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Jind: जींद के करीब 42 छात्र फंसे बिश्केक में, पांच दिन से हॉस्टलों में बंद, बाहर निकलने पर हो रही हिंसा
Wed, 22 May 2024 11:15 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 22 May 2024 11:15 PM IST
सार
Kyrgyzstan Violence: बिश्केक में जींद के करीब 42 छात्र फंसे हैं, परिजनों ने सरकार से बच्चों की सुरक्षा की गुहार लगाई है। पाकिस्तानी छात्रों और स्थानीय लोगों में विवाद के बाद भारतीय छात्रों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
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हिंसा में हुई मारपीट के बाद शरीर पर चोट के निशान दिखाता एक विद्यार्थी।
- फोटो : संवाद
विस्तार
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में हुई हिंसा के बाद पिछले पांच दिनों से भारतीय छात्र हॉस्टलों में बंद हैं। हॉस्टल से बाहर निकलते ही स्थानीय लोग उनके साथ मारपीट कर रहे हैं। जींद जिले के करीब 42 छात्र इस समय बिश्केक में फंसे हुए हैं। वहां से छात्रों ने हिंसा की जो तस्वीरें भेजी हैं, वह देखकर परिजन सहमे हुए हैं। उन्होंने सरकार से रोते-बिलखते बच्चों की सकुशल भारत वापसी की गुहार लगाई है।
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जींद जिले के सफीदों, उचाना, जुलाना, नरवाना से बड़ी संख्या में छात्र किर्गिस्तान के बिश्केक में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। शहर में शैक्षणिक सलाहकार डॉ. कॉमिनी आसरी ने बताया है कि हिंसा के बाद उन्होंने इन विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर एंबेसी से लेकर वहां के विश्वविद्यालय के डीन से भी बात की है।
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इसके बाद हॉस्टल में विद्यार्थियों के खाने की व्यवस्था हो सकी। इससे पहले तक छात्रों को खाना तक नसीब नहीं हो रहा था। इस मामले में मंगलवार को जींद में छात्रों के परिजनों ने लघु सचिवालय में डीसी के जरिए प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर छात्रों की सुरक्षा की मांग की थी।
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क्या है मामला
पाकिस्तान के छात्रों का वहां के स्थानीय विद्यार्थियों से विवाद हुआ था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने हाॅस्टल में घुसकर पाकिस्तानी और भारतीय छात्रों पर हमला किया। इसमें पाकिस्तान और भारतीयों को भयंकर हिंसा का सामना करना पड़ा। इसके बाद पाकिस्तान की एंबेसी ने वहां के विद्यार्थियों को वापस बुला लिया। भारतीय विद्यार्थी अब भी वहां फंसे हुए हैं। इन विद्यार्थियों को पिछले पांच दिन से बंधकों की तरह हॉस्टल में ही रहना पड़ रहा है।
छात्रों ने भेजी घायलों की फोटो, परिजनों की सांसें अटकी
भिवानी रोड निवासी एक युवक ने बताया कि उसका छोटा भाई वहां रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। वहां पर हुई हिंसा में इन विद्यार्थियों पर बुरी तरह से हमला किया गया। उन्होंने वहां के फोटो भेजकर हालात दिखाए हैं। इसमें किसी विद्यार्थी के हाथ तो किसी के सिर व किसी की कमर में गहरे जख्म के निशान हैं। विद्यार्थी अपने आप को बचाने के लिए एक साथ हास्टल में बंधकों की तरह बंद हैं। अभिभावकों ने बताया है कि पिछले दो दिन से कुछ हद तक शांति बनी हुई है। वहां की पुलिस व अन्य फोर्स उनकी सुरक्षा के लिए मुस्तैद है, लेकिन उनके हॉस्टल व अन्य स्थानों से बाहर निकलने पर पाबंदी है।
विश्वविद्यालय से मांग रहे सुरक्षा की गारंटी
छात्राें के परिजनों ने यूनिवर्सिटी के डीन और वहां की सरकार से सुरक्षा की मांग की है। परिजनों की मांग है कि अगर विद्यार्थियों को सुरक्षा देने में सरकार असमर्थ है तो भारतीय दूतावास से बात कर विद्यार्थियों को वापस स्वदेश सुरक्षित पहुंचाया जाए।
बम की अफवाह पर एयरपोर्ट से लौटै छात्र
भारतीय समय के अनुसार बुधवार दोपहर काफी संख्या में भारतीय छात्र भारत आने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे। एक विद्यार्थी ने फोन कर बताया कि जब वह लोग एयरपोर्ट पहुंचे तो यहां पर बम होने की अफवाह फैल गई। इस कारण वहां पर भगदड़ मच गई और वह वापस लौट आए। अब पता नहीं कब उनको अपने घर आने का मौका मिलेगा।