फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Khap Panchayat could not decide in the dispute between Bajrang Punia and Vikas Kaliraman

Jind News: बजरंग पूनिया और विकास कालीरमण के विवाद में फैसला नहीं कर सकी खाप पंचायत

Fri, 25 Aug 2023 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Fri, 25 Aug 2023 12:04 AM IST
विज्ञापन
Khap Panchayat could not decide in the dispute between Bajrang Punia and Vikas Kaliraman
24जेएनडी18: खाप पंचायत में मौजूद पहलवान बजरंग पूनिया।
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

जींद। बिना ट्रायल एशियाड के लिए 65 किलोग्राम भार वर्ग में बजरंग पूनिया का नाम भेजने पर विकास कालीरमण का विरोध अब खाप पंचायत में पहुंच गया है। इस मामले में मध्यस्थता के लिए 360 पालम खाप के प्रधान रामकुमार सोलंकी की अध्यक्षता में वीरवार को यहां जाट धर्मशाला में खाप चौधरियों की बैठक में कोई फैसला नहीं हो सका। बैठक में बजरंग पूनिया और विकास कालीरमण भी मौजूद रहे।
बैठक में बजरंग पूनिया ने अपने समर्थक जाट नेताओं को न देखकर बैठक टालने का अनुरोध किया। इस पर खाप चौधरियों ने जींद की दोबारा जाट धर्मशाला में ही दस सितंबर को पंचायत में फैसला करने का ऐलान कर दिया। उस बैठक में बजरंग खुद उपस्थित नहीं होंगे। उनकी जगह उनके पिता और भाई आदि उनका पक्ष रखेंगे। उस समय पूनिया प्रशिक्षण के लिए विदेश में होंगे।
विज्ञापन

पहलवान विशाल कालीरमण ने कहा कि उनका चयन कुश्ती की पांच ट्रायल पास करने के बाद भी नहीं हुआ, जबकि बजरंग पूनिया को बिना ट्रायल ही एशियाड में भेजा जा रहा है। उनको इसमें स्टैंड बाई के तौर पर रखा गया है। कालीरमण ने चयन को अदालत में चुनौती दी है। विकास कालीरमण दिल्ली में हुई एशियाई कुश्ती में वर्ष 2018 में सिल्वर पदक जीत चुके हैं जबकि वर्ल्ड रैंकिंग में उनको ब्रांज मेडल मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दोनों पहलवानों के बीच विवाद का समाधान करवाने के लिए जुटी पंचायत में एक दर्जन से ज्यादा खाप चौधरी शामिल हुए। इसमें कुछ खाप चौधरियों ने तो दोनों पहलवानों की कुश्ती करवाकर विजेता को एशियाड में जाने पर सहमति दी तो कुछ ने इसमें देश का नाम रोशन करने के लिए जो बेहतर हो, उसका समर्थन करने की बात कही। देर तक चर्चा के बावजूद खाप चौधरी किसी फैसले पर नहीं पहुंच सके।
आंदोलन के दौरान मिले खाप के चेहरे नहीं दिखे-बजरंग
खाप पंचायत में उस समय अजीब स्थिति बन गई जब बजरंग पूनिया ने अपने समर्थक चेहरे न दिखने की बात कह दी। वह एक तरफ तो खाप चौधरियों के हर फैसले को मंजूर करने की बात करते रहे, लेकिन मंच पर आकर उन्होंने कहा कि इस पंचायत में वह चेहरे नहीं दिखाई दे रहे जो उनको आंदोलन के दौरान मिले थे। उन्होंने सभी खाप चौधरियों को पंचायत में बुलाने की मांग रख दी। इस बात को लेकर वहां मौजूद कई चौधरियों ने नाराजगी भी जताई और कहा कि इससे साफ है कि बजरंग पूनिया को उन पर पर विश्वास ही नहीं है।
आगामी तारीख के ऐलान से पहले ही पंचायत से चले गए पूनिया
एक तरफ खाप चौधरी विवाद समाप्त कराने पर फैसला लेने के लिए बंद कमरे में बैठक कर रहे थे, तो दूसरी ओर उनके बाहर आने से पहले ही बजरंग पूनिया वहां से जा चुके थे। इसके बाद खाप चौधरियों ने दस सितंबर को दोबारा पंचायत करने का निर्णय सुनाया। हालांकि पूनिया ने खाप पंचायत की हर बात स्वीकार करने की सहमति जरूर दी।

कुछ खापों ने कहा- फैसला फेडरेशन करे
भनवाला खाप के प्रवक्ता किताब सिंह भनवाला, माजरा खाप के प्रवक्ता समुंदर सिंह फोर और सूबे सिंह समैण ने कहा कि इस प्रकार के फैसले खुद खिलाड़ियों को करने चाहिए या फिर फेडरेशन करे। खाप पंचायतों के अलग काम होते हैं। फोर व भनवाला ने कहा कि कुछ लोग इसका राजनीतिक लाभ उठा रहे हैं। खापों का इस प्रकार के फैसलों से कोई संबंध नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed