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Jind News: चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न करवाने के लिए माइक्रो ऑब्जर्वरों को दी ट्रेनिंग

Thu, 26 Sep 2024 03:34 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 26 Sep 2024 03:34 AM IST
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Micro observers were trained to conduct the elections peacefully.
25जेएनडी24-हमेटी के ऑडिटोरियम में माइक्रो ऑब्जर्वरों को टे्रनिंग देते हुए। स्रोत प्रशासन
जींद। विधानसभा आम चुनाव के मद्देनजर बुधवार को हरियाणा कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान (हमेटी) के ऑडिटोरियम में पांचों विधानसभा क्षेत्रों के सामान्य पर्यवेक्षक आईएएस अनंत लाल ज्ञानी, आईएएस नारायण भरथ गुप्ता, आईएएस कृष्णादित्य और डीसी मोहम्मद इमरान रजा की उपस्थिति मे पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से माइक्रो ऑब्जर्वर्स के लिए ट्रेनिंग का आयोजन किया।
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जिला निर्वाचन अधिकारी मोहम्मद इमरान रजा ने कहा कि हमारा उद्देश्य विधानसभा आम चुनाव कों पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ करवाना है। इसलिए हम सभी कों ये ड्यूटी अपना कर्तव्य समझ कर निभानी है। उन्होंने कहा कि माइक्रो आब्र्जवर की मतदान प्रक्रिया में सबसे अहम भूमिका होती है। उनको वलनरेबल एवं क्रिटीकल मतदान केंद्र पर सामान्य पर्यवेक्षक की मदद के लिए तैयार किया जाता है। इनको मतदान प्रक्रिया पर बारीकी से नजर रखनी होती हैं और बाद में अपनी रिपोर्ट सामान्य पर्यवेक्षकों को भेजनी होती है इसलिए इन्हें अपने कार्य को पूरी निष्ठा और सजगता से करना आवश्यक हैं।
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ट्रेनिंग के नोडल अधिकारी एवं जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार ने बताया कि माइक्रो ऑब्जर्वर का कार्य मतदान के दिन पीठासीन अधिकारी, वैकल्पिक पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी आदि के कार्य को ऑब्जर्व करके, उनके बारे मे पर्यवेक्षक को रिपोर्ट करना होता है। इस दौरान रिटर्निंग अधिकारी सफीदों मनीष फोगाट समेत अन्य नोडल अधिकारी (माइक्रो ऑब्जर्वर) भी मौजूद रहे।
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चुनाव होने के बाद करनी होगी रिपोर्ट प्रस्तुत

नोडल अधिकारी राजकुमार ने कहा कि माइक्रो ऑब्जर्वर्स को पांच अक्तूबर को मतदान समाप्ति के बाद पर्यवेक्षक को रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। उन्हें यह देखना होगा कि मतदान केंद्र पर सभी मूलभूत सुविधाएं जैसे रैंप, पेयजल, फर्नीचर, बिजली, शौचालय आदि की समुचित व्यवस्था है या नहीं। मॉक पोल प्रक्रिया उनकी (माइक्रो ऑब्जर्वर) मौजूदगी में पूरी की गई है या नहीं। वीवीपैट की पर्चियों को काले रंग के लिफाफे में सील किया गया हो, मॉक पोल के बाद मतदान शुरू होने से पहले यह जांचना कि ईवीएम शून्य पर सेट की गई हो। माइक्रो ऑब्जर्वर को यह देखना होता है कि मतदान के दौरान किसी राजनैतिक पार्टी के कितने पोलिंग एजेंट मौजूद रहे। पोलिंग स्टेशन में किसी भी समय क्या उस राजनैतिक पार्टी का एक से अधिक एजेंट मौजूद रहा। क्या बीयू, सीयू और ग्रीन पेपर सील का सीरियल नंबर पोलिंग एजेंट को नोट कराया गया, माइक्रो ऑब्जर्वर कों ध्यान रखना है कि वोटिंग कम्पार्टमेंट को इस तरह से बनाया गया हों कि मतदान की गोपनीयता बरकरार रहे। मतदाताओं द्वारा पहचान के लिये प्रस्तुत किये गये दस्तावेजों का फार्म 17-ए में ठीक से इंद्राज किया गया हो।
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