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इंटर्नशिप को पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग बनाना कॉलेज के लिए एक नई पहल : सत्यवान मलिक
Fri, 28 Feb 2025 12:50 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 28 Feb 2025 12:50 AM IST
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27जेएनडी05: छात्रों को जानकारी देते हुए प्राचार्य सत्यवान मलिक।
जींद। राजकीय महाविद्यालय में वीरवार को प्राचार्य सत्यवान मलिक की अध्यक्षता में इंटर्नशिप सेल की ओर से स्नातक व स्नातकोत्तर छात्रों के लिए इंटर्नशिप गाइडलाइन पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। सत्यवान मलिक ने कहा कि इंटर्नशिप को पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग बनाना कॉलेज के लिए एक नई पहल है। लेकिन हमे इस अवसर के लिए खुले मन और दूरदर्शिता के साथ तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इंटर्नशिप से छात्रों को न केवल व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा, बल्कि वे स्किल्ड भी बनेंगे, जिससे उन्हें स्नातक उपरांत बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे।
इंटर्नशिप प्रोग्राम की जानकारी देते हुए प्रो. सोनू सिहाग ने बताया कि छुट्टियों के दौरान चार से छह सप्ताह की अवधि का यह कार्यक्रम इंटर्नशिप सेल के प्रभारी प्राचार्य के नेतृत्व में संचालित होगा। कक्षा इंचार्ज व शिक्षक विभिन्न कक्षाओं के इंटर्नशिप की निगरानी करेंगे। उन्होंने बताया कि छात्र किन-किन क्षेत्रों में इंटर्नशिप कर सकते हैं, साथ ही इंटर्नशिप मेंटर, सुपरवाइजर की भूमिका, मूल्यांकन प्रक्रिया और संपूर्ण इंटर्नशिप ढांचे पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला आयोजक समन्वयक प्रो. लाभ सिंह ने कहा कि यह कार्यशाला यूजी व पीजी छात्रों को उनके चुने हुए क्षेत्र में सैद्धांतिक ज्ञान के व्यावहारिक अनुप्रयोग को समझने में मदद करेगी। इससे उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी। कार्यशाला में उपयुक्त इंटर्नशिप चयन, प्रक्रिया, प्रोजेक्ट रिपोर्टिंग, पेशेवर आचरण, मूल्यांकन पद्धति और शैक्षणिक क्रेडिट प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कॉलेज शिक्षकों के साथ चर्चा की गई और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए इंटर्नशिप से संबंधित हर महत्वपूर्ण पहलू पर स्पष्ट मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
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इंटर्नशिप प्रोग्राम की जानकारी देते हुए प्रो. सोनू सिहाग ने बताया कि छुट्टियों के दौरान चार से छह सप्ताह की अवधि का यह कार्यक्रम इंटर्नशिप सेल के प्रभारी प्राचार्य के नेतृत्व में संचालित होगा। कक्षा इंचार्ज व शिक्षक विभिन्न कक्षाओं के इंटर्नशिप की निगरानी करेंगे। उन्होंने बताया कि छात्र किन-किन क्षेत्रों में इंटर्नशिप कर सकते हैं, साथ ही इंटर्नशिप मेंटर, सुपरवाइजर की भूमिका, मूल्यांकन प्रक्रिया और संपूर्ण इंटर्नशिप ढांचे पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला आयोजक समन्वयक प्रो. लाभ सिंह ने कहा कि यह कार्यशाला यूजी व पीजी छात्रों को उनके चुने हुए क्षेत्र में सैद्धांतिक ज्ञान के व्यावहारिक अनुप्रयोग को समझने में मदद करेगी। इससे उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी। कार्यशाला में उपयुक्त इंटर्नशिप चयन, प्रक्रिया, प्रोजेक्ट रिपोर्टिंग, पेशेवर आचरण, मूल्यांकन पद्धति और शैक्षणिक क्रेडिट प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कॉलेज शिक्षकों के साथ चर्चा की गई और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए इंटर्नशिप से संबंधित हर महत्वपूर्ण पहलू पर स्पष्ट मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
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