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Jind News: नरवाना नगर परिषद के अकाउंटेंट निलंबित, मंत्री बैठक में गैरहाजिरी पड़ी भारी
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नरवाना। शहर के विकास कार्यों में बाधा और मंत्री स्तरीय बैठक में गैरहाजिर रहने के मामले में नगर परिषद नरवाना के अकाउंटेंट सुनील कुमार को अर्बन लोकल बॉडी निदेशालय पंचकूला ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में विभाग की ओर से आधिकारिक पत्र जारी कर नगर परिषद अधिकारियों को भी सूचित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले शहर के विकास कार्यों को गति देने के लिए कैबिनेट मंत्री ने नगर परिषद के ईओ कार्यालय में समीक्षा बैठक बुलाई थी। बैठक में डीएमसी जींद सहित नगर परिषद के कई अधिकारी मौजूद रहे लेकिन अकाउंटेंट सुनील कुमार बार-बार फोन करने के बावजूद बैठक में शामिल नहीं हुए।
सूत्रों के मुताबिक, अकाउंटेंट के खिलाफ पहले से ही कई शिकायतें लंबित थीं। इन शिकायतों में विकास कार्यों में देरी, सरकारी प्रक्रियाओं में बाधा डालना, टेंडर प्रक्रिया के दौरान फंड बुकिंग में अनियमितता और ठेकेदारों के बिल रोकने जैसे आरोप शामिल थे।
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विभागीय अधिकारियों की ओर से इन सभी पहलुओं की जांच के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है। नगर परिषद प्रधान की ओर से भी अकाउंटेंट के खिलाफ कई बार लिखित शिकायतें उच्चाधिकारियों को भेजी गई थीं। इन शिकायतों को भी कार्रवाई के दौरान आधार बनाया गया।
नगर परिषद के चेयरपर्सन प्रतिनिधि विशाल मिर्धा ने बताया कि अकाउंटेंट मंत्री की अहम बैठक में शामिल नहीं हुआ जबकि उसे कई बार फोन किए गए थे। इसके अलावा उसके खिलाफ काम में लापरवाही, विकास कार्यों में बाधा और ठेकेदारों के भुगतान रोकने की शिकायतें पहले से ही थीं। सभी तथ्यों को देखते हुए निदेशालय ने यह कार्रवाई की है।
निलंबन पत्र मिलते ही भेजी गई सूचना
डीएमसी जींद सुरेंद्र दून ने बताया कि अकाउंटेंट के निलंबन का पत्र मुख्यालय से प्राप्त हो चुका है। इसके बाद पत्र को नगर परिषद अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है। संबंधित कर्मचारी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं जिस पर उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई अमल में लाई है।
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जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले शहर के विकास कार्यों को गति देने के लिए कैबिनेट मंत्री ने नगर परिषद के ईओ कार्यालय में समीक्षा बैठक बुलाई थी। बैठक में डीएमसी जींद सहित नगर परिषद के कई अधिकारी मौजूद रहे लेकिन अकाउंटेंट सुनील कुमार बार-बार फोन करने के बावजूद बैठक में शामिल नहीं हुए।
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सूत्रों के मुताबिक, अकाउंटेंट के खिलाफ पहले से ही कई शिकायतें लंबित थीं। इन शिकायतों में विकास कार्यों में देरी, सरकारी प्रक्रियाओं में बाधा डालना, टेंडर प्रक्रिया के दौरान फंड बुकिंग में अनियमितता और ठेकेदारों के बिल रोकने जैसे आरोप शामिल थे।
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विभागीय अधिकारियों की ओर से इन सभी पहलुओं की जांच के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है। नगर परिषद प्रधान की ओर से भी अकाउंटेंट के खिलाफ कई बार लिखित शिकायतें उच्चाधिकारियों को भेजी गई थीं। इन शिकायतों को भी कार्रवाई के दौरान आधार बनाया गया।
नगर परिषद के चेयरपर्सन प्रतिनिधि विशाल मिर्धा ने बताया कि अकाउंटेंट मंत्री की अहम बैठक में शामिल नहीं हुआ जबकि उसे कई बार फोन किए गए थे। इसके अलावा उसके खिलाफ काम में लापरवाही, विकास कार्यों में बाधा और ठेकेदारों के भुगतान रोकने की शिकायतें पहले से ही थीं। सभी तथ्यों को देखते हुए निदेशालय ने यह कार्रवाई की है।
निलंबन पत्र मिलते ही भेजी गई सूचना
डीएमसी जींद सुरेंद्र दून ने बताया कि अकाउंटेंट के निलंबन का पत्र मुख्यालय से प्राप्त हो चुका है। इसके बाद पत्र को नगर परिषद अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है। संबंधित कर्मचारी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं जिस पर उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई अमल में लाई है।