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Jind News: बूंदाबांदी ने बढ़ाई किसानों की टेंशन, खेत में खड़ी फसल और मंडी में खुले में पड़ा धान

Fri, 30 Oct 2026 12:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2026 12:18 AM IST
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Light rain has increased anxiety for farmers, with standing crops in the fields and harvested paddy lying in the open at the market (mandi).
29जेएनडी08: जींद अनाजमंडी में तिरपाल ढककर धान को भीगने से बचाने का किया गया प्रयास। संवाद
जींद। जिले में दो लाख एकड़ में धान की कटाई अभी बाकी है जबकि मंडियों में खरीदे जा चुके करीब 11 लाख क्विंटल धान का उठान लंबित है। वीरवार सुबह पूर्वाई हवा के साथ हुई बूंदाबांदी और छाए बादलों ने किसानों की टेंशन बढ़ा दी है।
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मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो दिन भी बूंदाबांदी के आसार हैं। बारिश होने पर फसल की कटाई और मंडियों तक पहुंचाने का काम प्रभावित हो सकता है।
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जिले की अनाज मंडियों में अब तक करीब 22 लाख क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 15 लाख क्विंटल की खरीद हुई है, जबकि करीब 11 लाख क्विंटल का उठान बाकी है। किसानों को अब तक 252 करोड़ रुपये का भुगतान मिला है। मंडियों में लाखों क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे या तिरपाल के सहारे रखा है। उठान समय पर न होने से जगह की समस्या है और बारिश में फसल भीगने का खतरा बढ़ रहा है।
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किसानों को फसल खराब होने के साथ बिक्री और भुगतान में देरी की चिंता भी है। वीरवार को जिले में अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दोनों में एक-एक डिग्री की गिरावट आई। हवा की गति 10 किमी प्रति घंटा और नमी 42 प्रतिशत रही।
खेतों में खड़ी फसल का डर
मंडी में आए किसान मनजीत, नरेश, अशोक और जिलेसिंह ने बताया कि करीब दो लाख एकड़ में फसल खेतों में खड़ी है। किसान जल्द कटाई कर फसल मंडियों तक पहुंचाना चाहते हैं लेकिन मौसम साथ नहीं दे रहा। तेज बारिश हुई तो खेतों में पानी भरने या फसल गिरने से कटाई में देरी होगी और उत्पादन व गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है। किसानों के सामने मौसम साफ होने तक रुकने या जल्द कटाई निपटाने की चुनौती है।
10 दिन पुराने धान का भी उठान नहीं
जींद और नरवाना मंडियों में करीब 10 दिन पहले खरीदे गए धान का भी उठान नहीं हुआ है। इससे भुगतान में देरी हो रही है। किसानों का कहना है कि जब तक उठान और भुगतान पूरा नहीं होता, अगली फसल की तैयारी और घरेलू खर्चों में दिक्कत आएगी।
चार दिन से नहीं बिका धान
किसान मनजीत ने बताया कि मंडी में धान को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल ढकी जा रही हैं लेकिन तेज बारिश में पूरी सुरक्षा चुनौतीपूर्ण होगी। वह चार दिन पहले धान लेकर मंडी आए थे अब तक नहीं बिका।

वर्जन
मंडी में पूर्वानुमान को देखते हुए अलर्ट कर दिया गया था। सभी आढ़तियों को धान ढकने के निर्देश दिए गए हैं। खरीद एजेंसियों को उठान तेज करने के लिए पत्र लिखा जा चुका है। बारिश से बचाव की तैयारियां करवाई गई हैं और किसानों की फसल को भीगने नहीं दिया जाएगा। -संजीव कुमार सचिव मार्केट कमेटी जींद।

फोटो कैपन
29जेएनडी08: जींद अनाजमंडी में तिरपाल ढककर धान को भीगने से बचाने का किया गया प्रयास। संवाद
29जेएनडी09: मनजीत किसान।
29जेएनडी10: आसमान में छाए बादल। संवाद

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29जेएनडी08: जींद अनाजमंडी में तिरपाल ढककर धान को भीगने से बचाने का किया गया प्रयास। संवाद

29जेएनडी08: जींद अनाजमंडी में तिरपाल ढककर धान को भीगने से बचाने का किया गया प्रयास। संवाद

29जेएनडी08: जींद अनाजमंडी में तिरपाल ढककर धान को भीगने से बचाने का किया गया प्रयास। संवाद

29जेएनडी08: जींद अनाजमंडी में तिरपाल ढककर धान को भीगने से बचाने का किया गया प्रयास। संवाद

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