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स्कूल अपग्रेड की मांग, छात्राओं ने जड़ा ताला, चार घंटे बाद खोला
अमर उजाला ब्यूरो जींद
Updated Tue, 30 May 2017 11:51 PM IST
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खरकभूरा गांव के राजकीय हाई स्कूल को अपग्रेड करने की मांग को लेकर स्कूल गेट पर ताला जड़ प्रदर्शन करते हुए छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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स्कूल को अपग्रेड करने की मांग को लेकर खरकभूरा गांव में राजकीय हाई स्कूल छात्राओं ने सुबह सात बजे स्कूल गेट पर ताला जड़ दिया। गर्मियों की छुट्टी के दौरान स्कूल को अपग्रेड करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। स्कूल गेट पर ताला लगाने की जानकारी मिलने के बाद थाना प्रभारी राजकुमार पहुंचे।
छात्राएं थाना प्रभारी के समझाने पर भी ताला खोलने को तैयार नहीं हुईं। नायब तहसीलदार होशियार सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी आरके अहलावत ने मांग को उच्च अधिकारियों को अपग्रेड स्कूल करने के लिए फाइल बनाकर भेजने के आश्वासन के बाद छात्राओं ने चार घंटे बाद ताला खोला।
ताला खुलवाने के लिए पहुंचे थाना प्रभारी से छात्राओं ने कहा कि सर 10वीं कक्षा के बाद अभिभावक पढ़ने के लिए शहर नहीं भेजते हैं। गांव में सीनियर सेकेंडरी का स्कूल बन जाए तो उनके आगे पढ़ने का सपना पूरा हो जाएगा। 10वीं के बाद पढ़ने को मन होता है, लेकिन घर वाले नहीं भेजते है। सुबह छात्राओं के गेट पर ताला लगाने के बाद जब स्टाफ अंदर जाने लगा तो छात्राओं ने ताला खोलने से मना कर दिया। स्कूल के बाहर ही स्टाफ को बैठना पड़ा। छात्राओं ने बताया कि इस बार स्कूल का 10वीं कक्षा का रिजल्ट भी बेहतर नहीं आया है। यहां पर 44 छात्राओं ने परीक्षा दी थी। इसमें से मात्र 13 ही पास हो पाई हैं।
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छात्राएं थाना प्रभारी के समझाने पर भी ताला खोलने को तैयार नहीं हुईं। नायब तहसीलदार होशियार सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी आरके अहलावत ने मांग को उच्च अधिकारियों को अपग्रेड स्कूल करने के लिए फाइल बनाकर भेजने के आश्वासन के बाद छात्राओं ने चार घंटे बाद ताला खोला।
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ताला खुलवाने के लिए पहुंचे थाना प्रभारी से छात्राओं ने कहा कि सर 10वीं कक्षा के बाद अभिभावक पढ़ने के लिए शहर नहीं भेजते हैं। गांव में सीनियर सेकेंडरी का स्कूल बन जाए तो उनके आगे पढ़ने का सपना पूरा हो जाएगा। 10वीं के बाद पढ़ने को मन होता है, लेकिन घर वाले नहीं भेजते है। सुबह छात्राओं के गेट पर ताला लगाने के बाद जब स्टाफ अंदर जाने लगा तो छात्राओं ने ताला खोलने से मना कर दिया। स्कूल के बाहर ही स्टाफ को बैठना पड़ा। छात्राओं ने बताया कि इस बार स्कूल का 10वीं कक्षा का रिजल्ट भी बेहतर नहीं आया है। यहां पर 44 छात्राओं ने परीक्षा दी थी। इसमें से मात्र 13 ही पास हो पाई हैं।
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