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Jind News: स्ट्रीट लाइटें बंद, विभाग अनजान, खतरे में जान
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23जेएनडी19: शहर के बस अड्डे के सामने नेशनल हाइवे पर बंद पड़ी लाइट। संवाद23जेएनडी19: शहर के बस
जींद। शहर के नए बस स्टैंड के सामने नेशनल हाईवे पर लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। शाम होते ही पूरे इलाके में अंधेरा छा जाता है। इस कारण पैदल व वाहन चालकों को रात के समय परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी अब तक विभाग ने लाइटों को दुरुस्त कराने की दिशा में कदम नहीं उठाया।
गोहाना रोड से लेकर सफीदों बाईपास तक एक भी लाइट न जलने के कारण क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहता है। रात को कोहरे में दृश्यता घटने और सड़क पर रोशनी न होने की वजह से वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है। यह समस्या पिछले कई महीनों से बनी हुई है।
नई बस स्टैंड का क्षेत्र शहर का व्यस्ततम इलाका माना जाता है। रातभर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। अंधेरा सिर्फ वाहन चालकों के लिए ही नहीं बल्कि पैदल चलने वाले राहगीरों और आसपास के निवासियों के लिए भी खतरा बढ़ा रहा है।
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स्ट्रीट लाइटें बंद होने के कारण सबसे अधिक परेशानी ट्रक, बस और कार चालकों को हो रही है। स्मॉग के कारण दृश्यता कम होती है। ऐसे में सड़क पर लाइट न होने से कई बार बेसहारा पशु गाड़ियों के नजदीक आने पर ही नजर आते हैं और हादसे का डर रहता है। नेशनल हाइवे पर पर बेसहारा पशुओं का जमावड़ा भी गंभीर समस्या बना हुआ है। चालक वाहन तेज रफ्तार में चलते हैं और रोशनी न होने से हादसे होने की आशंका रहती है।
शिकायत के बाद भी विभाग अनजान
बस अड्डा स्थिति दुकानदारों ने बताया कि एनचआई को कई बार लाइटें चालू करवाने के लिए शिकायत भी दी है लेकिन विभाग ने इनकी कोई सुध नही ली है। रात के समय पूरा इलाका अंधेरे में हो जाता है। ग्राहक भी आने से डरते हैं। लाइटें बंद होने से चोरी की घटनाओं की आशंका रहती है।रात के समय में बस स्टैंड से सफर करने वाले यात्री परेशान हैं। कई यात्री रात को बस से उतरकर सड़क पार करने में डरते हैं। यदि लाइट ठीक नहीं करवाई गईं तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
बस अड्डे के सामने जो लाइट बंद हैं। उनको ठीक करवाने के लिए एनएचआई के अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे ताकि वाहन चालकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। -मोहम्मद इमरान रजा डीसी जींद।
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गोहाना रोड से लेकर सफीदों बाईपास तक एक भी लाइट न जलने के कारण क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहता है। रात को कोहरे में दृश्यता घटने और सड़क पर रोशनी न होने की वजह से वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है। यह समस्या पिछले कई महीनों से बनी हुई है।
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नई बस स्टैंड का क्षेत्र शहर का व्यस्ततम इलाका माना जाता है। रातभर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। अंधेरा सिर्फ वाहन चालकों के लिए ही नहीं बल्कि पैदल चलने वाले राहगीरों और आसपास के निवासियों के लिए भी खतरा बढ़ा रहा है।
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स्ट्रीट लाइटें बंद होने के कारण सबसे अधिक परेशानी ट्रक, बस और कार चालकों को हो रही है। स्मॉग के कारण दृश्यता कम होती है। ऐसे में सड़क पर लाइट न होने से कई बार बेसहारा पशु गाड़ियों के नजदीक आने पर ही नजर आते हैं और हादसे का डर रहता है। नेशनल हाइवे पर पर बेसहारा पशुओं का जमावड़ा भी गंभीर समस्या बना हुआ है। चालक वाहन तेज रफ्तार में चलते हैं और रोशनी न होने से हादसे होने की आशंका रहती है।
शिकायत के बाद भी विभाग अनजान
बस अड्डा स्थिति दुकानदारों ने बताया कि एनचआई को कई बार लाइटें चालू करवाने के लिए शिकायत भी दी है लेकिन विभाग ने इनकी कोई सुध नही ली है। रात के समय पूरा इलाका अंधेरे में हो जाता है। ग्राहक भी आने से डरते हैं। लाइटें बंद होने से चोरी की घटनाओं की आशंका रहती है।रात के समय में बस स्टैंड से सफर करने वाले यात्री परेशान हैं। कई यात्री रात को बस से उतरकर सड़क पार करने में डरते हैं। यदि लाइट ठीक नहीं करवाई गईं तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
बस अड्डे के सामने जो लाइट बंद हैं। उनको ठीक करवाने के लिए एनएचआई के अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे ताकि वाहन चालकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। -मोहम्मद इमरान रजा डीसी जींद।