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खाप पंचायतें विधायकों से सरकार से समर्थन वापस लेने की करेंगी मांग, साध देने पर करेंगी विरोध
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जाट धर्मशाला में खाप पंचायत को संबोधित करते सूबे सिंह समैण। अमर उजाला
- फोटो : Jind
प्रदेश सरकार के साथ खड़े विधायकों के पास जाकर सरकार से समर्थन वापस लेने की मांग की जाएगी। इसके बाद भी यदि विधायक सरकार के साथ बने रहे तो उनका विरोध किया जाएगा। यह फैसला स्थानी जाट धर्मशाला में मंगलवार को प्रदेश की 40 खाप पंचायतों की हुई बैठक में लिया गया।
खाप नेताओं ने साफ किया कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होंगी आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही एलान किया कि यदि आंदोलन कर रहे किसानों पर किसी भी प्रकार का बल प्रयोग किया गया तो प्रदेश में आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक चहल खाप के प्रदेश उपाध्यक्ष सूरजमल चहर के नेतृत्व में हुई। बैठक में सर्वखाप पंचायत के प्रवक्ता सूबे सिंह समैण, मलिक खाप के अशोक मलिक, श्योराण खाप के विजयपाल आर्य, बिनैन खाप के महामंत्री रघुबीर नैन, दाडन खाप के सूरजभान, कंडेला खाप के ईश्वर कंडेला, माजरा खाप के विजेंद्र व किनाना बारहा के ओम सिंह सांगवान सहित अन्य खाप नेता मौजूद रहे।
ईश्वर कंडेला ने कहा कि यदि नए कानून बने रहे तो आने वाली पीढ़ियां कभी माफ नहीं करेंगी। उन्होंने कंडेला आंदोलन की याद दिलवाते हुए कहा कि छह महीने तक सड़क बंद रखी गई थी। तत्कानी मुख्यमंत्री को भी रास्ता बदल कर जाना पड़ा था। ऐसे में किसानों को एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वे पिछले 50 वर्ष से किसान आंदोलन से जुड़े हैं, लेकिन कभी भी ऐसा नहीं देखा कि सरकार ने खुद सड़क खुदवा दी हो।
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किसानों की तुलना आतंकवादियों से करने पर जताया रोष
इस दौरान तलोडा गांव के सरपंच मदन लाल ने कहा कि सरकार के वरिष्ठ लोगों ने पंजाब के किसानों की तुलाना आतंकवादियों और खालिस्तानियों से की है। यह सही नहीं है। उन्होंने पंचायत में इसका निंदा प्रस्ताव पेश किया, जिसका सभी ने समर्थन किया।
पंजाब के किसानों ने निकाला भय
पंचायत में सर्व खाप के सूबे सिंह समैण ने कहा कि 2016 में हुए जाट आरक्षण के बाद हरियाणा के लोग डरे हुए थे, लेकिन पंजाब के किसानों ने अब डर निकाल दिया है। ऐसे में हर गांव से किसानों को चाहिए कि वे दिल्ली पहुंच कर आंदोलन को मजबूत करें।
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खाप नेताओं ने साफ किया कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होंगी आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही एलान किया कि यदि आंदोलन कर रहे किसानों पर किसी भी प्रकार का बल प्रयोग किया गया तो प्रदेश में आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक चहल खाप के प्रदेश उपाध्यक्ष सूरजमल चहर के नेतृत्व में हुई। बैठक में सर्वखाप पंचायत के प्रवक्ता सूबे सिंह समैण, मलिक खाप के अशोक मलिक, श्योराण खाप के विजयपाल आर्य, बिनैन खाप के महामंत्री रघुबीर नैन, दाडन खाप के सूरजभान, कंडेला खाप के ईश्वर कंडेला, माजरा खाप के विजेंद्र व किनाना बारहा के ओम सिंह सांगवान सहित अन्य खाप नेता मौजूद रहे।
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ईश्वर कंडेला ने कहा कि यदि नए कानून बने रहे तो आने वाली पीढ़ियां कभी माफ नहीं करेंगी। उन्होंने कंडेला आंदोलन की याद दिलवाते हुए कहा कि छह महीने तक सड़क बंद रखी गई थी। तत्कानी मुख्यमंत्री को भी रास्ता बदल कर जाना पड़ा था। ऐसे में किसानों को एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वे पिछले 50 वर्ष से किसान आंदोलन से जुड़े हैं, लेकिन कभी भी ऐसा नहीं देखा कि सरकार ने खुद सड़क खुदवा दी हो।
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किसानों की तुलना आतंकवादियों से करने पर जताया रोष
इस दौरान तलोडा गांव के सरपंच मदन लाल ने कहा कि सरकार के वरिष्ठ लोगों ने पंजाब के किसानों की तुलाना आतंकवादियों और खालिस्तानियों से की है। यह सही नहीं है। उन्होंने पंचायत में इसका निंदा प्रस्ताव पेश किया, जिसका सभी ने समर्थन किया।
पंजाब के किसानों ने निकाला भय
पंचायत में सर्व खाप के सूबे सिंह समैण ने कहा कि 2016 में हुए जाट आरक्षण के बाद हरियाणा के लोग डरे हुए थे, लेकिन पंजाब के किसानों ने अब डर निकाल दिया है। ऐसे में हर गांव से किसानों को चाहिए कि वे दिल्ली पहुंच कर आंदोलन को मजबूत करें।