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Jind News: जैव ईंधन से स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ रहा जींद, हाइड्रोजन ट्रेन ने बढ़ाई उम्मीद

Mon, 10 Aug 2026 01:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2026 01:06 AM IST
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Jind is moving towards clean energy from biofuels, hydrogen train raises hopes
09जेएनडी27: राकेश बंसल।
जींद। कभी पेट्रोल-डीजल पर निर्भर रहने वाला जींद जिला अब धीरे-धीरे स्वच्छ ईंधन और हरित परिवहन की ओर बढ़ रहा है। जिले में 20 हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। करीब 20 हजार वाहन सीएनजी से चल रहे हैं और पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण भी 20 फीसदी तक पहुंच गया है। जुलाई में जींद-सोनीपत रेलखंड पर देश की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन की शुरुआत ने भी जिले को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान दी है।
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विश्व जैव ईंधन दिवस 10 अगस्त को मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य जीवाश्म ईंधन के विकल्प के रूप में जैव ईंधन के इस्तेमाल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। जींद भी अब धीरे-धीरे स्वच्छ ईंधन और हरित परिवहन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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जींद-सोनीपत रेलखंड पर चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेन हाइड्रोजन ईंधन सेल तकनीक पर आधारित है। इसके संचालन से पारंपरिक डीजल के विकल्प के तौर पर स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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वहीं, जिले में सीएनजी परिवहन का नेटवर्क भी लगातार मजबूत हो रहा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड के अनुसार जिले में एचपी के करीब 50 पंपों पर सीएनजी सुविधा उपलब्ध है। जुलाई में प्रधानमंत्री के जींद कार्यक्रम के दौरान भी डीजल वाहनों की जगह सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दी गई थी।
जैव ईंधन से प्रदूषण और कच्चे तेल पर निर्भरता घटाने की उम्मीद
जैव ईंधन में बायोएथेनॉल, बायोडीजल, बायो-सीएनजी और उन्नत जैव ईंधन शामिल हैं। कृषि अवशेष, गोबर और अन्य जैविक कचरे से इनका उत्पादन किया जा सकता है। इससे प्रदूषण कम करने के साथ कच्चे तेल पर निर्भरता घटाने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार व आय के नए अवसर पैदा करने में मदद मिल सकती है।
जिले में 20 हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन
जिले में करीब पांच हजार इलेक्ट्रिक ऑटो चल रहे हैं। इसके अलावा 15 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक स्कूटी और बाइक हैं। करीब दो हजार चारपहिया वाहन भी इलेक्ट्रिक श्रेणी में हैं। शहर के होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में ईवी चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए जा रहे हैं। चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार से लोगों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना आसान हो रहा है।


पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण करीब 20 फीसदी तक
पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रधान राकेश बंसल ने बताया कि पहले पेट्रोल में करीब पांच फीसदी एथेनॉल मिलाया जाता था लेकिन अब इसका मिश्रण बढ़कर करीब 20 फीसदी तक पहुंच गया है। वर्ष 2023 के बाद निर्मित वाहनों के इंजन भी एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के अनुरूप तैयार किए जा रहे हैं। जिले में करीब 20 हजार वाहन सीएनजी से चल रहे हैं। सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या, चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार और हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन से संकेत मिल रहे हैं कि जींद का परिवहन क्षेत्र धीरे-धीरे पारंपरिक पेट्रोल-डीजल से स्वच्छ और वैकल्पिक ईंधन की ओर बढ़ रहा है।

09जेएनडी27: राकेश बंसल।

09जेएनडी27: राकेश बंसल।

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