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फर्जी आयकर अधिकारियों के गिरोह का सरगना मुनीष वर्मा गिरफ्तार, परिजन खुद लेकर आए थाने

Sun, 23 Aug 2020 11:36 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2020 11:36 PM IST
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Munish Verma, leader of gang of fake income tax officers arrested, family brought police station
फर्जी आयकर अधिकारी गिरोह का सरगना मुनीष वर्मा, जिसने दो युवतियों को प्रशिक्षण देकर जींद भेजा था। - फोटो : Jind
रवि ज्वैलर्स की दुकान पर फर्जी आयकर अधिकारी बनकर ठगने आई दो युवतियों को प्रशिक्षण देने के आरोपी दिल्ली के शाहदरा निवासी मुनीष वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है है। रविवार को मुनीष के परिजनों ने उसे जींद पुलिस के हवाले कर दिया है। वहीं चार दिन का रिमांड पूरा होने पर सोमवार को दोनों युवतियों के अलावा मुनीष को अदालत में पेश किया जाएगा।
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जानकारी के लिए 19 अगस्त को रवि ज्वैलर्स की दुकान पर दो युवतियां आयकर अधिकारी बनकर ठगी करने की कोशिश कर रही थीं। शक होने पर दुकानदार रवि ने इसकी जानकारी पुलिस को दे दी थी। जिस पर महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया था। 20 अगस्त को दोनों युवतियों को अदालत में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था।
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एसआईटी प्रभारी डीसएपी जितेंद्र ने कहा कि मुनीष वर्मा लंबे समय से दिल्ली में सट्टा लगाने का काम कर रहा था। इसके बाद उसके संपर्क में दिल्ली के शाहदरा की रहने वाली स्वाति आई तो दोनों ने मिलकर इंश्योरेंस के नाम पर लोगों से ठगी करने का काम शुरू कर दिया था।
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मुनीष और स्वाति ने उन लोगों के डाटा को कंपनियों से एकत्रित किया, जिनकी पॉलिसी अधूरी थी। दोनों उन लोगों से संपर्क करते और उनकी पॉलिसी को अपने नाम करने के बाद पैसे हड़प लेते थे। इस काम में जींद की रहने वाली श्वेता भी शामिल थी। लॉकडाउन के दौरान इन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी अधिकारी बनकर ठगने का काम शुरू किया।
मुनीष ने इस काम के लिए श्वेता और स्वाति को चुना। दोनों महिलाएं अच्छा बोलती थीं और महिला होने के कारण उन पर लोगों को शक भी कम होने की संभावना थी। फर्जी आयकर अधिकारी बनकर लोगों को ठगने की जींद से शुरूआत, इसलिए की थी कि छोटा शहर होने के कारण व्यापारी डर जाएंगे और इन महिलाओं पर शक भी नहीं करेंगे।
ठगी के पूरे पैसे को घूमने और शराब पीने में करती थीं खर्च
लोगों को इंश्योरेंस के नाम पर ठगने और सट्टे में जीते गए पैसे को यह तीनों मिलकर घूमने और शराब पीने पर खर्च करते थे। इनको मसूरी, उदयपुर, गोवा समेत बड़े शहरों में घूमने तथा अय्याशी करने का शौक था। जब भी कहीं ठगी करने में कामयाब होते तो उस पैसे को लेकर घूमने के लिए निकल जाते थे।
इंश्योरेंस में ठगी कर कमाए थे 30 लाख रुपये
इन तीनों ने इंश्योरेंस के नाम पर लोगों की किस्त के पैसे को अपने खाते में डालकर और पॉलिसी अपने नाम बदलवाकर लगभग 30 लाख रुपये कमाए थे। यह पैसे भी इन्होंने अपने घूमने के शौक को पूरा करने के लिए खर्च कर दिए हैं।
स्वाति के रिश्ते में मौसेरा भाई है मुनीष
मुनीष वर्मा स्वाति की चाची की बहन का लड़का है, जोकि उसका मौसेरा भाई लगता है। रिश्ते में भाई-बहन होने के कारण दोनों ने अपने काम को बढ़ाने के लिए श्वेता को गिरोह में शामिल किया था। श्वेता और स्वाति दोनों पीजी में रहती थीं, जबकि मुनीष के पास दिल्ली में अपना फ्लैट है।

आज किया जाएगा अदालत में पेश
मुनीष वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। सोमवार को उसे अदालत में पेश किया जाएगा। फर्जी आयकर अधिकारियों के रिमांड की अवधि भी सोमवार को पूरी हो जाएगी। इसके बाद दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा।
जितेंद्र खटकड़ डीएसपी उचाना।
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