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एग्रीकल्चर: मल्टीलेयर फार्मिंग से 10 लाख रुपये सालाना कमा रहे रामनिवास, परंपरागत खेती में कमाते थे प्रतिमाह 8-10 हजार
Mon, 13 Dec 2021 07:54 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 13 Dec 2021 07:54 PM IST
सार
किसान रामनिवास परंपरागत खेती से पहले आठ से दस हजार रुपये प्रति महीना कमाई करता था। वह पिछले दो साल से मल्टीलेयर फार्मिंग कर रहा है।
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बडनपुर गांव में किसान रामनिवास श्योकंद द्वारा की गई मल्टीलेयर फार्मिंग का फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हरियाणा के जींद जिले के गांव बडनपुर निवासी रामनिवास श्योकंद परंपरागत खेती को छोड़कर मल्टीलेकर फार्मिंग से एक लाख रुपये महीना तक की कमाई कर रहे हैं। वह पिछले दो साल से ठेके पर छह एकड़ जमीन लेकर मल्टीलेयर फार्मिंग कर रहे हैं। पहले वह परंपरागत तरीके से खेती करते थे, जिसमें सारा खर्च निकालकर हर महीने केवल आठ से दस हजार रुपये ही आमदनी होती थी।
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इसके बाद उन्होंने मल्टीलेयर फार्मिंग खेती शुरू की। उनका साल भर का कारोबार 18 लाख रुपये से अधिक का होता है। जिसमें से मल्टीलेयर फार्मिंग में साढ़े आठ लाख रुपये तक खर्च आता है। इस प्रकार उन्हें साल भर में दस लाख से अधिक रुपये की बचत हो जाती है। इस समय रामनिवास ने हल्दी के साथ घीया और तोरी उगा रखी है। इसके अलावा प्याज की बिजाई भी शुरू करेंगे।
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उन्होंने कहा कि आसपास के क्षेत्र में हल्दी की कम किसान ही खेती करते हैं। ऐसे में उन्हें हल्दी की खेती से काफी अच्छी आमदनी होती है। इसके अलावा वह मशरूम की खेती भी करते हैं। उन्होंने कहा कि मल्टीलेयर फार्मिंग अच्छी विधि है। इससे खेत की उत्पादन क्षमता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। साथ ही हम जैविक तरीके से अपनी फसलों को उगाकर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
एक ही समय में बहुत ही फसलों को उगाकर हम अच्छी मात्रा में उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं तथा यह लाभदायक सिद्ध होती है। इससे उगाई जाने वाली फसलें भी अच्छी मात्रा में उत्पादन हमें देती है और इसका लागत मूल्य भी उतना अधिक नहीं है।