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Jind News: देखिए सरकार... शहर का बुरा हाल

Sun, 09 Feb 2025 01:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 09 Feb 2025 01:15 AM IST
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Look at the government... the bad condition of the city.
08जेएनडी15: पुराने बस अड्डे पर लगा गंदगी का ढेर। संवाद
जिले में स्वच्छता रैंकिंग को बढ़ाने के लिए नगर परिषद गंभीर नहीं है। इसके कारण पिछले कई साल से नगर परिषद की रैंकिंग गिरती जा रही है। इस बार मार्च माह में स्वच्छता सर्वेक्षण होने की उम्मीद है, लेकिन नगर परिषद इस पर हर माह लाखों रुपये तो खर्च करती है, लेकिन शहर के मुख्य स्थानों पर लगे गंदगी के ढेर नप कर्मियों की नजरों से दूरी बनाए हुए हैं।
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शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद हर महीने 80 लाख रुपये के लगभग खर्च कर रही है। इसके बावजूद भी सफाई व्यवस्था बेहतर नहीं हो रही। शहर के मुख्य मार्ग पुराना बस अड्डा, जेडी सेवन रोड, हुड्डा मार्ग, पटियाला चौक के पास, कृषि विभाग कार्यालय के नजदीक, सब्जी मंडी के पास बड़े-बड़े कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इनको उठवाने के लिए नप के कर्मचारी व अधिकारी गंभीर नहीं हैं। इसमें लाखों रुपये महीने के लेने के बावजूद सफाई ठेकेदार भी रुचि नहीं दिखा रहा। अगर नप के अधिकारी इसको लेकर गंभीर हो जाए तो शहर को अच्छी रैंकिंग मिल सकती है। शहर को अगर स्वच्छता रैंकिंग अच्छी मिले तो इसके लिए अलग से बजट का प्रावधान भी है। अब नप को गंभीर हाेने की जरूरत है। इसके विपरित शहर को स्वच्छ दिखाने के लिए नप के कर्मचारियों ने सड़कों के मुख्य डिवाइडरों की सफाई और दुकानदारों को जागरूक तो किया जा रहा है, लेकिन सफाई के मुख्य कार्य पर ध्यान नहीं होने के कारण हर साल पिछड़ रहा है।
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सलाह... स्वच्छता रैंकिग बढ़ाने के लिए ये काम करें
-शहर में स्वच्छता को बढ़ाने के लिए बेहतर शौचालय बनाए जाएं
-लोगों को डोर टू डोर सूखा व गीला कचरा अलग करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए
-शहर में खुले में कचरा डालने वाले प्वाइंटों को खत्म किया जाए
-रात्रि सफाई अभियान चलाया जाए
-शहर के सुंदरीकरण के लिए लाइट व फिनिशिंग का कार्य करवाया जाए
-हर गली व चौक पर सफाई कर्मियों व कूड़ा उठाने वाले ठेकेदार के कर्मियों के नंबर चश्पा किए जाएं।
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चिंता... आबादी के अनुसार नहीं सफाईकर्मी
शहर की आबादी के अनुसार सफाई कर्मियों की संख्या बेहद कम है। इसमें 400 की आबादी पर एक सफाई कर्मचारी की जरूरत होती है। फिलहाल शहर में 200 से भी कम सफाई कर्मचारी हैं। इसके कारण शहर की सफाई सही से नहीं हो पा रही।
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सराहनीय... सामाजिक संस्थाएं भी कर रहीं स्वच्छता रैंकिंग को बढ़ाने का प्रयास
शहर की सामाजिक संस्था सेव शहर को सुंदर बनाने के लिए लगभग 10 वर्ष से काम कर रही है, ताकि शहर की रैंकिंग बेहतर बने। इसके लिए लोगों को जागरूक करने से लेकर खुद सफाई अभियान प्रत्येक शनिवार को चलाया जा रहा है। इसमें लगभग 40 से ज्यादा संस्था के लोग जुड़कर दुकानदारों व काॅलोनीवासियों को जागरूक कर रहे हैं।

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शहर को सुंदर बनाने के लिए नगर परिषद लगातार काम कर रही है। इसके लिए शहर के डिवाइडरों की सफाई, कचरे को डंपिंग पाॅइंट से प्रतिदिन उठाया जा रहा है। लोगों को जागरूक करने व पेड़-पौधों की सड़कों के किनारे से छंटाई का काम किया जा रहा है। इसके बावजूद अगर कहीं गंदगी है तो उसको भी उठवाया जाएगा।
-अनिल नैन, सीएसआई, नगर परिषद।

08जेएनडी15: पुराने बस अड्डे पर लगा गंदगी का ढेर। संवाद

08जेएनडी15: पुराने बस अड्डे पर लगा गंदगी का ढेर। संवाद

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