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Jind News: गंदगी से अटा आस्था व विश्वास का केंद्र नागक्षेत्र सरोवर

Mon, 13 Jan 2025 11:39 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jan 2025 11:39 PM IST
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Nagkshetra lake, the center of faith and belief, is littered with dirt.
13जेएनडी26: नागक्षेत्र सरोवर के तट पर मांस नोचता हुआ कुत्ता। संवाद
सफीदों। शहर के बीचोबीच स्थित नागक्षेत्र सरोवर आज दुर्दशा का दंश झेल रहा है। आस्था व विश्वास का केंद्र नागक्षेत्र सरोवर के घाट क्षतिग्रस्त अवस्था में है तथा चारों ओर गंदगी का आलम है। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अधीन आने वाले इस सरोवर की ओर किसी का कोई ध्यान नहीं है। इस सरोवर की इस दुर्दशा के कारण इसमें आस्थावान श्रद्धालुओं में भारी रोष है। हालात यह है कि सरोवर के पौडियों पर काई जमी हुई है, कचरा पड़ा हुआ है तथा पॉलीथिनों के अंबार लगे हुए है। कुत्ते यहां पर मांस नोचने का कार्य करते हैं।
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लोगों का कहना है कि नागक्षेत्र का बाहरी क्षेत्र तो साफ कर दिया जाता है लेकिन अंदर सफाई की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा। नागक्षेत्र सरोवर पर लोगों के बैठने व अनुष्ठानों के लिए बनाए गए कमरों में भयंकर गंदगी मची हुई है। असामाजिक तत्वों ने यहां पर डेरा डाला हुआ है और वह पर शौच व पेशाब जाते हैं। इन कमरों में घुसने भर से भयंकर दुर्गंध उठती है। लोगों ने अपने धार्मिक अनुष्ठान इन कमरों में करने की बजाए बाहर घाट पर करने शुरू कर दिए है। नशेड़ी लोग यहां पर नशे की टीके वगैरह भी लगाने लगे हैं। इसके अलावा यहां पर बेसहारा पशुओं की भी भरमार हो गई है।
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गौरतलब है कि ऐतिहासिक महत्व के इस सरोवर पर देश-विदेश के लोग स्नान व पूजा-अर्चना करने के लिए आते हैं और श्रद्धालुओं की यहां पर अगाध श्रद्धा है लेकिन सरोवर का पानी सड़कर व गंदगी की चपेट में आकर नहाने के योग्य नहीं रहा है। बता दें कि नागक्षेत्र सरोवर लगभग पांच हजार वर्ष पुराना माना जाता है। प्राचीन मान्यता है कि नागक्षेत्र सरोवर में किसी समय एक विशाल हवन कुंड था जिसका निर्माण नाग जाति के दमन के लिए हुआ था। मुनि शभिक के शाप के कारण सर्पदंश से राजा परीक्षित की मृत्यु हो गई। महाराजा परीक्षित के पुत्र जनमेजय ने नाग यज्ञ किया और मंत्रों के प्रभाव से सभी सर्प अग्निकुण्ड में गिरकर भस्म होने लगे। आस्तीक मुनि ने सर्प जाति का पूर्ण विनाश रुकवा दिया। इस नागक्षेत्र सरोवर का जीर्णोद्धार जीन्द रियासत के राजा गजपत सिंह ने करवाया था। इस तीर्थ के प्रांगण में माता जगदंबा की एक विशाल प्रतिमा स्थापित है।बाक्स
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सफीदों के विधायक रामकुमार गौत्तम के बेटे एडवोकेट रजत गौत्तम ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। नागक्षेत्र सरोवर सफीदों ही नहीं बल्कि पूरे देश के लोगों के आस्था का केंद्र हैं। इस सरोवर व मंदिर का विकास करवाया जाएगा। फिलहाल उन्होंने स्थानीय प्रशासन को इसकी साफ-सफाई व अन्य व्यवस्थाओं के लिए कहा है। शीघ्र ही यहां पर सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करवाया जाएगा।

13जेएनडी26: नागक्षेत्र सरोवर के तट पर मांस नोचता हुआ कुत्ता। संवाद

13जेएनडी26: नागक्षेत्र सरोवर के तट पर मांस नोचता हुआ कुत्ता। संवाद

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