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बाल श्रम के खिलाफ समाज और प्रशासन की संयुक्त पहल जरूरी : अमित सिहाग
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12जेएनडी05: विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर गैर सरकारी संगठन एमडीडी ऑफ इंडिया और जिला विधिक सेवा प
जींद। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर गैर सरकारी संगठन एमडीडी ऑफ इंडिया और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से संयुक्त रूप से एडीआर केंद्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमित सिहाग मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
अमित सिहाग ने कहा कि बाल श्रम समाज पर एक कलंक है और इसके पूर्ण उन्मूलन के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संविधान में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए अनेक कानून बनाए गए हैं लेकिन इनका प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है जब समाज भी जागरूक होकर आगे आए।
उन्होंने कहा कि आर्थिक मजबूरी के कारण कई बच्चे बाल श्रम करने को विवश होते हैं इसलिए ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
जिला समन्वयक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि एमडीडी ऑफ इंडिया हरियाणा के 14 जिलों में बाल श्रम और बाल विवाह के खिलाफ कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 22 महीनों में संगठन ने मानव तस्कर विरोधी इकाई के साथ मिलकर जींद जिले में 200 से अधिक अभियान चलाए और 374 बच्चों को बाल श्रम एवं भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया। इनमें 129 बच्चों को दुकानों व रेहड़ियों से, 155 बच्चों को कूड़ा बीनने के कार्य से और 90 बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया गया।
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कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि ने सभी नागरिकों से पौधारोपण कर उसकी देखभाल करने का भी आह्वान किया। इस अवसर पर बाल अधिकारों से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी, अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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अमित सिहाग ने कहा कि बाल श्रम समाज पर एक कलंक है और इसके पूर्ण उन्मूलन के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संविधान में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए अनेक कानून बनाए गए हैं लेकिन इनका प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है जब समाज भी जागरूक होकर आगे आए।
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उन्होंने कहा कि आर्थिक मजबूरी के कारण कई बच्चे बाल श्रम करने को विवश होते हैं इसलिए ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
जिला समन्वयक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि एमडीडी ऑफ इंडिया हरियाणा के 14 जिलों में बाल श्रम और बाल विवाह के खिलाफ कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 22 महीनों में संगठन ने मानव तस्कर विरोधी इकाई के साथ मिलकर जींद जिले में 200 से अधिक अभियान चलाए और 374 बच्चों को बाल श्रम एवं भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया। इनमें 129 बच्चों को दुकानों व रेहड़ियों से, 155 बच्चों को कूड़ा बीनने के कार्य से और 90 बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया गया।
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कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि ने सभी नागरिकों से पौधारोपण कर उसकी देखभाल करने का भी आह्वान किया। इस अवसर पर बाल अधिकारों से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी, अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।