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Jind News: मैढ सुनार सभा लगाएगी पांच हजार पौधे
Fri, 30 May 2025 01:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 30 May 2025 01:17 AM IST
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29 जेएनडी10: मैढ सुनार सभा के पदाधिकारी बैठक करते हुए। मैढ सुनार सभा
जींद। मैढ सुनार सभा ने इस वर्ष आगामी बरसात के मौसम में पर्यावरण संरक्षण के लिए पांच हजार पेड़ पौधे लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए बहुउद्देशीय जन कल्याण सभा समेत अन्य सामाजिक संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाएगा।
सभा के महासचिव राममेहर वर्मा, प्रधान सत्यनारायण सोनी ने कहा कि आज जिस तरह पर्यावरण के असंतुलन की वजह से गर्मी 50 डिग्री के पास पहुंच रही और मौसम में असंतुलन पैदा हो रहा है। उससे बचने के लिए पेड़ व पौधे लगा कर बचा जा सकता है।
उन्होंने प्रत्येक जन मानस से आग्रह किया कि पर्यावरण को बचाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को एक एक पेड़ अवश्य लगाना ही नहीं बल्कि उसकी बच्चे की भांति बड़ा होने तक देखभाल भी करनी चाहिए, ताकि बिगड़ते जलवायु परिर्वतन को रोका जा सके। राममेहर वर्मा व गौरव सोनी ने बताया कि पेड़ मौसम अवरोधक हैं। जो गर्म मौसम और धूप के दौरान सुरक्षा और छाया प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि मनुष्य को जीवित रखने हेतू पेड़ जहां ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। वहीं पर पर्यावरण को दूषित करने वाली कार्बनडाई ऑक्साइड को अवशोषित कर जलवायु और ग्लोबल वार्मिंग में बड़ा योगदान देते हैं। एक पेड़ एक साल में 22 किलो कार्बन डाईऑक्साइड को अवशोषित कर लेता है।
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सभा के महासचिव राममेहर वर्मा, प्रधान सत्यनारायण सोनी ने कहा कि आज जिस तरह पर्यावरण के असंतुलन की वजह से गर्मी 50 डिग्री के पास पहुंच रही और मौसम में असंतुलन पैदा हो रहा है। उससे बचने के लिए पेड़ व पौधे लगा कर बचा जा सकता है।
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उन्होंने प्रत्येक जन मानस से आग्रह किया कि पर्यावरण को बचाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को एक एक पेड़ अवश्य लगाना ही नहीं बल्कि उसकी बच्चे की भांति बड़ा होने तक देखभाल भी करनी चाहिए, ताकि बिगड़ते जलवायु परिर्वतन को रोका जा सके। राममेहर वर्मा व गौरव सोनी ने बताया कि पेड़ मौसम अवरोधक हैं। जो गर्म मौसम और धूप के दौरान सुरक्षा और छाया प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि मनुष्य को जीवित रखने हेतू पेड़ जहां ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। वहीं पर पर्यावरण को दूषित करने वाली कार्बनडाई ऑक्साइड को अवशोषित कर जलवायु और ग्लोबल वार्मिंग में बड़ा योगदान देते हैं। एक पेड़ एक साल में 22 किलो कार्बन डाईऑक्साइड को अवशोषित कर लेता है।
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