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Jind News: एड्स कंट्रोल कर्मियों की हड़ताल से नहीं बंटी दवा
Fri, 02 Aug 2024 02:13 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 02 Aug 2024 02:13 AM IST
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01जेएनडी37: नागरिक अस्पताल में धरने पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते एनएचएम कर्मचारी। संवाद
जींद। स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम के तहत लगे कर्मियों की हड़ताल के साथ ही अब हरियाणा स्टेट एड्स कंट्रोल वेलफेयर कर्मियों ने भी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इसके चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने शुरू हो गई है।
एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से लेबर रूम, नर्सरी, केएमसी यूनिट, रैफरल ट्रांसपोर्ट, मेंटल हेल्थ, स्कूल हेल्थ, आरबीएसके व आरकेएसके, एनसीडी, एनआरसी, टीबी विभाग, आयुष विभाग, एनएचएम कार्यालय, पीपी सेंटर, सभी सीएचओ व रिपोर्टिंग के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा हरियाणा राज्य एड्स कंट्रोल सोसाइटी के तहत आने वाले सभी सेंटर आईसीटीसी सेंटर, ओएसटी सेंटर, एसटीआई सेंटर, ब्लड बैंक सेंटर, एआरटी, को पूर्ण रूप से बंद रखा गया है। ऐसे में जल्द ही यूनियनों का समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में आमजन को स्वास्थ्य को लेकर गंभीर समस्याएं का सामना करना पड़ेगा।
एनएचएम कर्मियों की हड़ताल गौरव सहगल की अध्यक्षता में सीएमओ कार्यालय के सामने जारी रही। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारी कई सालों से स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मांग की कि एनएचएम कर्मचारियों को पक्का किया जाए। सांतवे वेतनमान का लाभ दिया जाए। सर्विस रूल के साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए। एनएचएम कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रदान की जाए। एलटीसी, ग्रेच्युटी व एक्सग्रेशिया का लाभ दिया जाए। एनएचएम कर्मचारियों को सेवा अनुसार ईएल, स्टडी लीव, ट्यूशन फीस का लाभ दिया जाए। आयुष्मान भारत योजना के तहत सीएचओ कैडर की एसओपी को लागू किया जाए। एनएचएम कर्मचारियों को एचआर की एवज में नियमानुसार स्वास्थ्य विभाग में क्वार्टर अलॉट किया जाए। एनएचएम कर्मचारियों को ट्रांसफर सुविधा दी जाए, जोकि कुछ समय पहले ली गई है। वर्ष 2017 से 2024 तक कर्मचारियों की हड़ताल अवधि का वेतन प्रदान किया जाए। समय अवधि को सेवा अवधि में गणना की जाए। एनएचएम कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए।
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एड्स बीमारी से संबंधित कार्य हुए प्रभावित
बुधवार को एड्स कंट्रोल कर्मियों की हड़ताल के चलते एड्स बीमारी से संबंधित कार्य प्रभावित हुए। न तो एड्स जांच का कार्य हुआ और न ही एड्स रोगियों को दवा का वितरण हो सका। ऐसे में एड्स रोगी जब दवा लेने के लिए अस्पताल पहुंचे तो उन्हें लौटना पड़ा। इसके अलावा किसी भी ऑपरेशन या डिलिविरी से पहले एड्स जांच को अनिवार्य किया गया है। ऐसे में कर्मियों की हड़ताल के चलते एड्स जांच का कार्य भी प्रभावित हुआ। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 100 मरीजों की एड्स की जांच होती थी। इसके अलावा 150 मरीजों को दवाइयां वितरित की जाती हैं। ओएसटी सेंटर पर लगभग 60 मरीजों को दवाइयां दी जाती थीं। यह सभी काम हड़ताल के कारण बाधित रहे।
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एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से लेबर रूम, नर्सरी, केएमसी यूनिट, रैफरल ट्रांसपोर्ट, मेंटल हेल्थ, स्कूल हेल्थ, आरबीएसके व आरकेएसके, एनसीडी, एनआरसी, टीबी विभाग, आयुष विभाग, एनएचएम कार्यालय, पीपी सेंटर, सभी सीएचओ व रिपोर्टिंग के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा हरियाणा राज्य एड्स कंट्रोल सोसाइटी के तहत आने वाले सभी सेंटर आईसीटीसी सेंटर, ओएसटी सेंटर, एसटीआई सेंटर, ब्लड बैंक सेंटर, एआरटी, को पूर्ण रूप से बंद रखा गया है। ऐसे में जल्द ही यूनियनों का समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में आमजन को स्वास्थ्य को लेकर गंभीर समस्याएं का सामना करना पड़ेगा।
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एनएचएम कर्मियों की हड़ताल गौरव सहगल की अध्यक्षता में सीएमओ कार्यालय के सामने जारी रही। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारी कई सालों से स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मांग की कि एनएचएम कर्मचारियों को पक्का किया जाए। सांतवे वेतनमान का लाभ दिया जाए। सर्विस रूल के साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए। एनएचएम कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रदान की जाए। एलटीसी, ग्रेच्युटी व एक्सग्रेशिया का लाभ दिया जाए। एनएचएम कर्मचारियों को सेवा अनुसार ईएल, स्टडी लीव, ट्यूशन फीस का लाभ दिया जाए। आयुष्मान भारत योजना के तहत सीएचओ कैडर की एसओपी को लागू किया जाए। एनएचएम कर्मचारियों को एचआर की एवज में नियमानुसार स्वास्थ्य विभाग में क्वार्टर अलॉट किया जाए। एनएचएम कर्मचारियों को ट्रांसफर सुविधा दी जाए, जोकि कुछ समय पहले ली गई है। वर्ष 2017 से 2024 तक कर्मचारियों की हड़ताल अवधि का वेतन प्रदान किया जाए। समय अवधि को सेवा अवधि में गणना की जाए। एनएचएम कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए।
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एड्स बीमारी से संबंधित कार्य हुए प्रभावित
बुधवार को एड्स कंट्रोल कर्मियों की हड़ताल के चलते एड्स बीमारी से संबंधित कार्य प्रभावित हुए। न तो एड्स जांच का कार्य हुआ और न ही एड्स रोगियों को दवा का वितरण हो सका। ऐसे में एड्स रोगी जब दवा लेने के लिए अस्पताल पहुंचे तो उन्हें लौटना पड़ा। इसके अलावा किसी भी ऑपरेशन या डिलिविरी से पहले एड्स जांच को अनिवार्य किया गया है। ऐसे में कर्मियों की हड़ताल के चलते एड्स जांच का कार्य भी प्रभावित हुआ। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 100 मरीजों की एड्स की जांच होती थी। इसके अलावा 150 मरीजों को दवाइयां वितरित की जाती हैं। ओएसटी सेंटर पर लगभग 60 मरीजों को दवाइयां दी जाती थीं। यह सभी काम हड़ताल के कारण बाधित रहे।

01जेएनडी37: नागरिक अस्पताल में धरने पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते एनएचएम कर्मचारी। संवाद