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फसलों की सिंचाई के लिए नहीं मिल रहा नहरी पानी : श्योकंद
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Sat, 13 Aug 2016 12:44 AM IST
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धरने पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते किसान।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अखिल भारतीय किसान सभा ने अपनी मांगों को लेकर यहां लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया। इसके बाद मांगों का एक ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा। किसान सभा की तरफ से कहा गया कि यदि समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं हुआ तो किसान सभा सड़कों पर आने को मजबूर हो जाएगी। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान रोहताश नगूरां ने की। धरने को संबोधित करते हुए राज्य उपप्रधान फूल सिंह श्योकंद ने कहा कि टेलों पर पानी पहुंचाने के लिए किसान बार-बार नहरी विभाग के अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ। इसके लिए उपायुक्त को भी शिकायत दी जा चुकी है। मुआना डिस्ट्रीब्यूटरी, शाहपुर माइनर, न्यू दरियावाला फीडर, रामकली माइनर, किनाना माइनर, लुदाना माइनर आदि अनेक टेल हैं, जहां पानी नहीं पहुंच रहा है।
इसके अलावा बरसोला माइनर, चाबरी-भिड़ताना माइनरों में रात को पानी नहीं पहुंचता। इसके अलावा मार्च महीने में जारी कपास का मुआवजा आज तक किसानों को नहीं मिला है। गन्ने की बकाया पेमेंट शुगर मिलों ने अब तक नहीं की है। श्योकंद ने कहा कि फसल बीमा योजना भी किसानों पर जबरदस्ती थोंपी जा रही है। किसानों का जबरदस्ती पैसा काटा जा रहा है। इसके किसान सभी किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं करेगी। एक गांव को इकाई मानने से और प्राइवेट कंपनियों की धांधली से किसानों को कोई फायदा नहीं होगा। किसान सभा ने मांग की कि फसल बीमा योजना के नाम पर किसानों से हो रही लूट को बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने फसल बीमा योजना को बंद नहीं किया तो 24 नवंबर को लोकसभा सत्र के दौरान किसान दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय का घेराव करेंगे। धरने को आजाद सिंह दरियावाला, राजकुमार ललितखेड़ा, चांदरुप जिलेदार ने भी संबोधित किया।
इसके अलावा बरसोला माइनर, चाबरी-भिड़ताना माइनरों में रात को पानी नहीं पहुंचता। इसके अलावा मार्च महीने में जारी कपास का मुआवजा आज तक किसानों को नहीं मिला है। गन्ने की बकाया पेमेंट शुगर मिलों ने अब तक नहीं की है। श्योकंद ने कहा कि फसल बीमा योजना भी किसानों पर जबरदस्ती थोंपी जा रही है। किसानों का जबरदस्ती पैसा काटा जा रहा है। इसके किसान सभी किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं करेगी। एक गांव को इकाई मानने से और प्राइवेट कंपनियों की धांधली से किसानों को कोई फायदा नहीं होगा। किसान सभा ने मांग की कि फसल बीमा योजना के नाम पर किसानों से हो रही लूट को बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने फसल बीमा योजना को बंद नहीं किया तो 24 नवंबर को लोकसभा सत्र के दौरान किसान दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय का घेराव करेंगे। धरने को आजाद सिंह दरियावाला, राजकुमार ललितखेड़ा, चांदरुप जिलेदार ने भी संबोधित किया।
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