025 12:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 11 Aug 2025 12:10 AM IST
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10जेएनडी20-आर्य समाज नरवाना में यज्ञ करते हुए लोग। संवाद
नरवाना। आर्य समाज परिसर में रविवार को पर्यावरण शुद्धि व समृद्धि के उद्देश्य से यज्ञ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साप्ताहिक सत्संग के तहत श्रद्धालुओं ने भजन, गीत और वेद मंत्रों के माध्यम से ईश्वर स्तुति, प्रार्थना व उपासना कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। धर्मपाल, डॉ. प्रताप सिंह और यशपाल आर्य ने भजन और गीतों के माध्यम से महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन, उनके आदर्शों और आर्य समाज के उद्देश्यों का गुणगान किया।
आर्य समाज के प्रधान चंद्रकांत आर्य ने कहा कि राष्ट्र रक्षा प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व निष्ठा और समर्पण से निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सिंध प्रांत आज राष्ट्रगान की एक पंक्ति तक सीमित होकर रह गया है।
जयपाल सिंह आर्य ने वेद मंत्रों के आधार पर जीवन में श्रेष्ठ गुण, कर्म, स्वभाव और चिंतन को अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि चारों वेद मनुष्य को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के चार पुरुषार्थों का मार्ग बताते हैं। वेदों के अनुसार जीवन के हर आश्रम और हर क्षेत्र में राष्ट्रहित सर्वोपरि माना गया है। इस मौके पर वेदपाल, रामकुमार, संजीव, किताब सिंह और बलबीर सिंह भी मौजूद रहे।
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आर्य समाज के प्रधान चंद्रकांत आर्य ने कहा कि राष्ट्र रक्षा प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व निष्ठा और समर्पण से निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सिंध प्रांत आज राष्ट्रगान की एक पंक्ति तक सीमित होकर रह गया है।
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जयपाल सिंह आर्य ने वेद मंत्रों के आधार पर जीवन में श्रेष्ठ गुण, कर्म, स्वभाव और चिंतन को अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि चारों वेद मनुष्य को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के चार पुरुषार्थों का मार्ग बताते हैं। वेदों के अनुसार जीवन के हर आश्रम और हर क्षेत्र में राष्ट्रहित सर्वोपरि माना गया है। इस मौके पर वेदपाल, रामकुमार, संजीव, किताब सिंह और बलबीर सिंह भी मौजूद रहे।
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