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शहीद को शहादत को एक वर्ष बीतने के बाद भी नहीं मिला सम्मान, पत्नी काट रही पति के सम्मान के लिए चक्कर
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शहीद की फोटो पर पुष्प अर्पित कर श्रद्वाजंलि देते हुए।
- फोटो : Jind
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जींद। बीते वर्ष 25 अप्रैल को ऋषिकेश में शहीद हुए कैप्टन दलबीर सिंह को अबतक प्रशासनिक स्तर पर सम्मान नहीं मिला जबकि शहादत के दौरान इसके लिए सेना ने प्रशासन को पत्र लिखा था। शहीद पति को सम्मान दिलाने के लिए उनकी पत्नी प्रशासन के चक्कर काट रही हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सोमवार को शहीद कैप्टन दलबीर सिंह की पुण्य तिथि पर पत्नी तथा बेटे ने घर पर ही पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रशासन की ओर से कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया।
कैप्टन दलबीर सिंह ने गत वर्ष 25 अप्रैल को ऋषिकेश में ड्यूटी के दौरान शहादत दी थी। उस समय कोरोना का संक्रमण अधिक होने के चलते उनको सेना की तरफ से सम्मान नहीं दिया गया। सेना के अधिकारियों की तरफ से शहीद कैप्टन को सम्मान देने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा गया था। इस पत्र को लेकर शहीद की पत्नी अमिता ढांडा ने कई बार अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काटे, लेकिन अब तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। सोमवार को कैप्टन दलबीर की पुण्यतिथि पर शहीद की पत्नी तथा बेटे ने घर पर शहीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित उनको श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रशासनिक स्तर पर कोई कार्यक्रम नहीं आयोजित किया गया। शहीद की पत्नी अमिता ढांडा ने बताया कि कैप्टन दलबीर सिंह 57 वर्ष की आयु में ही देश सेवा में शहीद हो गए थे। उनका पैतृक गांव खरकरामजी है। अब हम सब शहर के सेक्टर आठ में रह रहे हैं। बताया कि जब तक शहीद पति को प्रशासन सम्मान नहीं देगा, वे लगातार अधिकारियों व सरकार से इस बारे में गुहार लगाएंगी।
पूरी की गई है प्रक्रिया
यह मामला डीसी कार्यालय से आया था। कोरोना संक्रमण के चलते अंतिम संस्कार का प्रोटोकोल बना हुआ था। इसके बाद परिवार से संपर्क कर सभी सुविधाएं देने की प्रक्रिया की गई है। जिला स्तर की सभी औपचारिकताएं पूरी कर उनकी यूनिट को मामला भेजा गया है।-कर्ण सिंह, डीलिंग, जिला सैनिक बोर्ड।
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कैप्टन दलबीर सिंह ने गत वर्ष 25 अप्रैल को ऋषिकेश में ड्यूटी के दौरान शहादत दी थी। उस समय कोरोना का संक्रमण अधिक होने के चलते उनको सेना की तरफ से सम्मान नहीं दिया गया। सेना के अधिकारियों की तरफ से शहीद कैप्टन को सम्मान देने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा गया था। इस पत्र को लेकर शहीद की पत्नी अमिता ढांडा ने कई बार अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काटे, लेकिन अब तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। सोमवार को कैप्टन दलबीर की पुण्यतिथि पर शहीद की पत्नी तथा बेटे ने घर पर शहीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित उनको श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रशासनिक स्तर पर कोई कार्यक्रम नहीं आयोजित किया गया। शहीद की पत्नी अमिता ढांडा ने बताया कि कैप्टन दलबीर सिंह 57 वर्ष की आयु में ही देश सेवा में शहीद हो गए थे। उनका पैतृक गांव खरकरामजी है। अब हम सब शहर के सेक्टर आठ में रह रहे हैं। बताया कि जब तक शहीद पति को प्रशासन सम्मान नहीं देगा, वे लगातार अधिकारियों व सरकार से इस बारे में गुहार लगाएंगी।
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पूरी की गई है प्रक्रिया
यह मामला डीसी कार्यालय से आया था। कोरोना संक्रमण के चलते अंतिम संस्कार का प्रोटोकोल बना हुआ था। इसके बाद परिवार से संपर्क कर सभी सुविधाएं देने की प्रक्रिया की गई है। जिला स्तर की सभी औपचारिकताएं पूरी कर उनकी यूनिट को मामला भेजा गया है।-कर्ण सिंह, डीलिंग, जिला सैनिक बोर्ड।
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