जींद। शिव कॉलोनी स्थित अक्षर भवन में जनवादी लेखक संघ की ओर से विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें संत कबीर का सामाजिक चिंतन विषय पर डॉ. कपिल भारद्वाज ने वक्तव्य प्रस्तुत किया।
गोष्ठी की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राममेहर सिंह खर्ब और संचालन जिला सचिव मंगतराम शास्त्री ने किया। मुख्य वक्ता ने कहा कि संत कबीर के सामाजिक चिंतन पर महात्मा बुद्ध से लेकर सूफी संतों का प्रभाव दिखाई देता है। कबीर अपने समय के क्रांतिकारी जनकवि व सच्चे समाज सुधारक थे। कबीर ने धर्म के पाखंड और दिखावे को खारिज करते हुए आचरण गत धर्म की वकालत की और बाह्य आवरणों का खंडन किया। राममेहर सिंह ने कहा कि गोष्ठी में वेद प्रकाश धवन ने लोग धन से अमीर होते हैं घर छोड़कर फकीर होते हैं। सुनील कुमार सैनी ने थक कर सो जाती है हारी सी जिंदगी, कविता पढ़ी। चमन लाल ने कहा कि कबीर दास अपने दौर के उच्च कोटि के विचारक थे। मौके पर सोहनदास, वेदप्रकाश धवन, सुनील सैनी, एडवोकेट वीरेंद्र जांगड़ा, रामफल दहिया, सुमेर सिंह, डॉ. मुरारी लाल, प्रवेश, चमनलाल, आजाद पांचाल, राजकुमार श्योकंद और रामफल दलाल आदि मौजूद रहे।