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44 करोड़ की योजना से 18 गांवों की बुझेगी प्यास
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Sun, 14 Aug 2016 12:08 AM IST
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अधिकारियों को संबोधित करते सांसद रमेश कौशिक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जबरदस्त पेयजल किल्लत को झेल रहे जुलाना क्षेत्र के लोगों के लिए अच्छी खबर है। क्षेत्र की प्यास बुझाने के लिए अब करीब 44 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इसके लिए सांसद रमेश कौशिक ने शनिवार को सतर्कता एवं निगरानी कमेटी की मीटिंग में जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए हैं। सांसद ने कहा कि परियोजना को जल्द अधिकारियों तक भिजवाएं, ताकि इस पर जल्दी काम शुरू हो सके।
जुलाना क्षेत्र के गांवों में पेयजल की जबरदस्त किल्लत है। पेयजल के लिए गांवों में जलघर होते हुए भी यहां लोगों के कंठ प्यासे हैं। ऐसे में लोगों की प्यास बुझाने के लिए अब विस्तृत परियोजना पर काम चल रहा है। इसके तहत नहरी पानी गांवों के जलघरों को मुहैया करवाए जाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इस महीने में डीपीआर विभाग के अधिकारियों को भेजी जाएगी।
इन गांवों को होगा लाभ
नई योजना के तहत जनस्वास्थ्य विभाग गांव देवरड़ गांव, देश खेड़ा, राजगढ़, बुवाना, बुराडहर, बराड़ खेड़ा, बहबलपुर, बीबीपुर, ईगराह, ढिगाना, निडाना, शामलो खुर्द, अनूपगढ़, निडानी, पडाना, रधाना और अशरफगढ़ सहित कुल 18 गांव शामिल हैं। इनके जलघरों को पर्याप्त मात्रा में नहरी पानी मुहैया करवाया जाना है।
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सीएम ने की थी घोषणा
दरअसल, परियोजना की घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जुलाना में जनसभा के दौरान की थी। इसके बाद से ही जनस्वास्थ्य विभाग योजना पर काम कर रहा है। अब इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सरकार लोगों को हर सुविधा मुहैया करवाने के लिए प्रयासरत है। ऐसे में जुलाना क्षेत्र में पेयजल के लिए रिपोर्ट भेजने को अधिकारियों को बोला गया है। रिपोर्ट भेजते ही इसे स्वीकार कर काम शुरू करवा दिया जाएगा।
रमेश कौशिक, सांसद
विभाग ने योजना पर पहले से काम शुरू कर रखा है। अभी उसका खाका तैयार है। अब डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर विभाग को इस माह के अंत तक भेज दी जाएगी।
बीपी शर्मा, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग।
50 हजार किसानों ने करवाया फसल बीमा
कार्यक्रम के दौरान सांसद रमेश कौशिक ने कहा कि जींद जिला के 50 हजार किसानों ने अपनी फसलों का बीमा योजना के तहत करवा लिया है। सांसद ने केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई सभी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने मिड-डे-मील योजना और आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के आदेश भी अधिकारियों को दिए।
जुलाना क्षेत्र के गांवों में पेयजल की जबरदस्त किल्लत है। पेयजल के लिए गांवों में जलघर होते हुए भी यहां लोगों के कंठ प्यासे हैं। ऐसे में लोगों की प्यास बुझाने के लिए अब विस्तृत परियोजना पर काम चल रहा है। इसके तहत नहरी पानी गांवों के जलघरों को मुहैया करवाए जाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इस महीने में डीपीआर विभाग के अधिकारियों को भेजी जाएगी।
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इन गांवों को होगा लाभ
नई योजना के तहत जनस्वास्थ्य विभाग गांव देवरड़ गांव, देश खेड़ा, राजगढ़, बुवाना, बुराडहर, बराड़ खेड़ा, बहबलपुर, बीबीपुर, ईगराह, ढिगाना, निडाना, शामलो खुर्द, अनूपगढ़, निडानी, पडाना, रधाना और अशरफगढ़ सहित कुल 18 गांव शामिल हैं। इनके जलघरों को पर्याप्त मात्रा में नहरी पानी मुहैया करवाया जाना है।
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सीएम ने की थी घोषणा
दरअसल, परियोजना की घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जुलाना में जनसभा के दौरान की थी। इसके बाद से ही जनस्वास्थ्य विभाग योजना पर काम कर रहा है। अब इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सरकार लोगों को हर सुविधा मुहैया करवाने के लिए प्रयासरत है। ऐसे में जुलाना क्षेत्र में पेयजल के लिए रिपोर्ट भेजने को अधिकारियों को बोला गया है। रिपोर्ट भेजते ही इसे स्वीकार कर काम शुरू करवा दिया जाएगा।
रमेश कौशिक, सांसद
विभाग ने योजना पर पहले से काम शुरू कर रखा है। अभी उसका खाका तैयार है। अब डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर विभाग को इस माह के अंत तक भेज दी जाएगी।
बीपी शर्मा, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग।
50 हजार किसानों ने करवाया फसल बीमा
कार्यक्रम के दौरान सांसद रमेश कौशिक ने कहा कि जींद जिला के 50 हजार किसानों ने अपनी फसलों का बीमा योजना के तहत करवा लिया है। सांसद ने केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई सभी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने मिड-डे-मील योजना और आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के आदेश भी अधिकारियों को दिए।